Followers

Tuesday, January 22, 2019

"गंगा-तट पर सन्त" (चर्चा अंक-3224)

मित्रों! 
मंगगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  
(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
--
--

सूरज तुम जग जाओ न... 

श्वेता सिन्हा 

धुँधला धुँधला लगे है सूरज
आज बड़ा अलसाये है
दिन चढ़ा देखो न  कितना
क्यूँ.न ठीक से जागे है
छुपा रहा मुखड़े को कैसे
ज्यों रजाई से झाँके है... 
Digvijay Agrawal 
--
--

ग़रीब 

प्यार पर 
Rewa tibrewal
--

मेरा प्यार 

अचानक मेरे दिल में अहसास होता है,
कोई मेरे आस पास होता है,
उसकी आखो के समुन्दर में,
डूबने का अहसास होता है... 
aashaye पर garima  

खिचड़ी 

हमारे देश मे दरवाजा बंद करना कभी सुहागरात की निशानी होती थी, अब स्वच्छता अभियान की पहचान है। इसके लिए आदरणीय अमित सर और दूरदर्शन के शुक्रगुजार हैं... 
देवेन्द्र पाण्डेय  
--
--

न्याय-व्यवस्था ... 

कौन हूँ मैं
आँखों में पट्टी लपेटे
दूर तक गहरा देखने की क्षमता से विकसित
श्वेत धवल पाषाण काया में  
सत्य की तराजू थामे
झूठ के ग्रुत्वाकर्षण से मुक्त
स्थित्प्रग्यसंवेदना से परे 
गरिमामय वैभवशाली व्यक्तित्व लिए
याद आया कौन हूँ ...  

Digamber Naswa  
--

7 comments:

  1. ब्लाॅग के पाठकों से अनुरोध..

    शायद आपको मालूम हो कि अब G+ खत्म होने वाला है। अतः G+ Platform से किए गए सारे comments स्वतः ही समाप्त हो जाएंगे। परन्तु जो टिप्पणी सीधे ब्लॉग पर जाकर की जाएगी, वे आगे भी बने रहेंगे।

    बाद मे जब G+ profile खुद ब खुद deactivate हो जाएंगे तो G+ से किए गए सारे कमेंट्स जो अभी तो दिख रहे हैं, बाद में दिखने भी बंद हो जाएंगे।

    आवश्यक यह है कि अपने ब्लॉग के comments setting में G+ से आनेवाले comments की सेटिंग No कर ली जाय ताकि पाठक की टिप्पणी सीधे रूप से ब्लॉग पर ही अंकित की जा सके।

    भविष्य की परेशानियों से बचने हेतु मैने कुछ परिवर्तन अपने ब्लॉग "कविता जीवन कलश" (purushottamjeevankalash.bligspot.com), "अंतहीन" (endlesspks.blogspot.com) तथा "अवधारणा" पर आवश्यक परिवर्तन अभी से ही कर लिए हैं ।

    कुछ दिनों बाद, मैं G+ profile के स्थान पर Blogger Profile ही use करूँगा।

    आपसे अनुरोध है कि अपनी टिप्पणी आप सीधे ब्लॉग पर आकर ही अंकित करें ताकि हमारा आपसी सम्पर्क-संवाद निर्बाध रूप से चलता रहे।

    सादर आभार ।

    ReplyDelete
  2. सुन्दर चर्चा ...
    आभार मेरी रचना को चामिल करने के लिए आज की चर्चा में ...

    ReplyDelete
  3. उम्दा चर्चा। मेरी रचना शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद,आदरणीय शास्त्री जी।

    ReplyDelete
  4. शानदार संकलन ......मेरी रचना को स्थान देने के लिए आभार आपका।

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।