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Wednesday, June 01, 2016

सृष्टि का आरंभ ओम की ध्वनि से हुआ ; चर्चा मंच 2360

पैसा भोजन सुख पचे, सही रहेंगे आप |
अहंकार चर्बी बढ़े, बढ़े अन्यथा पाप |

बढ़े अन्यथा पाप, तोड़ता "सुख" मर्यादा |
मानवता विसराय, बढ़े गर "पैसा" ज्यादा |


बिगड़े सोच शरीर, जिए इक रोगी जैसा |
कर रविकर सद्कर्म, पचा सुख भोजन पैसा ||


Sushil Bakliwal 


Rajesh Shrivastav 


ऋता शेखर मधु 


महेश कुशवंश 


रविकर  


Vineet Verma 


DrPratibha Sowaty 


राजीव कुमार झा 


pramod joshi 

rajeev kumar Kulshrestha 
vijay kumar sappatti 
डा0 हेमंत कुमार ♠ Dr Hemant Kumar 
vandana gupta 
yashoda Agrawal 
रूपचन्द्र शास्त्री मयंक  

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