Followers

Monday, June 18, 2012

मेरे पिता जी (सोमवारीय चर्चामंच-914)

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ का नमस्कार! कल पितृ-दिवस था अतः सभी दोस्तों ने कल पिता की याद में ही अपनी रचनाएं लिखीं चूँकि चर्चामंच एक दिन पहले लगाया जाता है इसलिए आज की चर्चा पिता को ही समर्पित, उसी रंग में सराबोर! तो सोमवारीय चर्चामंच पर पेशे-ख़िदमत है आज की चर्चा का-
 लिंक 1- 
_______________
लिंक 2-
मेरा फोटो
_______________
लिंक 3-
_______________
लिंक 4-
मेरे पिता जी (पितृदिवस पर विशेष) -डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
_______________
लिंक 5-
जीवन चर्या -पुरुषोत्तम पाण्डेय
मेरा फोटो
_______________
लिंक 6-
_______________
लिंक 7-
गाँव (हाइकु) -दिलबाग विर्क
बेसुरम्‌
_______________
लिंक 8-
क्यूँकि मैं पिता हूँ!! -डॉ. मोनिका शर्मा
मेरा फोटो
_______________
लिंक 9-
देह से परे एक रिश्ता -मृदुला हर्षवर्द्धन
My Photo
_______________
लिंक 10-
मेरा फोटो
_______________
लिंक 11-
नीति, नीयत और नियति -निवेदिता श्रीवास्तव
मेरा फोटो
_______________
लिंक 12-
_______________
लिंक 13-
_______________
लिंक 14-
_______________
लिंक 15-
 पापा -मानिका जैन 'पंछी'
_______________
लिंक 16-
यमुनोत्री की यादे -डॉ. निशा महाराणा
_______________
लिंक 17-
_______________
लिंक 18-
_______________
लिंक 19-
_______________
और अन्त में
लिंक 20-
ग़ाफ़िल की अमानत
________________
आज के लिए इतना ही, फिर मिलने तक नमस्कार!

23 comments:

  1. बहुत सुन्दर चर्चा!
    पिता जी को प्रणाम!

    ReplyDelete
  2. पितृ दिवस पर आधारित चर्चा बहुत अच्छी और सटीक |
    मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |
    आशा

    ReplyDelete
  3. shubhprabhat Gafil ji ..
    umda charcha ...bahut sundar links ...!!

    ReplyDelete
  4. बेहतरीन चर्चा !!

    ReplyDelete
  5. कुम्भकर्ण की निद्रा महज़ कल्पना नहीं थी , ऐसी किसी बीमारी के बारे में पहली बार ही जाना .
    उपयोगी जानकारी !

    ReplyDelete
  6. बेहतरीन लिंक्स के बीच अपना लिखा देखना सुखद है!
    आभार !

    ReplyDelete
  7. गाफिल जी की कृपा के, इन्तजार में लोग |
    मानसून का जून में, ज्यों मिलता संयोग |

    ज्यों मिलता संयोग, छपे चुन चुन कर रचना |
    पड़े प्रेम बौछार, बड़ा मुश्किल है बचना |

    सुन्दर चर्चा साज, मोहते मन हैं सबका |
    होता खूब प्रसन्न, पाठकों का हर तबका ||

    ReplyDelete
  8. बहुत ही उम्दा चर्चा ..... शामिल करने का आभार

    ReplyDelete
  9. बहुत ही अच्‍छे लिंक्‍स ... आभार

    ReplyDelete
  10. बेहतरीन चर्चा पितृदिवस पर

    ReplyDelete
  11. बेहतरीन सुंदर लिंक्स देने के लिये आभार ,,,,

    RECENT POST ,,,,,पर याद छोड़ जायेगें,,,,,

    ReplyDelete
  12. सुन्दर चर्चा।

    ReplyDelete
  13. बहुत सुन्दर चर्चा.....आभार

    ReplyDelete
  14. इस बार की साज-सज्जा और अधिक आकर्षक लगी।

    ReplyDelete
  15. पितृ दिवस को समर्पित आज की चर्चा बहुत सुखद लगी ! मुझे भी इसमें सम्मिलित किया आभारी हूँ ! धन्यवाद !

    ReplyDelete
  16. बहुत ही अच्‍छे लिंक्‍स ... आभार !

    ReplyDelete
  17. bahut acche links ..thanks nd aabhar...

    ReplyDelete
  18. सुन्दर लिंक्स से सजी सुन्दर चर्चा |

    ReplyDelete
  19. सुन्दर लिंक्स से सजी सुन्दर चर्चा |

    ReplyDelete
  20. पितृ दिवस पर आधारित चर्चा बहुत अच्छी और सटीक |

    ReplyDelete
  21. बड़ी ही रोचक चर्चा..

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

"लाचार हुआ सारा समाज" (चर्चा अंक-2820)

मित्रों! रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...