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Saturday, September 07, 2019

"रिश्वत है ईमान" (चर्चा अंक- 3451)

स्नेहिल अभिवादन   
शनिवार की चर्चा में आप का हार्दिक स्वागत है|  
देखिये मेरी पसन्द की कुछ रचनाओं के लिंक |  
 - अनीता सैनी

 

 उलूक टाइम्स 

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"नैध्रुवा"

" सोच का सृजन " 

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क़ानून के हाथ लंबे होते हैं

My Photo 

हिन्दी-आभा*भारत  

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गुरू की शिक्षा (हाईकू ) 

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ज़िंदगी का फलसफा  
My Photo
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तुमने देखा तो होगा मेरा घर मैं मेरे घर में अपनों के बीच अपनेपन से रहती हूँ .. ‘मेरे ’ घर में तीन बेडरूम एक हॉल और किचन के अलावा एक स्टोररूम और पूजा का एक कोना है .. और हाँ अपनी हैसियत के हिसाब से सजा रखा है मैंने घर अपना ..
आपका ब्लॉग 
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सीखना जारी है समय से,..! 
अब नहीं लगता डर अकेलेपन या दर्द से बदल दिया जीवन को बीते हुए कल ने रास्ते की मुश्किलों ने सहना सिखाया हालात ने हर हाल में रहना सिखाया ठोकरों और कांटों ने संभालना सिखाया धोखों ने फरेब से बचना सिखाया मन के शोर ने खामोश रहना सिखाया अन्याय ने अपने खिलाफ लड़ना सिखाया पर अभी भी बहुत कुछ सीखना जारी है
"मेरा मन"
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8 comments:

  1. सुंदर प्रस्तुति अनिता बहन।
    ठीक कहा कानून के हाथ लम्बे होते हैं।परंतु जब वह बिकाऊ न हो तब ?

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  2. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति।
    आपका आभार अनीता सैनी जी।

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  3. उम्दा लिंक्स चयन
    अति खूबसूरत प्रस्तुतीकरण
    असीम शुभकामनाओं के संग हार्दिक आभार बहना मेरे लेखन को यहाँ स्थान देने के लिए

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  4. उम्दा चर्चा अंक बेहतरीन प्रस्तुति।
    शानदार संकलन।

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  5. सुन्दर प्रस्तुतिकरण जिसमें विषयों की विभिन्नता है. सभी रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएँ.
    मेरी रचना को चर्चा मंच में शामिल करने के लिये सादर आभार अनीता जी.

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  6. सुप्रभात
    मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार सहित धन्यवाद |

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  7. सुन्दर अंक। आभार अनीता जी।

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  8. बहुत सुन्दर संकलन आज का ! मेरी रचना को स्थान देने के लिए आपका ह्रदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार अनीता जी ! सप्रेम वंदे !

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