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Tuesday, September 17, 2019

"मोदी का अवतार" (चर्चा अंक- 3461)

मित्रों!
मंगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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पीपल ... 

माँ का आँचल शीतल पीपल देख रहा
मौन तपस्वी अविचल पीपल देख रहा

शरद, शिशिर हेमंत
गीष्म बैसाखी वर्षा
ऋतु परिवर्तन प्रतिपल पीपल देख रहा... 
स्वप्न मेरे ...पर दिगंबर नासवा 
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बारिश 

आज बादल घिर रहे हैं खूब बारिश हो रही है शाम तक सूखा था मौसम रात बारिश हो रही है। एक घर था हमारा गङ्गा किनारे, संकरी गलियाँ तल का कमरा राम जी का मध्य में माता पिता थे छत में था एक कमरा जिसमें रहते पाँच भाई और इक छोटी बहन भी जब भी होती तेज बारिश काँपता था दिल सभी का ज्यों टपकता छत से पानी खींच लेते आगे चौकी बौछार आती खिड़कियों से खींच लेते पीछे चौकी तेज होती और बारिश छत टपकता बीच से भी अब कहाँ जाते बताओ... 
बेचैन आत्मा पर देवेन्द्र पाण्डेय  
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बेटियों का दंश (५) ! 


मेरा सरोकार पर रेखा श्रीवास्तव 
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सत्रह का पहाड़ा 

...नया-नया बाप बना हमारा नायक  
बुक्का फाड़कर रो रहा था  
और घर के अन्दर से  
औरतें ढोलक बजाते हुए  
सोहर गा रही थीं. 
तिरछी नज़र पर 
गोपेश मोहन जैसवाल  
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यात्राएं 


JHAROKHA पर पूनम श्रीवास्तव 
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चुपचाप चालान भर ले 

तुझे किसने हक़ दिया  
तू अपने हक़ की बात कर ले?  
जेब में लाईसेंस नहीं है  
चुपचाप चालान भर ले... 
हालात आजकल 
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5 comments:

  1. विविध विषयों को समेटती चर्चा मंच की शानदार प्रस्तुति.

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  2. बहुत सुन्दर अंक। आभार आदरणीय।

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  3. बहुत सुंदर चर्चा। मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार।

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  4. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति

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  5. चर्चामंच की विस्तृत चर्चा ...
    आभार मेरी रचना को जगह देने के लिए आज की चर्चा में ...

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