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Saturday, September 10, 2011

आज मैं भूला नहीं (चर्चा मंच-633)

Picture 114 साथियों , आप सभी को भूलना मेरे लिए संभव नहीं क्यों की आप लोगों का प्रेम और सहयोग मुझे यहाँ तक खींच लाता है. और शास्त्री जी को तो भूल जाए कोई उनसे एक बार मिलने के बाद यह हो ही नहीं सकता. वैसे भी मैं अपने ब्लॉग पे पहले लिख चुका हूँ की मुझे गर्व है कि मैं इस हिंदी ब्लॉगजगत का एक हिस्सा हूँ.
यह सप्ताह बहुत ही दुःख भरा रहा और एक बार फिर जालिमो ने कुछ बेगुनाहों  की जान ले ली. ज़ुल्म करना और ज़ुल्म सहना दोनों ही जालिमों की हरकतों को बढ़ावा देता है. हमारी सरकार को अब तो कोई ठोस  क़दम उठाना ही चाहिए. हमारा  कुसूर क्या है ?

close up 2कोई पूछे तो कह देना , हो रहा भारत निर्माण

मातम पसरा है शहर में , और भीड भरा है शमशान ,कोई पूछे तो कह देना , हो रहा भारत निर्माणचुप्प बैठे पिरधान जी , परदेस जा बसीं मादाम ,कोई पूछे तो कह देना , हो रहा भारत निर्माणमुलाकात
imageशिक्षक दिवस  समारोह के  मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों और शिक्षकों को   संबोधित   करते हुए आदरणीय कुलपति प्रोफ़ेसर सुंदर लाल जी नें कहा कि आज समय की पुकार है कि शिक्षक अपनें तप बल  से विद्यार्थियों  को प्रेरणा  दें,ताकि विद्यार्थी उनका अनुसरण कर अपनी मंजिल पा सकें

imageमायावती ने कुछ अनोखा नहीं किया

विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज और यूपी की मुख्यमंत्री मायावती के बीच हुई तानेबाजी किसी के भी होठों पर मुस्कान ला देगी। विकिलीक्स ने खुलासा किया कि मायावती ने अपने पसंदीदा सैंडल्स लाने के लिए अपना एक प्राइवेट जेट विमान लखनऊ से मुंबई भेजा था
imageवो दिन के जिसका वादा है....हम देखेंगे

लाज़िम है कि हम भी देखेंगे,वो दिन के जिसका वादा है
जो लौहे-अज़ल में लिखा है,जब ज़ुल्मो-सितम के कोहे-गराँ. करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान..
imageसर, आप जेड सिक्यूरिटी ले लिजिये.
नही !... हमे सिक्यूरिटी की कोई जरुरत है ही नहीं. हमारे साथ तो सारी जनता है. हम सरकार से जन लोकपाल बिल मांग रहे हैं, और आप हमें जेड सिक्यूरिटी दे रहे हैं? 
imageहादसों की खबर से दिल उनका
अब सिहरता नहीं
किसी के दर्द में हमदर्दी जताने के लिए
अब कोई निकलता नहीं
लगाने लगता है हिसाब कीमत का
imageप्यार क्या है .............? सभी शिक्षकों को ’शिक्षक दिवस’ बहुत बहुत मुबारक हो सच्ची शिक्षा वही है जिस के द्वारा मनुष्य का सर्वांगीण विकास हो  और ऐसी शिक्षा के दो सशक्त स्तंभ हैं  १ -मानवता और  २ -प्यार तथा स्नेह, जिन पर इस संसार का अस्तित्व टिका हुआ है,
imageदेश से ऐसे मिटेगा भ्रष्टाचार...खुशदीप नीतीश कुमार सरकार ने बिहार में एक अच्छा कदम उठाया है...बिहार में एक आईएएस अधिकारी के पटना स्थित आलीशान बंगले को ज़ब्त करके राज्य सरकार ने गुरुवार से उसमें कमज़ोर तबक़े के बच्चों का स्कूल खोल दिया है
imageबेवफा न कह देना

झाँक कर देखा इन झरोखों में
था  इन्तजार तेरी आँखों में
हमको तुम बेवफा न कह देना, बन्द अरमान हैं सलाखों में...
257621_1388967541896_1763331294_664495_5463045_oपत्थर की इस नगरी में , इक दिल का मिलना मुश्किल है ।
भीड भरे इस मंजर में, इक मन का मिलना मुश्किल है


या मेरी चाहत सही नही, या दुनिया की हमको समझ नही ।
हम ही कुछ नादां से है , या दुनिया में अब ईमां ही नही
roopchand"दोहे-मन को करें विभोर" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

चाहत मन में अगर हो, बन जाते सब काम।
श्रम के बिन संसार में, कभी न होता नाम।।
केवल कर्म प्रधान है, जीवन का आधार।
बैठे-ठाले कभी भी, मिले नहीं उपहार।।
imageक्या विवाह बाधक है??? कुछ समय से ( खासकर भारतीय परिवेश में )अपने आस पास जितनी भी महिलाओं को अपने क्षेत्र  में सफल और चर्चित देख रही हूँ .सबको अकेला पाया है .किसी ने शादी नहीं की या कोई किसी हालातों की वजह से अलग रह रही हैं.
imageटिकाऊ बनाम टरकाऊ ब्लागिंग!
जब तक विद्वान ब्लॉगर यह तय करें कि ब्लॉग लेखन एक विधा है या महज अभिव्यक्ति का माध्यम आईये समय बिताने के लिए किसी  और विषय पर चर्चा कर लेते हैं. जैसे टिकाऊ बनाम टरकाऊ ब्लागिंग!
imageजेल में खाएं खिचडी चोखा
अब तिहाड़ में कितने मंत्री
बतियाते आपस में संतरी
पता नहीं अब कितने आए
क्या तिहाड़ संसद बन जाए

imageअंधेर नगरी चौपट राज : मुफ्त मरती जनता

चौंक कर जागे थे चौपट राज
मंत्री!
जाकर देखो
ये महल के बाहर पटाखा चलाने की
हिम्मत किसने की है?
हुज़ूर!
बम विस्फोट हुआ है
आतंकवादी हमला।
कविता अर्चना चावजी जी की मधुर आवाज़ मे
गणेश चतुर्थी पर ....बाल गीत-- गणेश....डा श्याम गुप्त...
बेटे का नाम बदल कर जन लोकपाल बेटी का नाम सिविल सोसाइटी रख दिया
imageभ्रष्टाचार किसी कानून से दूर नहीं होगा। वह दूर होगा दृढ़ इच्छा शक्ति और आत्मबल से। इस पर यह प्रतिक्रिया भी आई कि फिर कानूनों की जरूरत ही क्या है।
मनमोहन सिंह के पास सिर्फ मारुति -800 कार है, लेकिन पवार के पास कोई कार नहीं
ब्लोगेर की आवाज़ बड़ी दूर तक जाती है, इसका सही इस्तेमाल करें और समाज को कुछ ऐसा दे जाएं, जिस से इंसानियत आप पे गर्व करे.यदि आप की कलम मैं ताक़त है तो इसका इस्तेमाल जनहित मैं करें…एस.एम.मासूम

19 comments:

  1. सर जी बहुत ही सुंदर. यह कला हमें भी सिखा दें

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  2. मासूम जी, चर्चा को बहुत खूबसूरत अंदाज में सजाया है आपने। बधाई।

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    ब्‍लॉग समीक्षा की 32वीं कड़ी..
    पैसे बरसाने वाला भूत!

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  3. मासूम जी !!
    बधाई ।|

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  4. badhia sankalan links ka aur badhia prastuti bhi ...
    badhai ..

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  5. बहुत ही शानदार चर्चा....
    बहुत ही अच्छे लिंक्स...
    सादर...
    |मेरी कविता को यहाँ स्थान देने के लिए आभार |

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  6. मासूम भाई,
    चर्चा में मेरा लिंक देने के लिए आभार...

    जय हिंद....

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  7. बेहद खूबसूरत चर्चा
    आदरणीय एस.एम.मासूमजी बहुत बहुत आभार

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  8. बहुत खूबसूरत चर्चा....अच्छे लिंक्स...
    मासूमजी मेरी कविता को यहाँ स्थान देने के लिए आभार...

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  9. क्या बात है...बहुत सुन्दर प्रस्तुति

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  10. मासूम जी ये अच्छी बात रही कि आज आप भूले नही , वरना हमे इतने अच्छे लिंक्स कैसे पढने को मिलते, वैसे कभी ना कभी तो हम सब ही कुछ ना कुछ भूलते ही रहते है , ये कोई बडी बात नही ....
    आप्ने समय निकाल कर चर्चा की .. आपका आभार

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  11. बहुत ही रोचक चर्चा...

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  12. ज़नाब मासूम साहिब!
    आज की सजावटी चर्चा बहुत अच्छी लग रही है!
    लिंकों का चयन भी बहुत अच्छा किया है आपने!
    आभार!

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  13. चाहत मन में अगर हो, बन जाते सब काम।
    श्रम के बिन संसार में, कभी न होता नाम।।
    केवल कर्म प्रधान है, जीवन का आधार।
    बैठे-ठाले कभी भी, मिले नहीं उपहार।.

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  14. आप की चिंता जायज़ है मासूम भाई पर हमारे नेता तो वोट बैंक की चिंता में ही लगे रहते हैं चाहे जितनी भी चिताएं जले, उससे उनको क्या सरोकार???

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  15. शानदार चर्चा के लिये बधाई भाईजान. मेरा लिंक शामिल करने के लिये हार्दिक धन्यवाद.

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  16. masoom ji , nice post ..
    aur aapne mere post ko shamil kiya
    thanks for that.....

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