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Saturday, April 10, 2010

“प्यारे-प्यारे, मस्त नज़ारे!” (चर्चा मंच)

चर्चा मंच (अंक - 117)
चर्चाकार : रावेंद्रकुमार रवि

आइए आज कुछ मनभावन रंगों की

सुंदर आभा से झिलमिलाते हुए चित्रों से "चर्चा मंच" को

कुछ इस तरह से सजाते हैं

कि हमारे मन भी इनकी शोभा से सज जाएँ -

आज की चर्चित पोस्ट्स के लिंक

चित्रों पर लगाए गए हैं!

चित्रों पर क्लिक् करके

इन्हें पढ़ने के लिए

सीधे इन तक पहुँचा जा सकता है!

आज हम सबसे पहले आपको
डॉ. रूपचंद्र शास्त्री मयंक जी के यहाँ ले चलते हैं!
आप ख़ुद ही देख लीजिए उनकी मस्ती टॉम और प्राची के साथ!
“नन्हे सुमन” पर इस मस्ती से प्रेरित होकर रची गई
उनकी एक बाल-कविता आपकी प्रतीक्षा कर रही है -
IMG_1115
अब आपको मिलवाते हैं
अंतरजाल की हिंदी दुनिया के लिए
इस सप्ताह प्राप्त हुई एक सलोनी उपलब्धि से,
जिसने 11 साल की नन्ही अवस्था में ही
एक सुंदर गीत रचकर हम सबको चकित कर दिया!
जी हाँ इस सप्ताह सबसे अधिक चर्चा
इस नई कवयित्री सलोनी राजपूत के पहले गीत
“मेरे मन को भाई” की हुई है,
जो “सरस पायस” पर अपनी पूरी शान के साथ जगमगा रहा है -

सलोनी राजपूत
--
कक्षा - छ:
डॉ. सुदामा प्रसाद बाल विद्या मंदिर
कन्या इंटर कॉलेज, शाहजहाँपुर (उ.प्र.)

अब हेलीकॉप्टर में बैठकर चलते हैं
पाखी की दुनिया में हैवलॉक द्वीप की सैर करने,
जहाँ पाखी आपको प्रकृति के अनोखे नज़ारे भी दिखाएगी!
यह रही पाखी के साथ रवि की एक अनुपम छटा -

6 अप्रैल को नन्ही पाखी ने अपना दूसरा जन्म-दिन मनाया!
चलिए, देखते हैं उसके जन्म-दिन की कुछ झलकियाँ
और देते हैं उसको ख़ूब सारी बधाइयाँ और शुभकामनाएँ -
यह नन्हा तारा प्रांजल अपनी कार में बैठकर कहाँ जा रहा है?
चलिए यह जानने के लिए कुछ देर के लिए “नन्हा मन” को गुदगुदाते हैं -
pranjal copy
ज़रा देखिए तो लविज़ा क्या कर रही है -
DSC02389

“बच्चों की दुनिया” में नन्हे आदित्य ने
चित्रकला प्रतियोगिता का परिणाम घोषित कर दिया है!
इन्हें पहचानिए, ये कौन हैं,
जिनके इस चित्र को पहला पुरस्कार मिला है -
अब आपको लिए चलते हैं
सीधे “नन्ही परी” के स्कूल के वार्षिकोत्सव में,
जहाँ देखिए उसे पुरस्कार में क्या मिल रहा है -
“बाल सजग” सजग बच्चों का एक नियमित ब्लॉग है,
जिसका संचालन बच्चे ही करते हैं
और जहाँ बच्चों की रचनाओं के प्रकाशन के साथ-साथ
उनकी समस्याओं के संबंध में भी चर्चाएँ होती हैं!
बाल विवाह आज भी ज़ारी है : बचपन खोया सिंदूर के रंगों में!

चलिए हम सब भी इन चर्चाओं में हिस्सा लेते हैं -


एक अच्छी ख़बर यह है कि रूद्र जी अब स्कूल जाने लगे हैं -
भोपाल से प्रकाशित बच्चों की मासिक पत्रिका
“बाल मुस्कान” के संपादक श्री अरुण बंछोर ने
इसी नाम से एक ब्लॉग भी बना रखा है,
जिस पर वे बच्चों के लिए ख़ूब सामग्री प्रकाशित करते हैं,
लेकिन उनके इस प्रयास के बारे में अभी बहुत कम लोग जानते हैं!
चलिए देखते हैं, इन्होंने बच्चों के लिए क्या-क्या कर रखा है -

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- मेरे द्वारा इससे पहले की गई चर्चाएँ -
मुस्कानों की सुंदर झाँकी
ख़ुशियों की बरसात


28 comments:

  1. बेहतरीन बाल चर्चा...यह स्तंभ बहुत पसंद आता है. जारी रखिये रवि जी, साधुवाद!!

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  2. बहुत सुन्दर चर्चा शास्त्री जी , इन्हें भी समय समय पर प्रमुखता मिलनी चाहिए !

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  3. सुंदर बाल चर्चा.

    रामराम.

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  4. बढ़िया चर्चा..रावेंद्र जी को बधाई

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  5. यह चर्चा तो बहुत ही मनभावन है!
    अब तो सभी चित्रों पर
    लिंक भी लगा दिये हैं आपने!

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  6. अच्छा लगा ... ढेर सारे लिंक भी मिले ...बधाई !

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  7. मयंक जी,
    आप बिल्कुल सही कह रहे हैं!
    किसी तकनीकी ग़लती के कारण
    कुछ चित्रों पर से लिंक ग़ायब हो गए थे!
    अब सारे लिंक फिर से लगा दिए हैं
    और वे सही ढंग से काम कर रहे हैं!

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  8. सुंदर बाल चर्चा.

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  9. बहुत सुन्दर बाल चर्चा....इस चर्चा के जरिये इतने सारे प्यारे बच्चो से हम मिल लेते है....नन्ही परी को एक बार फिर चर्चा में शामिल करने के लिए धन्यवाद.....

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  10. रवि अंकल आपने मुझे इतने दोस्तों से मिलवाया उसके लिए ढेर सारा प्यार और एक डेरी मिल्क चोकोलेट :) ....प्राची और उसका टामी बहुत क्यूट है, सलोनी दीदी की कविता मुझे मम्मा ने सुनाई बहुत अच्छी लगी, और अक्षिता(पाखी) के साथ हैवलॉक द्वीप की सैर कर के तो मजा आ गया, और पाखी का केक तो बहुत यम्मी लग रहा Happy B'day Dear, प्रांजल और लाविजा शैतानी में मै भी तुम दोनों से पीछे नहीं हूँ, रूद्र का झुला तो बहुत अच्छा लग रहा है स्कूल में ज्यादा मस्ती ना करना वरना टीचर डांट भी लगाती है...बाल सजग और बाल मुस्कान में से अभी मुझे कविताये और कहानियां सुननी है सो अब मै अपनी बोलती बंद करती हूँ....सबको मेरा प्रणाम....नन्ही परी ईशिता

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  11. इशिता जी,
    आपको कैसे पता चला कि
    मुझे डेरी मिल्क चोकोलेट ही पसंद है!

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  12. बच्चों पर आधरित यह चर्चा बहुत हीं अच्छी लगी । ब्लाग जगत में बच्चों पर आधारित रचनाओ को भी गम्भीरता से लिया जाने लगा है । बहुत ही सुन्दर मनोहारी चर्चा । भैया रावेंद्र कुमार का बहुत बहुत धन्यवाद इतनी अनुपम चर्चा के लिये । आभार

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  13. अरे वाह !! आज तो मेरे सारे दोस्त यहीं मिल गए..

    थैंक यू रवि अंकल :)

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  14. यहाँ नहीं आतीं,
    तो मुँह से "अरे, वाह!"
    कैसे निकलता?
    --
    ये हुई न बात!

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  15. रवि जी बहुत आपका बहुत बहुत आभार....
    देखिये आदित्य आपसे कुछ कहना चाहता है

    "प्यारे प्यारे रवि अंकल जी आपने मेरे सभी दोस्तों की चर्चा इस मंच में की. आपका बहुत बहुत शुक्रिया.
    इस मंच में और भी दोस्तों से मिलने का मौका मुझे मिला. बहुत मजा आया.
    अंकल जी जब मेरी तबियत अच्छी हो जाएगी न तो में आपसे जरूर मिलने आऊंगा और आपको भी बहुत सारे गिफ्ट दूंगा. जैसे लॉली पॉप, चोकलेट और आइसक्रीम.
    और खूब सारे खिलौने भी"
    आपका प्यारा आदित्य साहू

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  16. बेहतरीन बाल चर्चा.

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  17. ravi uncle, kyo ki dairy milk meri bhi favorite hai... :)

    ishita...

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  18. अद्भुत रवि अंकल, आपने तो हम बच्चों की निराली दुनिया की चर्चा आरंभ कर ब्लॉग जगत में हमारी उपस्थिति को सशक्त रूप दे दिया है...इतनी सुन्दर चर्चा, बैठे-बैठे सभी के प्यारे-प्यारे मस्त नज़ारे...बहुत सुन्दर लगता है. आपको इसके लिए ढेर सारा प्यार व आभार !!

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  19. ..और हाँ, 'पाखी की दुनिया' की चर्चा के लिए भी आपको ढेर सारा प्यार व आभार.

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  20. पाखी जी,
    आप भी कुछ कम नहीं हैं!
    आपकी प्रतीक्षा तो बहुत करनी पड़ती है,
    पर आपकी बात बहुत अच्छी होती हैं!

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  21. यह जानकर बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा
    कि नन्हे प्यारे आदित्य की
    तबियत ठीक नहीं है!
    --
    हम सब की शुभकामना है कि आदित्य
    जितनी जल्दी हो सके,
    उतनी जल्दी ठीक हो जाए!

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  22. सभी नन्हे-मुन्ने प्याले-प्याले भोले-भाले शैतान मासूमों को बाल-दिवस की हार्दिक शुभ-कामनाएं । बाल-दिवस इस लिए क्योंकि रवि अंकल से हमने हर मंडे को शायद बाल-दिवस मनाने का आग्रह किया था और देखिए अंकल नें हम बच्चों की बात कितनी जलदी मान ली ।आशा करते हैं अंकल हमें ढेरों चाक्लेट आईसक्रीम खिलौने देंगे ।राज की बात है किसी को बताना नहीं कि हम हर सोमवार को बाल-दिवस मनाते हैं और इक्कठे होकर खूब मस्ती करते हैं , और हां रवि अंकल को तंग मत करना वर्ना ....जानते हो न परिणाम क्या होगा ?...हमारा बाल-दिवस.....? उनकी आंख बचाके थोडी मस्ती कर लेना...ओ.के. ।

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  23. आप को बच्चों की तरफ से धन्यवाद , आपको बेस्ट ब्लॉगर का अवार्ड तो मिलना ही चाहिए , हम सभी बच्चें आपके आभारी है ,जारी रखिये

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  24. आपको बेस्ट ब्लॉगर का अवार्ड तो
    मिलना ही चाहिए!

    --
    प्रिय माधव जी!
    यह जानकर बहुत ख़ुशी हुई कि
    आपने मेरे लिए इतनी अच्छी भावनाएँ व्यक्त कीं!
    --
    आपके द्वारा यह कहा जाना ही
    मेरे लिए सबसे महत्त्वपूर्ण अवार्ड है!

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  25. सीमा जी,
    आपका यहाँ आना तो
    ऐसी बदली के समान होता है,
    जो बच्चों के मन पर हमेशा
    प्यार की ही बरसात करती है!
    --
    ज़रा जल्दी आया कीजिए!
    इस बाल-दिवस पर आपका इंतज़ार
    बहुत बेक़रारी से किया जाता है!

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  26. रवि जी,
    बेहतरीन बाल चर्चा
    बहुत ही मनभावन है!
    arun banchhor

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