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Sunday, December 25, 2011

मैकाली शिक्षा और अंधी दौड़ : चर्चा मंच ७३९ :

माफ कीजियेगा , साँपला  से आने में लेट हो गया सो चर्चा अभी लगा रहा हूँ , चर्चा की शुरुआत से पहले सभी को क्रिसमस मुबारक हो , अब बात करते हैं उस  छोटी सी लव स्टोरी की जिसने   इतिहास रच दिया है,



एक ब्लागर .  का  वर्ष एक बीत गया ! जिसने  लिखा  क्यो   संत   -   शनि मांगे मनी 

आज का  फ़साना यही तक , 
सादर 

कमल 

15 comments:

  1. बहुत अच्छे लिंक ...

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  2. अच्‍छी चर्चा।
    बेहतन लिक्स।

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  3. धन्यवाद कमल बाबू हमरा पोस्ट लगाने के लिए ... खुदा तुम्हे "इल्मी" की इनायत बक्शे हा हा हा

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  4. अच्छा प्रयाश सुंदर चर्चा,.....

    मेरी नई रचना...काव्यान्जलि ...बेटी और पेड़... में click करे

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  5. बहुत अच्छा प्रयास

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  6. सुन्दर चर्चा.... बढ़िया लिंक्स...
    सादर आभार....

    मेरी क्रिसमस.

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  7. BAHUT JALDI ME BAHUT ACHCHHI CHARCHA .BADHAI

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  8. सुन्दर प्रस्तुति

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  9. आप सभी का बहुत बहुत आभार चर्चा मंच पे आने के लिए , अगली बार जम के प्रयास करूँगा , दिमाग घर रख और दिल साथ ले के जरुर आयें :)

    सादर ,

    कमल

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  10. Nice links .

    इस समय पूरी दुनिया में दुर्भाग्य से आत्म-हत्या की मानसिकता बनती जा रही है। पश्चिमी देशों में सामाजिक व्यवस्था के बिखराव के कारण समय से आत्म-हत्या की मानसिकता बढ़ती जा रही है।
    http://hbfint.blogspot.com/2011/12/merry-christmas.html

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