Sunday, January 21, 2018

"साँसों पर विश्वास न करना" (चर्चा अंक-2855)

मित्रों!
मेरा स्वास्थ्य आजकल खराब है
इसलिए अपनी सुविधानुसार ही 
यदा कदा लिंक लगाऊँगा।
रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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गीत  

"साँसों पर विश्वास न करना"  

साँसें धोखा दे जाती हैं,
साँसों पर विश्वास न करना।
सपने होते हैं हरजाई,
सपनों से कुछ आस न करना... 
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ग़ज़ल  

"चुपके चुपके" 

याद आने लगे वो हमें चुपके चुपके 
दिल को लुभाने लगे  चुपके चुपके 

पल-पल की खबर रखते थे जो मेरी 
हमें यूं ही तडपाने लगे हैं चुपके-चुपके... 

RADHA TIWARI  
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5 comments:

  1. शुभ प्रभात
    आभार
    सादर

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  2. धन्यवाद, आदरणीय शास्त्री जी मेरी रचना को चर्चा मंच में स्थान देने के लिए।
    ईश्वर से दुआ करती हूँ कि आप जल्द ही स्वस्थ्य हो।

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  3. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति

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  4. सुन्दर चर्चा

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