Followers

Tuesday, January 08, 2019

"कुछ अर्ज़ियाँ" (चर्चा अंक-3210)

मित्रों! 
मंगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  
(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
--
--
--
--

एक लहर 

पतों की सरसराहट  
फूलों की मुस्कराहट  
दस्तक धड़कनों को यह  
दे रही कुछ अर्ज़ियाँ... 
RAAGDEVRAN पर 
MANOJ KAYAL 
--
--
--

लम्हे इश्क के ... 

एक दो तीन ...  
कितनी बार फूंक मार कर  
मुट्ठी से बाल उड़ाने की नाकाम कोशिश  
आस पास हँसते मासूम चेहरे  
सकपका जाता हूँ  
चोरी पकड़ी गयी हो... 
Digamber Naswa 
--
--
--
--
--
--
--

ग़ज़ल 

मेरे अर्धांश को उल्फत ने मारा  
बचा आधा तेरी सूरत ने मारा ... 
कालीपद "प्रसाद 
--

5 comments:

  1. उम्दा चर्चा। मेरी रचना शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, आदरणीय शास्त्री जी।

    ReplyDelete
  2. विस्तृत लिंक्स आज इस मंच पर ...
    आभार मेरी रचना को जगह देने के लिए ...

    ReplyDelete
  3. बेहतरीन चर्चा संकलन 👌

    ReplyDelete
  4. बहुत सुंदर संयोजन
    सभी रचनाकारों को बधाई
    मुझे सम्मलित करने कक आभार
    आपको साधुवाद

    ReplyDelete
  5. बहुत ही सुन्दर चर्चा संकलन

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।