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Tuesday, December 18, 2018

"कुम्भ की महिमा अपरम्पार" (चर्चा अंक-3189)

मित्रों! 
मंगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  
(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
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तेरे जाने के बाद बहुत काम आये आंसू ..... 

कभी रोके,कभी पोछे,कभी छुपाये आँसू ,  
तेरे जाने के बाद बहुत काम आये आँसू... 
tHe Missed Beat पर 
dr.zafar 
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यूँ तो हर मंदिर में बस पत्थर मिलेगा ... 

खेतपीपल, घरकुआँ, पोखर मिलेगा
क्यों है ये उम्मीद वो मंज़र मिलेगा

तुम गले लगना तो बख्तर-बंद पहने
दोस्तों के पास भी खंज़र मिलेंगा... 
Digamber Naswa 
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नीम 

देवेन्द्र पाण्डेय  
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5 comments:

  1. सुप्रभात
    सुंदर रचनाओं का संकलन।
    आभार

    ReplyDelete
  2. शुभ प्रभात आदरणीय
    बहुत ही सुंदर रचनाओं का संकलन।
    मेरी रचना को स्थान देने के लिए सह्रदय आभार आदरणीय
    सादर

    ReplyDelete
  3. विस्तृत चर्चा ...
    आभार मुझे शामिल करने के लिए

    ReplyDelete
  4. वाह बेहतरीन चर्चा, कई बढ़िया लिंक्स, आभार!

    ReplyDelete

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