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Wednesday, January 09, 2019

"घूम रहा है चक्र" (चर्चा अंक-3211)

मित्रों! 
बुधवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  
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पिक्सल 

इनदिनों 
हम सब गिने जा रहे हैं 
बाइट्स में 
पिक्सल में 
हमारी पहचान 
मापी जा रही है... 
सरोकार पर Arun Roy 
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खुद मैं @52 

पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा  
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एकांत के इस उत्सव में... 

श्वेता सिन्हा 

साँझ को नभ के दालान सेपहाड़ी के कोहान पर फिसलकरक्षितिज की बाहों में समाता सिंदुरिया सूरज,किरणों के गुलाबी गुच्छेटकटकी बाँधें खड़े पेड़ों के पीछे उलझकरबिखरकर पत्तों परअनायास ही गुम हो जाते हैंं...
yashoda Agrawal 
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6 comments:

  1. शुभ प्रभात
    आभार
    सादर

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  2. बहुत सुन्दर चर्चा संकलन 👌
    उम्दा रचनाएँ, सभी रचनाकारों को हार्दिक शुभकामनायें
    सादर

    ReplyDelete
  3. सुंदर संकलन के लिये धन्यवाद!

    ReplyDelete
  4. बहुत ही सुन्दर चर्चा संकलन

    ReplyDelete

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