साहित्यकार समागम

मित्रों।
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार) को खटीमा में मेरे निवास पर साहित्यकार समागम का आयोजन किया जा रहा है।

जिसमें हिन्दी साहित्य और ब्लॉग से जुड़े सभी महानुभावों का स्वागत है।

कार्यक्रम विवरण निम्नवत् है-
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार)
प्रातः 8 से 9 बजे तक यज्ञ
प्रातः 9 से 9-30 बजे तक जलपान (अल्पाहार)
प्रातः 10 से अपराह्न 1 बजे तक - पुस्तक विमोचन, स्वागत-सम्मान, परिचर्चा (विषय-हिन्दी भाषा के उन्नयन में
ब्लॉग और मुखपोथी (फेसबुक) का योगदान।
अपराह्न 1 बजे से 2 बजे तक भोजन।
अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक कविगोष्ठी
अपराह्न 5 बजे चाय के साथ सूक्ष्म अल्पाहार तत्पश्चात कार्यक्रम का समापन।
(
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री का निवास, टनकपुर-रोड, खटीमा, जिला-ऊधमसिंहनगर (उत्तराखण्ड)
अपने आने की स्वीकृति अवश्य दें।
सम्पर्क-9368499921, 7906360576

roopchandrashastri@gmail.com

Followers

Wednesday, September 14, 2011

"मनु वादी असांजे और प्यारी बहन सैंडिल क्वीन" (चर्चा मंच-637)

नमस्कार मित्रॊं, बुधवासरीय चर्चा में फ़िर से एक बार आप सभी का स्वागत है। शुरू घोटालों की लंबी श्रंखला में एक और नयी कड़ी  एयर इंडिया घोटाले पर फ़ुल्फ़ुल पटेल जी से चर्चा    करने पर उनके तर्क सुन हमारी तो रूह फ़नां हो गयी। इस पर धनंजय जी ने याद दिलाई कहां पड़े हो मियाँ यह तो कुछ भी नही   सैंडिल क्वीन ?  मायावती के बारे में नही सुना क्या।  आनंद प्रधान जी का कहना था कि बात एक दल की नहीं है रेड्डी बंधुओं के अवैध खनन का सर्वदलीय साम्राज्य  देखो।  इस पर हमने कहा वोट कौन देता है ऐसे लोगों को,  तो स्वराज्य करूण जी ने उफ़ ! ये भयंकर भक्ति भावना !  में मामले को विस्तार दिया। यह सब देख विद्या जी ने कहा उड़ गई है नींद आँखों की   इस पर रेखा जी बोलीं जय बोलो बईमान की  । दिगम्बर नासवा जी ने दोष अखबारों को दिया कि  ख़बरों को अखबार नहीं कर पाता हूँ ..           संजय शर्मा हबीब जी बोले तब से अब तक...   क्या हो गया हम कहाँ से कहाँ आ गये अब कॊई नेता नजर नही आता हमने तुरंत मोदी जी का नाम सुझाया तो प्रमोद जोशी जी बोले मोदी परअब भी तलवार   लटक रही है   गुजरात दंगो की। अब जवाब तो देश को ही खोजना है कि विकल्प क्या हो सकता है। खैर अब अराजनैतिक रचनाओं पर नजर डालें सबसे पहले हिन्‍दी    राहुल सिंह जी की बेहतरीन रचना और उसके बाद उतनी ही खूबसूरत संजय महापात्र जी की नयन वाणी  और इसी क्रम में कुँवर कुशुमेश जी की रचनाएँ   आती हैं। और  ललित शर्मा  जी का रेडियो का जादू -   भी पठनीय है। अनिल पुसदकर जी व्यवस्था पर सवाल उठा पितर मे नया खरीदने पर आपत्ति क्यों    कर रहे हैं। सबसे अंत में डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक  जी के सुपुत्र नितिन जी को जन्म दिवस पर आशीष-शुभ 

13 comments:

  1. सुन्दर संक्षिप्त चर्चा।

    ReplyDelete
  2. सुन्दर तरीके से सजाई गई बेहतरीन चर्चा | अच्छे लिंक्स उपलब्ध कराने के लिए आभार |

    मेरे ब्लॉग में भी आयें-
    मेरी कविता

    ReplyDelete
  3. सुन्दर चर्चा है जमी, सारे सारोकार |
    सुधी-जनों पर कर रहे, बहुत बड़ा उपकार ||

    ReplyDelete
  4. आपने चर्चा मंच में आज लिखा कि "इसी क्रम में कुँवर कुशुमेश जी की रचनाएँ आती हैं".
    जब वहां क्लिक करता हूँ तो भड़ास ब्लॉग खुलता है ,मेरा ब्लॉग नहीं खुलता है.
    शायद कुछ गड़बड़ी हो गई है,देखिएगा.
    कुँवर कुसुमेश

    ReplyDelete
  5. सैंडिल,हवाई जहाज ,खदान,दंगा ,गुजरात, पितृ पक्ष, वोट गणित,कविताएँ साथ में हैप्पी बड्डे ! सब कुछ समाहित, आनंददायी विमर्श के लिए साधुवाद.

    ReplyDelete
  6. बहुत ही शानदार चर्चा....
    बहुत ही अच्छे लिंक्स...
    सादर...
    मेरी कविता को यहाँ स्थान देने के लिए आभार |

    ReplyDelete
  7. भाई अरुणेश सी दवे जी
    आज की चर्चा में बहुत अच्छे लिंक दिए हैं आपने!
    --
    कुँवर कुसुमेश जी का लिंक मैंने ठीक से लगा दिया है!
    अब उनकी पोस्ट इस लिंक से खुल रही है!

    ReplyDelete
  8. बहुत ही अच्‍छी चर्चा

    ReplyDelete
  9. लिंक ठीक करने के लिए धन्यवाद,शास्त्री जी.

    ReplyDelete
  10. चर्चा काफी अच्छी रही .....

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

(चर्चा अंक-2853)

मित्रों! मेरा स्वास्थ्य आजकल खराब है इसलिए अपनी सुविधानुसार ही  यदा कदा लिंक लगाऊँगा। शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  ...