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Friday, April 02, 2010

“भंडाफ़ोड की तैयारी!” (चर्चा मंच)

"चर्चा मंच" अंक - 107
चर्चाकारः डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक
आइए आज का "चर्चा मंच" सजाते हैं-
ये लिंक्स ने मुझे अच्छे लगे हैं-
या इलाही ये माजरा क्या है?
ताऊ तो ब्लागर्स मीट का चैंपियन और खोजी पत्रकार है...

ताऊ डॉट इन

ताऊ द्वारा अति गोपनीय ब्लागर्स मीट के भंडाफ़ोड की तैयारी : रामप्यारे - आज ना तो पहली अप्रेल बाकी बची है और ना ही मेरा किसी को बेवकूफ़ बनाने का इरादा है. मैं आपको ना तो *महफ़ूज मियां* के बारे मे कोई रिपोर्ट देने वाला हूं और ना ...

सुधरा हुआ हास्य यहाँ भी तो है-

ताऊजी डॉट कॉम

वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता मे : श्री समीरलाल "समीर" -

लेखक परिचय
नाम : समीर लाल "समीर"
उम्र : 46 वर्ष
स्थान : जबलपुर से कनाडा
शौक : पढ़ना, मित्रों के साथ बातचीत करना, लिखना और नये ज्ञान की तलाश
ब्लाग : उडनतश्तरी

मोटापा बदनाम हो गया
आज हमारे गिर पड़ने से
एक अजब सा काम हो गया.
सारी गल्ती उस गढ्डे की
मोटापा बदनाम हो गया.
बच्चे बुढ़े जो भी आते
जोर जोर से हँसते जाते
हड्डी लगता खिसक गई है
कमर हमारी सिसक रही है
मरहम पट्टी मालिश सबसे
थोड़ा सा आराम हो गया
सारी गल्ती उस गढ्डे की
मोटापा बदनाम हो गया…….

समीर लाल जी ने आज अतीत की यादों को कुरेदते हुए लिखा है-

उड़न तश्तरी ....

समेटना बिखरे भावों का- भाग २ - अभी १० दिन पहले ही इसका भाग १ प्रस्तुत किया था. देखता हूँ तो पाता हूँ कि अपने भावों को इतना बिखेर चुका हूँ यहाँ वहाँ कि समेटने में भी समय लगेगा. कुछ और स...

जानता हूँ ये जिन्दगी आगे है,
पीछे छूटी वो सिर्फ कहानी है...

न जाने क्यूँ फिर भी,
मुड़ मुड़ के देखता हूँ मैं!!

*

गुलाब की चाह
और
कांटो से गुरेज..

जरुर, कोई मनचला होगा!!

*

सांप पालने का शौक है
तो
सांप पालने के
गुरु भी जानता हूँगा!!

ये कोई शिगूफा तो नहीं!!

*

मेरे पीने से परेशाँ लोगों,
तुमसे एक गुजारिश है
परेशाँ होने का गर ऐसा शौक है
तो मेरे पीन की वजह खोजो!

जिसे तलाशता हूँ मैं!!

*

स्वप्न मञ्जूषा शैल (अदा) जी को चर्चा मंच की सहयोगी के रूप में सम्मिलित होने के लिए साभार स्वागत करता हूँ! इनकी चर्चा आपको प्रत्येक बृहस्पतिवार को पढ़ने के लिए मिला करेगी!
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'अदा'

राँची में पैदा हुई, दिल्ली थी कर्मभूमि अब ओट्टावा ....मेरा नाम स्वप्न मंजूषा 'अदा'

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चर्चा मंच:
रावेंद्रकुमार रवि, पं.डी.के.शर्मा"वत्स", डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक


संतोष शैल


काव्य मंजूषा


काव्य मंजूषा

महफूज़ मियाँ का जादू चल गया ......अमेरिका में भी.... - महफूज़ अली जी का जादू आज-कल जोर-शोर से चला हुआ है, अपनी शरीक-ए-हयात की तलाश में निकले हुए महफूज़ मियाँ, अमेरिका वालों का भी दिल लूट चुके हैं (हाय ..रब्...

पं.डी.के.शर्मा"वत्स"जी को भी चर्चा मंच की सहयोगी के रूप में सम्मिलित होने के लिए साभार स्वागत करता हूँ! शीघ्र ही इनकी चर्चा आपको पढ़ने के लिए मिला करेंगी!

पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

My Photoludhiana, punjab, India
मैं कौन हूं ? यह प्रश्न मैं अपने आप से भी कई दफा करता हूं पर जवाब अभी तक ढ़ुंढ़ पाने में असमर्थ रहा हूं । अक्सर इस सवाल का उत्तर हम सभी खोजते हैं. कौन हूं मै? इस प्रश्न का जवाब शायद यह भी हो सकता है कि जन्म से सिर्फ मनुष्य तथा जाति और कर्म दोनों से ही ब्राह्मण हूं. अपनी कर्मभूमी लुधियाना (पंजाब)में रहकर ज्योतिष विधा को समृ्द्ध करने में प्रयासरत्त हूं . साथ ही अपनी व्यस्त दिनचर्या से थोड़ा समय निकालकर इस चिठ्ठे को निखारने की कोशिश कर लेता हूं । PANDITASTRO@YAHOO.CO.IN PANDITASTRO@GMAIL.COM mobile:-98773-46031, 93168-15864 (न हि कस्तूरी कामोद:शपथेन विभाव्यतेअर्थात कस्तूरी हाथ में है.,यह शपथ लेकर नहीं कहा जाता क्योंकि उसकी सुगन्ध ही बता देती है.मेरे लिए तो ऎसी स्थिति पूर्णत: हास्यास्पद है, जब लोग अपना परिचय देते समय नाम से पहले अपने पद और शिक्षा का ब्यौरा देने लगते हैं)

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प्रेम जनमेजय अविनाश वाचस्पति डॉ० डंडा लखनवी सतीश सक्सेनाPADMSINGH HEY PRABHU YEH TERA PATH Kirtish Bhatt, Cartoonist वन्दना MAVARK शहरोज़ M VERMA श्रीकान्त मिश्र ’कान्त’mukti सतीश चंद्र सत्यार्थी kaptan हिमांशु । Himanshu मीनाक्षी वन्दना अवस्थी दुबे अंकुर गुप्ता 77 more


चर्चा मंच :
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक, रावेंद्रकुमार रवि, 'अदा'


धर्म यात्रा


ज्योतिष की सार्थकता


कुछ इधर की, कुछ उधर की

श्री रावेंद्रकुमार रवि पहले ही चर्चा मंच से जुड़ चुके हैं!
इनकी चर्चा प्रत्येक रविवार को चर्चा मंच की शोभा बढ़ाती है!

परिचय - रावेंद्रकुमार रवि

नाम -

रावेंद्रकुमार रवि

जन्म -

02.05.1966 (बरेली)

शैक्षिक योग्यताएँ-

1. एम.एस-सी. (गणित), रुहेलखंड विश्‍वविद्यालय, बरेली ।

2. एल.टी. (विज्ञान), राजकीय रचनात्मक प्रशिक्षण महाविद्यालय, लखनऊ ।

3. हिंदी में सृजनात्मक लेखन में डिप्लोमा, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्‍वविद्यालय, नई दिल्ली (सर्वोच्च स्थान, राष्ट्रपति द्वारा विश्‍वविद्यालय स्वर्ण पदक से विभूषित) ।
सृजन-विधाएँ -
बालकथा, बालकविता, लघुकथा, नवगीत, समीक्षा ।

प्रकाशन -

1983 से निरंतर लेखन एवं सभी विधाओं में रचनाओं का प्रकाशन । पहली बालकहानी नंदन में और पहली बालकविता अमर उजाला में प्रकाशित । यूनिसेफ और एकलव्य द्वारा एक-एक चित्रकथा-पुस्तक, नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया द्वारा सृजनात्मक शिक्षा के अंतर्गत गणित की गतिविधि-पुस्तक "वृत्तों की दुनिया" और सौ से अधिक जानी-पहचानी पत्रिकाओं, कुछ संकलनों व पत्रों के साहित्यिक परिशिष्टों में साढ़े तीन सौ से अधिक रचनाएँ प्रकाशित । एक-एक कहानी का राजस्थानी, सिंधी व अँगरेज़ी में अनुवाद । कुछ अंतरजाल पत्रिकाओं पर भी रचनाएँ प्रकाशित ।

रुचियाँ -

साहित्य-सर्जन, छायांकन, बाग़वानी, पर्यटन ।

संप्रति -

शिक्षक (विज्ञान/गणित), कंप्यूटर मास्टर ट्रेनर (इंटेल) ।

पत्र-संपर्क -

राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चारुबेटा, खटीमा,

ऊधमसिंहनगर, उत्तराखंड, भारत - 262 308.

स्थायी पता -

कमल-कुंज, बड़ी बिसरात रोड, हुसैनपुरा, शाहजहाँपुर (उ.प्र.) - 242 001.

दूरभाष (मोबाइल) -

+919897614866.

ई-मेल पता -

Raavendra.Ravi@gmail.com

संपादन -

अंतरजाल-पत्रिकाएँ : सरस पायस और हिंदी का शृंगार,

रवि मन,

चर्चा मंच
'अदा', डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक, पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

प्रकाशित पुस्तकें -

1. यूनीसेफ, लखनऊ द्वारा 2002 में प्रकाशित चित्रकथा-पुस्तक "चकमा"।

2. एकलव्य, भोपाल द्वारा 2003 में प्रकाशित चित्रकथा-पुस्तक "नन्हे चूज़े की दोस्त .. .."।

3. नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया द्वारा 2008 में सृजनात्मक शिक्षा के अंतर्गत प्रकाशित गणित की गतिविधि-पुस्तक "वृत्तों की दुनिया"।

अनूदित रचनाएँ -

1. बालकहानी "नन्हे चूज़े की दोस्त .. .. " का श्री ताऊ शेखावाटी द्वारा राजस्थानी में ।

2. बालकहानी "नन्हे चूज़े की दोस्त .. .. " का श्री हूँदराज बलवाणी द्वारा सिंधी में ।

3. बालकहानी "जैसे को तैसा" का स्वयं अँगरेज़ी में ।

पुरस्कार (साहित्य) -

स्वर्ण पदक विजेता, हिंदी में सृजनात्मक लेखन में डिप्लोमा, इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय मुक्त विश्‍वविद्यालय, 2005 (डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, राष्ट्रपति, भारत द्वारा स्वर्ण पदक से विभूषित)

पुरस्कार (शिक्षा) -

1. टीचर ऑफ द इयर-2004, उत्तरांचल टेक्नोलॉजी अवार्ड, विकासखंड विजेता, खटीमा (ऊधमसिंहनगर)

2. टीचर ऑफ द इयर-2003, उत्तरांचल टेक्नोलॉजी अवार्ड, मंडल विजेता, कुमाऊँ (उत्तरांचल)

राष्ट्रीय स्तर पर कार्यशाला/संगोष्ठी में प्रतिभाग -

लगभग दो दर्जन, जिनमें से प्रमुख हैं -

1. यूनिसेफ, लखनऊ / नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली / नालंदा, लखनऊ द्वारा आयोजित लेखन कार्यशाला, 2002 (एक चित्रकथा-पुस्तक "चकमा" का चयन व यूनिसेफ, लखनऊ द्वारा प्रकाशित)

2. केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा द्वारा आयोजित "विविध भारतीय भाषाओं का बालसाहित्य" विषय पर सेमिनार व कवि सम्मेलन, 2003 ( कुमाउँनी व गढ़वाली बालसाहित्य पर आलेख-वाचन व कवि सम्मेलन में बालकविताओं का पाठ)

3. नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली / नालंदा, लखनऊ द्वारा आयोजित गणित-लेखन कार्यशाला 2004 (एक पुस्तक "वृत्तों की दुनिया" का चयन व नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया, नई दिल्ली द्वारा 2008 में प्रकाशित)

4. सर्व शिक्षा अभियान, चमोली (उत्तरांचल) के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय बालसाहित्य लेखन कार्यशाला, जनवरी 2006 (कार्यशाला में तैयार कुछ कहानियाँ व कविताएँ प्रकाशित)

5. नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया, नई दिल्ली द्वारा देहरादून में पुस्तक मेला के अंतर्गत आयोजित बालसाहित्य संगोष्ठी, जून 2006 (संगोष्ठी का संयोजन, विषय - "समकालीन भारतीय बालसाहित्य के परिदृश्य में उत्तरांचल के बालसाहित्य : स्थिति, समस्या एवं संभावनाएँ" पर आलेख का वाचन और कवि सम्मेलन में कविताओं का पाठ)

6. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या - 2005 के आलोक में पाठ्यक्रम विकास कार्यशाला, एस.सी.ई.आर.टी., उत्तरांचल, नरेंद्रनगर, जुलाई 2006 (कक्षा - एक से पाँच तक के गणित के पाठ्यक्रम के निर्माण में सहयोग)

7. सांस्कृतिक स्रोत व प्रशिक्षण केंद्र, नई दिल्ली द्वारा "प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में स्कूलों की भूमिका" पर कार्यशाला, सितंबर 2006 (मुख्य समारोह व उत्तरांचल की सांस्कृतिक प्रस्तुति का संचालन और "युवाशक्ति का पलायन : पहाड़ से मैदान की ओर" विषय पर प्रोजेक्ट प्रस्तुत)

8. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या - 2005 के आलोक में पुस्तक लेखन कार्यशाला, एस.सी.ई.आर.टी., उत्तरांचल, नरेंद्रनगर, ग.मं.वि.नि.ऋषिकेश, सितंबर 06 से दिसंबर 06 (पूर्व कार्यशाला में निर्मित कक्षा - एक से पाँच तक के गणित के पाठ्यक्रम पर आधारित पाठ्यपुस्तकों के लेखन में सहयोग)

9. राज्य विज्ञान महोत्सव 2006 में एस.सी.ई.आर.टी., उत्तरांचल की गणित प्रयोगशाला का संचालन, रा.बा.इ.कॉ., पंतनगर, 14 से 17 नवंबर 2006

10. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या - 2005 के आलोक में पुस्तक लेखन कार्यशाला, एस.सी.ई.आर.टी., उत्तराखंड, नरेंद्रनगर (टिहरी गढ़वाल) द्वारा डायट, रुड़की (हरिद्वार) में जून-जुलाई 2009 को आयोजित (कक्षा - चार और पाँच की गणित की पाठ्यपुस्तकों का लेखन)

उन पत्र-पत्रिकाओं की सूची, जिनमें रचनाएप्रकाशित हो चुकी हैं -

हिंदी पत्र-पत्रिकाएँ -

नंदन, पराग, बालभारती, बालहंस, चकमक, बालवाणी, चंपक, धर्मयुग, साप्ताहिक हिंदुस्तान, मधुमती, इंद्रप्रस्थ भारती, हिमप्रस्थ, सुमन सौरभ, स्नेह, बच्चों का देश, बालमेला, बालवाटिका, उत्तर प्रदेश, समाज-कल्याण, विज्ञान प्रगति, पाठक मंच बुलेटिन (नेशनल बुक ट्रस्ट,इंडिया), देवपुत्र, अनुराग, हँसती दुनिया, प्रेरणा अंशु, अछूते संदर्भ, वीणा, अणुव्रत, बालमितान, बच्चे और आप, बालसाहित्य समीक्षा, रत्नलाल शर्मा न्यास की स्मारिका, विद्यामेघ, लोटपोट, लल्लू जगधर, मधु मुस्कान, सरिता, मुक्ता, सरस सलिल, गरिमा भारती, हिमालिनी, प्रगति निर्माण, प्रिय संपादक, सानुबंध, गरिमा भारती, जाह्नवी, नारायणीयम्, लोकगंगा, पंखुड़ी, कुछ कविता व कहानी संकलन, भास्कर (भोपाल), अमर उजाला (बरेली,मेरठ), चौथी दुनिया (दिल्ली), हिंदुस्तान (दिल्ली, लखनऊ), जनसत्ता (दिल्ली), नवभारत टाइम्स (दिल्ली), देशबंधु (रायपुर), जागरण (बरेली, कानपुर), पुनर्नवा-जागरण (कानपुर), राजस्थान पत्रिका (जयपुर), नई दुनिया (इंदौर), पायनियर (लखनऊ), स्वतंत्र भारत (लखनऊ), ट्रिब्यून (चंडीगढ़), अमृत प्रभात (लखनऊ), सहारा समय (लखनऊ), पंजाब केसरी (जालंधर), स्पूतनिक (लखनऊ), आज (वाराणसी), नव सत्यम् (बरेली), एक झलक

(शाहजहाँपुर), इत्यादि ।

गरेज़ी पत्र-पत्रिकाएँ -

लिटिल जेंट,

नॉर्दर्न इंडिया पत्रिका

(लखनऊ),

रीडर्स क्लब बुलेटिन (नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया) ।

हिंदी अंतरजाल पत्रिकाएँ -

सरस पायस, नन्हा मन, हिंदी का शृंगार,

रचनाकार, सृजनगाथा।

सिंधी पत्रिका -

बाग़ बहार।

रावेंद्रकुमार रवि,

राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चारुबेटा,

खटीमा, ऊधमसिंहनगर, उत्तराखंड (भारत) - 262 308.

कुछ अद्यतन पोस्ट निम्नवत् हैं-

देशनामा

सीक्रेट ऑफ हैप्पी मैरिड लाइफ़...खुशदीप - लो जी आज आपको तमाम उम्र शादी को सुखी बनाए रखकर खुश रहने का राज़ बताता हूं...क्या करूं घर वालों ने न जाने क्या सोच कर नाम खुशदीप रख दिया था...अब नाम को सार्..

मेरी भावनायें...

अपनी मर्जी की नहीं - आम घरों में बेटियाँ साल भर में बड़ी हो जाती हैं और निरंतर बड़ी होती जाती हैं मन की उम्र की कोई पहचान नहीं होती नहीं होता उसे प्यार करने का अधिकार उसकी ..

अमीर धरती गरीब लोग

आमीर खान को तो हमारे शहर के कुली तक़ टक्कर दे रहे हैं! - आमीर खान को तो हमारे शहर के कुली तक़ टक्कर दे रहे हैं!जी हां बिल्कुल सच कह रहा हूं।क्या?कल की पोस्ट है ये।नही भई अप्रेल फ़ूल वाली पोस्ट नही है ये।मैं श्त-प्र..

नन्हें सुमन

“पढ़ना-लिखना मजबूरी है!” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”) - *मुश्किल हैं विज्ञान, गणित, हिन्दी ने बहुत सताया है। अंग्रेजी की देख जटिलता, मेरा मन घबराया है।। * * भूगोल और इतिहास मुझे, बिल्कुल भी नही सुहाते हैं। ...

उद्धवजी

रोंग नम्बर फ्रेंड - *जाने क्यों आज सुबह सुबह ही फिर मूड हुआ आप लोगों से बतियाने का ?* *किसी को बुरा कहना हो तो उसे फिर भी एक बार अवोइड कर भी जाऊं ,पर किसी में कोई विशेषता, अच्.

तेताला

चीनी और महंगाई की जुगलबंदी (अविनाश वाचस्‍पति) - करिए इमेज पर क्लिक और पढि़ए मित्र वैसे मनाही तो दुश्‍मनों को भी नहीं है पर क्‍या करूं मैं मेरे दुश्‍मन ही नहीं हैं टिप्‍पणी देने के लिए यहां पर..

के.सी.वर्मा

हम कब के मर गये थे ...!!! - हम कब के मरगये थे तेरे प्यार मे , अदायगी रसमे -जनाज़ा तो है ज़माने की, पता चल गया होता बहुत पहले, पर तूने कसम दी थी ना बताने की ,, बन गयी थी जिंदगी एक ब..

गिद्ध दृष्ठि अब सफ़ेद हाथी के अस्थि-पंजरों पर !

'कॉमन वेल्थ' यानि जतो नाम ततो गुण! सचमुच कुछ लोगो के लिए तो यह मानो हड़पने हेतु कॉमन वेल्थ जैसी ही है। यह किसी की व्यक्तिगत वेल्थ नहीं, बस कॉमन वेल्थ है। देश ने कॉमन वेल्थ के नाम से जिस सफ़ेद हाथी को पाला था। जब यह पैदा हुआ था तो लोगो को इसके माध्यम से

अंधड़ !

पी.सी.गोदियाल

शब्द-शिखर

सुप्रीम कोर्ट में भी महिलाओं के लिए आरक्षण - लोकसभा-विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण के प्रयास बाद क्या न्यायपालिका में भी महिलाओं के लिए आरक्षण की जरुरत है. ऐसा तब सोचने की जरुरत पड़ती है, जब 29 ज..

एक प्रयास

ये किस मोड़ पर ?.............भाग 2 - गतांक से आगे .................... निशि उस दिन जैसे ही कंप्यूटर पर चैट करने बैठी तो एक शख्स बार- बार उससे बात करने की कोशिश करने लगा . निशि के मना करने पर भ..

आज पहना दिया उसके गले में किसी और ने हार

आज पहना दिया उसके गले में किसी और ने हार वह गुमसुम सा खड़ा है जिन्दगी को हार !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! हर्षित हैं शाख पर पत्ते झूम रही है डाली एक अर्से के बाद जो इस पर तूने जो झूला डाली

ज़ज्बात

M VERMA

त्यागपत्र : भाग 21

पिछली किश्तों में आप पढ़ चुके हैं, "राघोपुर की रामदुलारी का परिवार के विरोध के बावजूद बाबा की आज्ञा से पटना विश्वविद्यालय आना ! रुचिरा-समीर और प्रकाश की दोस्ती ! फिर पटना की उभरती हुई साहित्यिक सख्सियत ! गाँव में रामदुलारी के खुले विचारों की कटु-चर्चा !

मनोज

करण समस्तीपुरी

हमें तलाश है ऐसे कपड़ो की जो . . .

अमेरिका की यात्रा करना भी एक जद्दोजेहद से कम नहीं है। पता नहीं कितनी तैयारी करनी पड़ती है? ऐसा नहीं है कि अटेची उठाओ, चार साड़ी डालों और चल पड़ो। वहाँ जाने का मतलब है भारतीय वेशभूषा से अलग वस्‍त्र। हमारे राजस्‍थान में तो इतने रंगीन कपड़े पहने जाते हैं कि

Dr. Smt. ajit gupta

ajit gupta

GULDASTE - E - SHAYARI

अगर मंज़िल को है पाना,हमेशा हौसला साथ रखना,अगर प्यार को है पाना,हमेशा एतबार साथ रखना !

GULDASTE - E – SHAYARI

Babli

भावी पीढी के सही विकास के लिए आवश्‍यक मोह ममता ने ही उनका विकास बाधित किया है !!

इस विविधता भरी दुनिया में प्रत्‍येक जीव जंतु के विकास के लिए प्रकृति की व्‍यवस्‍था बहुत सटीक है। प्राकृतिक व्‍यवस्‍था के हम जितने ही निकट होते हैं , हर चीज में संतुलन बना होता है। प्रकृति से हमारी दूरी जैसे ही बढने लगती है , सारा संतुलन डगमग होता जाता

गत्‍यात्‍मक चिंतन

संगीता पुरी

प्रतिभा की दुनिया ...!!!

जब नहीं आये थे तुम... - जब नहीं आये थे तुम तब भी तो तुम आये थे... आंख में नूर की और दिल में लहू की सूरत याद की तरह धड़कते हुये दिल की सूरत तुम नहीं आये अभी फिर भी तो तुम आये ...

नन्हा मन
मन
ललचाती : रावेंद्रकुमार रवि का नया शिशुगीत
- मन ललचाती आइसक्रीम, आइसक्रीम
सबने मिलकर खाई! बंद पड़ी थी जो सर्दी में फ़्रिज के अंदर रूठी, भाप उड़ाती, मन
ललचाती आज निकलकर आई! आइसक्रीम, आइसक्रीम सबने म...



काव्य 'वाणी'
मुक्तक :- तेरा ही चेहरा भाया - कैसा अजीब ये जूनून, मेरे दिल में समाया हजारो चहरो में बस तेरा ही चेहरा भाया हर कदम पर ठोकर , हर पत्थर ने समझाया देख हाले दिल उन्हीने रास्ता तेरे घर क...

दाल रोटी चावल
गट्टे की खिचड़ी ....... - गट्टे की खिचड़ी ....... गट्टे के लिये.......... 100 ग्राम बेसन चौथाई चम्मच हल्दी नमक पिसी मिर्च जीरा राई 2 चम्मच तेल 4 कलियां पिसा लहसुन चुटकी भर गरम म...

आज के लिए इतना ही! राम-राम!!

11 comments:

  1. आप तो सबसे तेज चैनल से भी तेज निकले.

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  2. विस्तृत चर्चा....आपकी टीम के सदस्यों को बधाई

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  3. ये बढ़िया रहा..आभार!!

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  4. विस्तृत चर्चा.....आभार!

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  5. बहुत बढ़िया और विस्तृत चर्चा

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  6. बहुत सुंदर और विस्तृत चर्चा के लिये आभार आपका.

    रामराम.

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  7. अब तो और भी नए-नए रूपों में
    चर्चा देखने को मिलेगी!
    --
    मेरी तरफ से भी चर्चा मंच के
    सभी नए सदस्यों का स्वागत है!

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  8. शानदार चर्चा,आभार आपका।

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  9. bahut hi sundar aur vistrit charcha.

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  10. बड़ी विराट चर्चा..लगता है आज का सफ़र यहीं पूरा करना पड़ेगा.

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