Followers

Friday, December 23, 2011

शुरू हुई तूफानी ठंड (चर्चा मंच - 737)

आज की चर्चा में आप सबका हार्दिक स्वागत है 
ठण्ड जोरों पर है , धुंध ने भी दस्तक दे दी है , बिजली -फोन सभी काम से जवाब देने लगे हैं .( वैसे हरियाणा सरकार को यह ठंड ठंड नहीं लग रही तभी नन्हें मुन्ने बालकों का स्कूल सुब्ह आठ बजे ही लगता है ) दो दिन से बत्ती गुल थी . रात को जनरेटर से बिजली की व्यवस्था की तो पाया लैंड लाइन फोन भी जवाब दे चुका है. ये तो शास्त्री जी की सक्रियता है कि उन्होंने झट-पट से वीरवार की चर्चा लगा दी. मैं अपनी जिम्मदारी निभाने के लिए आज आपके सामने उपस्थित हूँ. 
                        आज की चर्चा 
गद्य रचनाएं 


पद्य रचनाएं 

  • बीता वर्ष सुख कम मलाल बहुत देकर गया है नया साल उपहार लाएगा या फिर....
  • चाँद तारों की बातें हो रही हैं ब्लॉग उच्चारण पर. 
  • पहचान पर कोई प्रश्न चिन्ह नहीं हो सकता है , यह मानना है वन्दना गुप्ता जी का. 
  • फहमियों के साथ खुश नहीं गलत ही जुड़ जाता है --- अंधड़ पर भी है इसी फहमियों की दास्ताँ.
  •  मन की बगिया में हो रही है भ्रमरों की गुनगुन रितु बांसल जी के ब्लॉग कलमदान पर.
  • इस बार की ठंड आप से क्या कुछ करवाएगी देखिए रंजना जी के ब्लॉग पर.
  • मैं और मेरी तन्हाइयों की बात करते हुए मैं क्या हूँ का प्रश्न पूछ रही हैं दर्शन कौर धनोए जी
  • ताज टेढ़ा हो गया -- आपको नहीं पता तो पढ़िए ब्लॉग कुछ बातें अनकही पर. 
  • क्या मुहब्बत के लिए ख़त का खून से लिखा होना जरूरी है -- देखिए न्जील जी की ग़ज़ल ख़त खूं से लिखा होना
  • स्पंदन पर शिखा वार्ष्णेय जी भी कह रही हैं एक ग़ज़ल - इतना सा फसाना है. 
  • अमृता - इमरोज की प्रीत को कविता में पिरोया है रश्मि प्रभा जी ने. 
  • एक बिडम्वना को अभिव्यक्त करती कविता काश ब्लॉग दिल की बातें पर. 
  • पढ़ते-पढ़ते ब्लॉग पर पढ़िए मनोज पटेल जी द्वारा अनुवादित चेस्लोव मिलोश की कविता सूरज
अंत में एक सूचना --- रायगढ़ में युवा लेखकों के लिए अखिल भारतीय रचना शिविर आयोजित हो रहा है. भाग लेने के इच्छुक प्रविष्टि फार्म भर सकते हैं 
         आज के लिए बस इतना ही 
                              धन्यवाद 
                         दिलबाग विर्क 

28 comments:

  1. वाह दिलबाग जी सुंदर चर्चा के लिए धन्यवाद.

    ReplyDelete
  2. इतनी सुन्दर चर्चा करने के लिए भाई विर्क जी का आभार!

    ReplyDelete
  3. उत्तम चर्चा अच्छी लिंक्स |
    आशा

    ReplyDelete
  4. बड़े ही स्तरीय सूत्र।

    ReplyDelete
  5. सुन्दर चर्चा.

    ReplyDelete
  6. विर्क जी सुन्दर चर्चा के लिए आभार !

    ReplyDelete
  7. सुन्दर चर्चा...पठनीय लिंक्स.

    ReplyDelete
  8. बढिया चर्चा।
    पढनीय लिंक्‍स.....

    ReplyDelete
  9. मेरे ब्लॉग कलमदान का उल्लेख करने के लिए धन्यवाद..सभी संकलित चर्चाएँ पठनीय हैं..

    ReplyDelete
  10. सुन्दर चर्चा के लिए आभार...

    ReplyDelete
  11. वाह ...बहुत ही बढि़या लिंक्‍स ।

    ReplyDelete
  12. सुन्दर चर्चा के लिए आभार....विर्क जी

    ReplyDelete
  13. दिलबाग जी, बहुत खूब!!!!!!सुंदर लिंकों के लिए बहुत२ बधाई,............

    नई रचना के लिए काव्यान्जलिमे click करे

    ReplyDelete
  14. बहुत बढ़िया चर्चा दिलबाग जी, रचना को मंच में जगह देने पर हार्दिक आभार ...:)

    ReplyDelete
  15. सुन्दर लिंक संयोजन ……………बढिया चर्चा।

    ReplyDelete
  16. सुन्दर चर्चा, बेहतर लिंक्स.
    आभार दिलबाग जी!!

    ReplyDelete
  17. सुन्दर सूत्र.... बढ़िया चर्चा..
    सादर आभार...

    ReplyDelete
  18. छोटी किंतु सारगर्भित चर्चा... क्योंकि इसमें हमारा भी उल्लेख है :) आभार विर्क भाई॥

    ReplyDelete
  19. Meri Post Shamil karne ke liye dhanyawad.. abhar

    ReplyDelete
  20. mere blog ko shamil karne ke liye abhar..sundar links...

    ReplyDelete
  21. सुव्यवस्थित और सुन्दर चर्चा. आभार.

    ReplyDelete
  22. लेकिन ब्‍लॉगवाणी और चिट्ठाजगत की वापसी से चर्चा मंच खतरे में पड़ जायेंगे, क्‍या आपको इससे भय नहीं लगता है ?

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

"स्मृति उपवन का अभिमत" (चर्चा अंक-2814)

मित्रों! सोमवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...