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Monday, January 15, 2018

"डोर पर लहराती पतंगें" (चर्चा अंक-2849)

सुधि पाठकों!
सोमवार की चर्चा में 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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मैं पतंग 


Sudhinama पर sadhana vaid  
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बिसात जीवन की 


मधुर गुंजन पर ऋता शेखर 'मधु'  
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पुस्तक मेला और साहित्यकार 

एक बार बलिया के पशु मेले में गए थे, एक बार दिल्ली के पुस्तक मेले में। दोनों मेले में बहुत भीड़ आई थी। जैसे पशु मेले में लोग पशु खरीदने कम, देखने अधिक आए थे वैसे ही पुस्तक मेले में भी लोग पुस्तक खरीदने कम, देखने अधिक आए थे। दर्शकों के अलावा दोनों जगह मालिकों की भीड़ थी... 
बेचैन आत्मा पर देवेन्द्र पाण्डेय  
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क्षणिकाएं 


Akanksha पर Asha Saxena  
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अज़ब-गज़ब 


yashoda Agrawal  
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8 comments:

  1. शुभ प्रभात
    आभार
    सादर

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  2. बढ़िया लिंकों के साथ पठनीय चर्चा।
    आपका आभार राधेगोपाल जी।

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  3. सभी की रचनाएं मनमोहक है
    अर्चना चावजी आँटी मुझे बहुत खुशी मिल रही है कि आज वो दिन है जब मेरी पोस्ट और मेरे पापा की पोस्ट आज एक जगह पर आई हैं सादर धन्यवाद ।

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  4. सुन्दर सूत्र संंयोजन। सुन्दर प्रस्तुति।

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  5. बहुत अच्छी सामयिक चर्चा प्रस्तुति

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  6. सुन्दर सार्थक सूत्रों से सुसज्जित आज का चर्चामंच ! मेरी रचना को सम्मिलित करने के लिए आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार राधा जी ! सस्नेह वन्दे !

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  7. राधा जी बहुत सुन्दर प्रस्तुति, मेरी पोस्ट को स्थान देने के लिए हार्दिक धन्यवाद

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