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Monday, December 26, 2011

पथिक तुझे आराम कहाँ है? (सोमवारीय चर्चामंच-740)

दोस्तों मैं चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ आप सब से मुखातिब हूँ चर्चामंच पर और पेश करता हूँ आज की चर्चा-

 नं. 1- 
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उपेन्द्र नाथ अश्क – जिन्हें अब कोई याद नही करता
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mahatma-gandhi
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gandhi (10)
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My Photo
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My Photo
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मेरा फोटो
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मेरा फोटो
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मेरा फोटो
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बचपन में हमने जब सीटी बजाई
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और अन्त में
31-
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आज के लिए इतना ही, फिर मिलने तक नमस्कार!

22 comments:

  1. बहुत सुंदर लिंक्‍स ..
    आभार !!

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  2. अच्छे लिंक्स हैं।
    मुझे शामिल करने के लिए आभार।

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  3. बहुत बढ़िया लिंक्स मिले आज की चर्चा में । मुझे भी इसमें सम्मिलित करने के लिए धन्यवाद । शुभकामनाएँ ।

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  4. क्या बात है, सभी एक से बढकर एक लिंक्स
    मुझे यहां शामिल करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया

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  5. अच्छे लिनक्स ...बेहतरीन..
    मेरा पता..
    kalamdaan.blogspot.com

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  6. अच्छे लिनक्स मिले और मेरी रचना को चर्चा मंच पर स्थान देने के लिए आभार !

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  7. बढ़िया लिंक्स , पपीता सम्मिलित करने हेतु आभार.

    खूब सजाई है महफिल किसी दीवाने ने
    ज़िंदगी खुद की कभी जिससे सजाई न गई

    यूँ कई साज सुने,जीस्त की हर महफिल में
    एक शहनाई मगर हमसे भुलाई न गई.

    आभार गाफिल जी.....

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  8. बहुत सुंदर लिंक्‍स ..
    आभार !!

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  9. बढिया चर्चा।
    सुंदर लिंक्‍स...

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  10. bahut achche links se sampark karaya abhar.meri post ko sthan diya harday se aabhari hoon.

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  11. बहुत बढिया लिंक्‍स ..
    आभार ...

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  12. DOSTON.
    APANE KUCHH NIJI KARNO SE NET PAR
    8 DINO TAK AANA NAHI HOGA.
    CHARCHA MANCH KE LIYE -
    SHRI CHANDRA BHOOSHAN MISHRA GAFIL,
    SHRI DILBAG VIRK AUR
    SHARI DINESH GUPTA RAVIKAR JI KO
    BLOG KA SWAMITVA DIYA GAYA HAI.

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  13. बहुत बढ़िया चर्चा...
    सादर आभार...

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  14. बढ़िया लिंक्स,मेरी रचना को चर्चा मंच पर स्थान देने के लिए आभार.

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  15. आज की चर्चा में बढ़िया लिंक्स दिया है आपने . आभार..

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  16. अच्छे लिंक्स...आभार!

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  17. मेरी रचना "बेटी और पेड़"को आज के चर्चामंच में शामिल करने के लिए बहुत२ आभार धन्यबाद,....

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  18. एहसासों को कुरेदती अच्छी प्रस्तुति .बधाई .नववर्ष की .बेहतरीन संयोजन और चयन .

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