Followers

Search This Blog

Saturday, December 08, 2018

"शहनाई का दर्द" (चर्चा अंक-3179)

मित्रों! 
शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  
(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
--
--
--

शहनाई का दर्द 

Sudhinama पर sadhana vaid  
--
--

अरे साला रिक्शा 

अरे साला रिक्शा नगर के जाम में रिक्शा के आगे अपनी बाइक लगा कर जाम लगाने के अपराधबोध से मुक्त युवक ने सीधा सीधा रिक्शा चालक को गाली देनी शुरू कर दी.... 
Sathi साथी  
--
--
--

----- ॥पद्म-पद ३१॥ ----- 

----- || राग- || -----  
नीर भरे भए नैन बदरिया..,  
चरन धरत पितु मातु दुअरिआ..,  
अलक झरी करि अश्रु भर लाई  
बरखत भई पलक बदरिया.., 
NEET-NEET पर 
Neetu Singha 
--
--
--
--
--
--
--

छटा प्रकृति की तो मतवारी है 

फ़ूलों से महकी अब क्यारी है  
अँगना खिली आज फुलवारी है ..  
नाचते झूम झूम मोर बगिया  
कुहुके कोयल डारी डारी है ..  
Ocean of Bliss पर 
Rekha Joshi  

9 comments:

  1. सुप्रभातम
    शानदार लिंक्स,मेरी रचना को भी स्थान देने के लिए आभार।

    ReplyDelete
  2. शुभ प्रभात..
    आभार...
    सादर...

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर शनिवारीय चर्चा।

    ReplyDelete
  4. उम्दा चर्चा। मेरी रचना को चर्चा मंच में स्थान देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, आदरणीय शास्त्री जी।

    ReplyDelete

  5. सुन्दर तन पाया है तुमने,
    लेकिन बहुत घमण्डी हो।
    नहीं जानती प्रीत-रीत को,
    तुम चिड़िया उदण्डी हो।।

    जल्दी-जल्दी कदम बढ़ाकर,
    तुम आगे को बढ़ती हो।
    अपनी सखी-सहेली से तुम,
    सौतन जैसी लड़ती हो।।
    kabirakhadasaraimen.blogspot.com
    रूप गर्विता बन काहे को इठलाती हो ,
    उम्र बढ़ेगी ढल जाएगा यौवन सारा पगलाती हो।
    सुन्दर भाव और अर्थ की रचना शस्त्री जी की।

    ReplyDelete
  6. शुभ प्रभात आदरणीय
    बहुत ही सुन्दर चर्चा प्रस्तुति 👌
    मेरी रचना को स्थान देने के लिय सह्रदय आभार
    सादर

    ReplyDelete
  7. बहुत अच्छे लिंक दिए...व्यवस्थित प्रस्तुति !
    मधुर गुंजन को शामिल करने के लिए आभार !!

    ReplyDelete
  8. Very Nice.....
    बहुत प्रशंसनीय प्रस्तुति.....

    ReplyDelete
  9. हार्दिक धन्यवाद एवं आभार शास्त्री जी मेरी रचना को आज के मंच पर स्थान देने के लिए ! सभी लिंक्स बहुत ही सुन्दर एवं सार्थक !

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।