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Saturday, April 24, 2010

झिलमिल करते सजे सितारे (चर्चा मंच - 131)

आइए आज ब्लॉगजगत के आकाश पर
झिलमिल करते कुछ अनोखे सितारों की
बातें करके अपने मन को भी
उनकी झिलमिल से झिलमिलाकर सजाते हैं
और ख़ुश होकर उनसे मिली ख़ुशियों को
अपने मन में बसाते हैं!
इस सप्ताह की सबसे अच्छी और महत्त्वपूर्ण ख़बर
यह है कि समीरलाल जी ने भी
बच्चों के लिए लिखना शुरू कर दिया है!
यह जानकर सबको प्रसन्नता होगी कि
अब वे इसी तरह समय-समय पर बच्चों को
अपनी रचनाओं के उपहार देते रहेंगे!
सबसे पहले उनकी यह कविता पढ़ते हैं,
जिसकी ध्वन्यात्मकता बच्चों को
विशेष रूप से प्रभावित करनेवाली है -
हम भी मिलकर
गाना गाते
चूं चूं, चीं चीं
चूं चूं, चीं चीं
उड़ते जाते
फुर्र फुर्र फुर्र फुर्र
फुर्र फुर्र फुर्र फुर्र
नन्हा मन
यह कविता भी बच्चों के मन को
ख़ूब रिझानेवाली है -

दिन भर खूब कहानी पढ़ते
आपस में हम नहीं झगड़ते
कार्टून टी.वी. पर आया
बच्चों ने मन को बहलाया..
मौसी हमसे मिलने आई
जब गर्मी की छुट्टी आई.

नन्हे सुमन
चूहे ने एक बिल्ली तो पाल ली,
पर उसके बाद क्या हुआ?
यह जानने के लिए पढ़ते हैं
सीमा सचदेव की कविता : इक चूहे ने बिल्ली पाली -
नन्हा मन
कितनी अच्छी बात कह रही है यह चुलबुली -
“मैं आगे से कभी फ़्लावर्स नहीं तोडूँगी!”
मैं शुभम् सचदेव
डॉ. रूपचंद्र शास्त्री मयंक की कविता भी कुछ कम नहीं है -
इस बस्ते में क्या है भइया,
हमें खोल कर दिखलाओ!
कहाँ चले तुम इसको लेकर,
कुछ हमको भी बतलाओ!!

इसमें प्यारा लैपटॉप है,
छोटा सा है कम्प्यूटर!
नये जमाने का इसको ही,
हम तो कहते हैं ट्यूटर!!
IMG_1124नन्हे सुमन
नित्या शेफाली
शेरू कुत्ता ले कर सोटा
सीधे पहुंचा थाने में
पटक के सोटा मेज पे बोला
क्या हंगामा थाने में।
फुलबगिया
पाखी ने विश्व पृथ्वी दिवस पर ख़ूब पौधे लगाए -
पानी के जहाज पर रखी गाड़ी में बैठकर पाखी
माउंट हैरियट का नज़ारा भी देखने गई -
विश्व पुस्तक दिवस पर पाखी को याद आया कि
कानपुर के एक अनाथालय के बच्चों को
उसने अपनी बहुत-सी किताबें पढ़ने के लिए दे दी थीं -
पाखी की दुनिया
“गर्मी की छुट्टियाँ शुरू हो गईं दोस्तो!
छुट्टी का मतलब है - मस्ती, मज़ा, धूम धड़ाका
और इन छुट्टियों की शुरूआत मैंने की
रंग-बिरंगी इठलाती कठपुतलियों का डांस देखकर!
राजस्थानी लिबास में सजी इन कठपुतलियों के
नाच देखकर तो बहुत मज़ा आया!
आप लोग भी देखो और बताओ आपको कैसा लगा?” – पूछ रही है नन्ही परी -
नन्ही परी
और यह रही नन्ही पाखी की मस्ती अपनी नानी और अपनी नई साइकिल के साथ -
चुन-चुन गाती चिड़िया चुन-चुन गाती चिड़िया
माधव ने अपनी ऋतु दीदी को उनकी गोद में चढ़कर
उनके जन्म-दिन की शुभकामनाएँ दीं -
माधव
लतीफ़े
संता (बंता से)- मेरी बकरी ने अंडा दिया है।
बंता (संता से)- बकरी कैसे अंडा दे सकती है।
संता- अबे गधे मैंने अपनी मुर्गी का नाम बकरी रखा है।
--
यह चुटकुला पढ़ते ही खिल गई न
आपके होंठों पर भी प्राची के होंठों जैसी मुस्कान-
कुछ और भी चुटकुले पढ़ने हैं, तो चलिए बाल-मुस्कान पर!
और अब अंत में सरस पायस पर पढ़ने चलते हैं
7 वर्षीय नन्हे कवि विश्वबन्धु की
एक बढ़िया कविता -
आई परीक्षा, मत घबराओ : विश्वबंधु की एक बालकविता

♥ (( विश्वबंधु )) ♥♥
जब मैं यह चर्चा लगा रहा था
तो मयंक जी ने पीछे से आकर कहा -
“अरे भाई, ज़रा इधर तो देखिए!”
इसके बाद उन्होंने जो किया, वह आप भी देख लीजिए -
IMG_1125संपादक : सरस पायस
- मेरे द्वारा इससे पहले की गई चर्चाएँ -

महक उठा मन
मुस्कानों की सुंदर झाँकी
ख़ुशियों की बरसात
प्यारे-प्यारे, मस्त नज़ारे

28 comments:

  1. भई वाह, क्या खूब रंगबिरंगी
    सरस रसीली, सजीली-चुटीली चर्चा है।

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  2. Sundar baal kavitayen aur pyaare-pyaare bachhon ke sundar jhalkiyan... sach mein behad achha laga..
    Aapko sundar sangrahan ke liye dhanyavaad....

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  3. सुबह सुबह ही प्यारी प्यारी चर्चा के लिये आभार.

    रामराम.

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  4. बहुत अच्छी चर्चा।

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  5. बहुत बढिया चित्रमय चर्चा

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  6. सुन्दर चित्रमय चर्चा।

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  7. सुन्दर चित्रमय चर्चा के लिये आभार |

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  8. सच में झिलमिला उठे ये सितारे...बढ़िया चर्चा..बधाई

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  9. नन्हे सुमन और नौनिहालों की चर्चा बहुत ही सुन्दर ढंग से की गई है!
    --
    चर्चाकार रावेंद्रकुमार रवि का आभार!

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  10. अले कित्ती प्यारी चर्चा है हम बच्चों के ब्लॉग की. रवि अंकल हफ्ते में इक दिन हम सभी के बारे में सभी को बताते हैं. इसके लिए हम सभी बच्चों की तरफ से रवि अंकल को ढेर सारा प्यार.

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  11. 'पाखी की दुनिया' ब्लॉग की चर्चा देखकर अच्छा लगा.

    अब तो यहाँ समीर अंकल जी भी आ गए...

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  12. नन्हें सितारों की यह महफ़िल मन को खूब भाई..बधाई.

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  13. शास्त्री साहब और आप लोगन की टिम बुहुत ही अच्चा काम कर रही है आप लोगन को बधाई जी।

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  14. Ravi uncle BIG VAALA THANK U Meri ham bachchon ki charcha ke liye....shubham sachdeva

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  15. हम सभी बच्चों की तरफ से
    रवि अंकल को
    ढेर सारा प्यार!
    --
    पाखी जी,
    आपकी ऐसी प्यारी-प्यारी बातें
    मुझे और भी अच्छे ढंग से
    आप सबकी प्यारी-प्यारी बातें
    करने के लिए प्रेरित करती हैं!
    --
    मेरी तरफ से भी एक बार फिर
    सारे बच्चों को ढेर सारा प्यार और दुलार!

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  16. सुन्दर चित्रमय चर्चा के लिये आभार

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  17. बढ़िया चर्चा..........बधाई

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  18. चर्चा के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद . आपका प्रयास बहुत ही सराहनीय है है ये प्रेरणा दायक भी है , एक बार फिर शुक्रिया

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  19. वाह नन्हों की इतनी बड़ी चर्चा के लिए सह्रदय आभार.

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  20. bachchon ki manmohak muskaan ko aur bhi pyara bana diya aapne.. aabhar Ravi ji.

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  21. saptah ka ek din bachhco ke naam karne ke liye aapka bahut aabhar...bahut sundar maanbhavan charcha...

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  22. बच्चों का प्यारा संसार. बहुत अच्छा लगा आपकी यह बच्चों की रचनाओं पर केन्द्रित चर्चा देख कर.

    इस प्रयास को जारी रखे. अनेक शुभकामनाएँ.

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  23. झिलमिल करते हुए इतने ढेर सारे सितारे एक साथ आकर मेरी कंप्यूटर स्क्रीन पर सज गए।
    सचमुच इनसे मिली ख़ुशी हमेशा के लिए मन में बस गई है।

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  24. बहुत रोचक एवं हृदयग्राही चर्चा ! पढ़ कर आनंद आ गया !

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  25. झिलमिल करते हुए अनोखे सितारों की
    बातें बहुत मीठी हैं.

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  26. वाह अपने ढंग की अनोखी और पहली बाल-चर्चा. बहुत सुन्दर.

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  27. Hexachlorophene is an antiseptic with antibacterial properties that is used in shampoos. If ingested, the chemical can cause irritation to the eyes and skin, as well as nausea, vomiting, abdominal cramps, and diarrhea. Skin redness, dryness, scaling, puffiness, and sensitivity to light are all possible side effects. Phthalates are a class of compounds that are frequently used to make plastics more flexible. They're employed in cosmetics, particularly shampoo, as a binding agent. Phthalates have been related to hormone disruption, infertility, sperm count reduction, and reproductive and genital abnormalities. Exposure has been linked to an increased risk of miscarriage and gestational diabetes, according to studies. According to an additional study, phthalates can affect the kidneys, thyroid, immunological system, and liver.Is the dreaded drug test on the horizon? This article will save your high times from tripping out (pun intended). Outlooks to marijuana usage, for medical purposes or otherwise, have promptly changed over the last decade. And with the FDA’s recent support of treatments through cannabis-based drugs, you’d think that the federal government would at least categorize weed usage again. The bitter reality is that drug tests are still compulsory at many workplaces. Frequently, organizations administer various drug tests to detect traces of THC in your body. Don’t sweat it. We have scavenged for every possible way that will save you from getting into hot waters or getting kicked out of the workplace. There are surely many ways to pass a drug test with flying colors without totally shaving your head and body hair off or going cold turkey.

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