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Sunday, June 12, 2011

रविवासरीय चर्चा {चर्चा मंच- 543 }


    आज की चर्चा में आप सबका हार्दिक स्वागत है 

वैसे आज चर्चा मनोज जी ने प्रस्तुत करनी थी , लेकिन मनोज जी टूर पर हैं , इसलिए वे चर्चा प्रस्तुत करने में असमर्थ हैं , शास्त्री जी के आदेश पर आज की चर्चा लेकर हाज़िर हुआ हूँ .
चलते हैं चर्चा की और 
सबसे पहले गद्य रचनाएं
  • सबसे पहले पढ़ते हैं झूठे मन्दिर क़ी कथा शानदार चित्रों के साथ. 
  •  राजनीति में महिलाओं का वर्चस्व - इस विषय पर विचार कर रही हैं डॉ. शरद सिंह.
  • भारत जगत गुरु क्यों है , बता रहे हैं श्यामल सुमन जी .
  • सोते समय ,नींद आने तक कितना सोचते हैं आप ,क्या वह चिन्तन है या कुछ और ,इसी विषय पर लिखा है प्रवीन पाण्डेय जी ने , पढिएगा .
  • ब्लोगरों के लिए टिप्पणियाँ संजीवनी बूटी की तरह हैं .टिप्पणियों पर विचार व्यक्त कर रहे हैं सुशील बाकलीवाल जी .
  • ब्लोगरों की किताबें भी प्रकाशित हो सकती हैं , सुनहरा ख्वाब दिखा रही हैं रश्मि रविजा जी .
  • जब बात ब्लोगरों और ब्लॉग की चली है तो गजेट के नफे-नुक्सान भी देखते चलें . नुक्सान गिना रही हैं डॉ. दिव्या .
  • अब देखते हैं एक लघुकथा ,देखीए ठाकुर जी की मानवता .
  • लघुकथा में ही पढ़ते हैं ब्लॉग साहित्य धारा को .
  • एक लघुकथा मेरी भी हो जाए ,तो देखिए आज का सच .

अब बात करते हैं पद्य रचनाओं की
                अंत में एक Penalty stroke .
आशा है आज की चर्चा पसंद आई होगी , अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें , सुझाव हों तो निसंकोच कहें . आज के लिए बस इतना ही .
                                     धन्यवाद सहित 
                                    दिलबाग विर्क  

33 comments:

  1. बहुत सुन्दर चर्चा!
    इतने लिंक तो आराम से पढ़े जा सकते हैं!

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  2. सुंदर सिमटी हुई चर्चा ....
    सभी को पढ़ सकेंगे ..!!
    धन्यवाद

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  3. रोचक लिंक्स ...
    आभार !

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  4. अच्छी चर्चा , आभार

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  5. शानदार चर्चा रहा! अच्छे लिंक्स मिले!

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  6. हमेशा की तरह उम्दा चर्चा ....

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  7. बहुत सुन्दर अन्दाज़ चर्चा करने का………………शानदार लिंक्स्।

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  8. रोचक चर्चा..आभार

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  9. बढ़िया चर्चा...

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  10. आज का चर्चा मंच बड़े मनोयोग से सजाया गया है
    ऐसा प्रतीत हो रहा है |अच्छी चर्चा के लिए बधाई |
    मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |
    आशा

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  11. सुन्दर व सार्थक चर्चा हेतु आभार सहित...

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  12. गद्य और पद्य की संतुलित चर्चा।

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  13. bahut achchhi charcha prastut ki hai aapne .aabhar

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  14. आदरणीय विर्क जी,
    प्रयास सराहनीय है साहित्य का पोषक होना ,एक दुष्कर कार्य है ,
    जिसको आपने बखूबी निभाया है ...बधाई जी /

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  15. कई महत्वपूर्ण चिट्ठों को संकलित कर आपने एक सराहनीय कार्य किया है जिससे मंच की जीवन्तता बढ़ी है. आभार.
    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com

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  16. दिलबाग जी ,
    बेहतरीन चर्चा के लिए आभार। उम्दा लिंक्स उपलब्ध कराये आपने।

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  17. gadhya padhya to pasand aaya hi par sabse achchha laga penalty stroke .sujhav ham zaroor denge yadi aapne un par amal karne kee sochi hai to..bahut sundar charcha.

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  18. दिलबाग विर्क जी
    नमस्कार !
    शुक्रिया ! बढ़िया चर्चा है…

    मेरी रचनाओं को स्थान देने के लिए चर्चा मंच का आभार !

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  19. दिलबागजी....

    आपकी मेहनत रंग लायी !

    एक साथ इतने दोस्तों से मिलने का मौका मिला...!!

    चर्चा मंच पर शामिल करने के लिए शुक्रिया !

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  20. सुन्दर चर्चा ....

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  21. दिलबाग विर्क जी,
    बहुत उत्कृष्ट चयन है आपका। पूरी चर्चा बेहद रोचक और ज्ञानवर्धक पठन सामग्री से भरपूर है।

    मेरे लेख को भी इस चर्चा में शामिल करने के लिए आपका बहुत-बहुत आभार!

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  22. दिलबागजी....

    सुन्दर चर्चा ...........

    एक साथ इतनी अच्छी रचनाएँ पढ़ने का अवसर मिला ...शुक्रिया !!

    चर्चा मंच पर शामिल करने के लिए आपका आभार ..

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  23. सुन्दर चर्चा ...अच्छे लिंक

    अच्छी चर्चा के लिए बधाई... दिलबाग जी...

    मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |

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  24. उत्तम चर्चा ... पोस्ट शामिल करने के लिए धन्यवाद !

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  25. sunder fulon se saja manch mahak raha hai.
    aap ki mehnat manch ke kone kone me dikhai de rahi hai.
    in fulon me meri kavita shamil karne
    ka bahut bahut dhnyavad
    rachana

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