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Sunday, February 13, 2011

वेलेनेटाइन के पूर्व दिवस पर - "चर्चा मंच-426"




वैलेन्टाइन डे - प्यार की अभिव्यक्ति का दिवस । 


दिखाई दिये अखबारों में-

महका हुआ परिवेश है


कोयल, कागा और कबूतर 
लगे रागनी गाने।
इसीलिए तो आज देख लो


वही क्योंकर सुलगती है 
वही क्योंकर सुबक़ती है

कितने सुहाने होंगे वे कुछ पल

दिल से दिल तो मिला

गूँज उठी शहनाई



राज को राज ही रहने दीजिए

कब तक?


कितनी मासूम होती हैं 
कल्पनाओं के लोक में विचरण करता प्राणी  
ज़िन्दगी से अलग हो जाता है ....

बचपन भूखा 
जवानी भूखी 
भूखी खेत के फसलें क्यों कहते हो 
आओ हँस लें  कुछ पलों के लिए स्वयं से ,

नहीं तुम्हे देखा है कब से 
नित स्वयं से एक रार ठनती है, 
नित मैं हारता हूँ, 
दिन की मेरी पहली हार, 
मन की पहली जीत। 
जब उठता हूँ, सूर्यदेव अपनी विजय पर मुस्करा...

आज रविवार 13 फरवरी 2011 को वेलेंटाइन दिवस की पूर्व सुबह पर 
पंजाब केसरी और भास्‍कर में प्रकाशित समाचार

17 comments:

  1. सुन्दर और मनभावन अन्दाज़ मे चर्चा मंच सजाया है…………बढिया लिंक्स के साथ सार्थक चर्चा।

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  2. बहुत ही सुंदर अंदाज......इतनी जल्दबाजी में भी इतने सुंदर लिंक्स....क्या बात है।

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  3. sarthak chaarcha .sundar links aabhar..

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  4. सुबह से कई बार कोशिश की, तब अब कहीं जा के चर्चा मंच का पेज खुला|
    आज की चर्चा शास्त्री जी की तरफ से| 'मनोज' पर आचार्य परशुराम जी द्वारा 'रस' विषय पर जारी आलेख पढ़ना सुखद अनुभव रहा|
    कई सारे अच्छे अच्छे लिंक्स देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद|

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  5. अब संकलकों की कमी खलनी कम हो गयी है।

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  6. भाव पूर्ण लिंक्स के लिए आभार |रश्मी जी को जन्म दिन की शुभ कामनाएं |
    आशा

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  7. मनभावन चर्चा ..
    आभार !

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  8. बहुत सुन्दरता से सजाई आपने आज की चर्चा । कही भी यह नही लगा की आपने जल्द्बाजी में यह किया है ।
    मेरी रचना को लेने के लिये आभार

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  9. सुन्दर और सुन्दर जी बस

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  10. सुंदर और प्यारी चर्चा ..वेलेंटाइन जैसी ...

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  11. jaldbaaji me bhi aap itni khoobsoorti se saja lete hain charcha manch aapki is khoobi se bhi roo-b-roo ho gaye ham .badhai..

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  12. jaldwazee men bhi kafee achchi cheezen padhne ko milin .

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  13. jaldbaji men bhi sundar charcha lagai hai..abhaar.

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  14. बहुत ही ख़ूबसूरत अंदाज़ चर्चा का..बहुत सुन्दर लिंक्स...आभार

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