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Friday, June 17, 2011

"आओ, जी लें" (चर्चा मंच-548)

मित्रों!
प्रस्तुत है शुक्रवार की चर्चा!
सबसे पहले गणेश वन्दना सुनिए!

अब देखिए यह नया ब्लॉग!
अब यह लम्बी अतुकान्त रचना झेलिए!
आज पलकों के सपने में है!
--
101 वीं जयन्ती थी!
"फोटो फीचर-बाबा नागार्जुन"

सदी के जनकवि और साहित्यकार
बाबा नागार्जुन को मैं
उनकी 101वीं जयन्ती पर
कोटि-कोटि नमन करता हूँ!

27 comments:

  1. बढ़िया चर्चा ,आदरणीय नागार्जुन जी को इस अवसर पर नमन ... आभार

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  2. बहुत ही उम्दा चर्चा ......बढ़िया लिनक्स ....आभार

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  3. .

    इस चर्चा को पढ़कर ... ... .
    --
    ऐसी ख़ुशी मिली मुझको
    --
    कि मन प्रसन्न हो गया!

    .

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  4. Adarniy Sir,
    apne charcha manch par meree rachna ko dekar mera jo samman badhaya hai iske liye main abhari hun....vaise bhi is manch par ana aur naye blogers se parichit hona achchha lagta hai.
    shubhkamnayen.
    Hemant

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  5. शास्त्री जी नमस्कार ..
    सुंदर चर्चा से सजा चर्चा मंच ..
    मेरी रचना को स्थान देने के लिए बहुत बहुत आभार आपका ...!!

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  6. भावमयी रचनाओं की भावमयी प्रस्तुति प्रसंसनीय है ,बहुत बहुत बधाई

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  7. बढ़िया लिंक्स से सुसज्जित सुन्दर चर्चा

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  8. आज की "चर्चा-मंच "बहुत अच्छी लगी , बहुत बहुत बधाई !

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  9. BAHUT SUNDER....
    BABA NAAGARJUN KI JAYANTI PAR UNHE BAHUT NAMAN....

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  10. अत्यंत सुन्दर चर्चा! बढ़िया लिंक्स!

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  11. चर्चा में मुझे स्थान देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद!

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  12. रोचक अंदाज़ चर्चा का ...अच्छे लिंक्स मिले ..आभार

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  13. बहुत सुन्दर लिंक संयोजन्…………सुन्दर चर्चा।

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  14. आदरणीये, गुरु जी
    आपको कोटि कोटि नमस्कार,
    आपके कर कमलो के कारण मेरी रचना को स्थान दिया गया, मे आपका दिल से आभार प्रकट करता हू. ओर भगवान से दुआ करता हू की आप बहुत लंबी आयु जीये.

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  15. सराहनीय चर्चा . खास कर ... आपने "वेबकैम " जैसे विषय पर पहली बार पर कविता लिखकर यह सिद्ध कर दिया है कि काव्य जगत में आपका कोई सानी नहीं .

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  16. आदरणीये, गुरु जी
    आपको सत् सत् नमस्कार
    आपके द्वारा मेरी रचना को सम्मान मिला,
    मेरा रोम रोम ओर मेी आपका आभारी हू.

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  17. बढ़िया लिंक्स से सुसज्जित सुन्दर चर्चा

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  18. मेरी रचनाओं को शामिल करने के लिये धन्यवाद..

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  19. शास्त्री जी, चर्चा मंच पर कई ब्लागों के सम्पर्क एक स्थान पर मिल जाना आपकी प्रस्तुति की विशेषता है। मनोज ब्लॉग पर प्रकाशित आलोचना और आलोचना-धर्मिता का इसपर उल्लेख के लिए आपको साधुवाद।

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  20. जाने कितना ज्ञान भरा है,
    आड़ी तिरछी रेखायें हैं।

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  21. सुन्दर लिंक्स से सजी बहुत रोचक चर्चा...आभार

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  22. बहुत सुन्दर चर्चा शास्त्री जी ।
    आभार।

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  23. बहुत ही उम्दा चर्चा

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