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Wednesday, October 23, 2019

"आम भी खास होता है" (चर्चा अंक-3497)

मित्रों!
बुधवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
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प्यार की घंटी 

हृदय-पुष्प पर राकेश कौशिक 
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जिंदगी 

माना दर्द भरा संसार यह ज़िंदगी
लेकिन फिर भी है दमदार यह ज़िंदगी

आंसू  बहते  कहीं  मनाते जश्न  यहां
सुख दुख देती हमें अपार यह ज़िंदगी... 
Ocean of Bliss पर Rekha Joshi 
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प्रियतम 

Amit Mishra 'मौन' 
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नाम राम है ..... 

मुझे रहा नहीं प्रिय कभी नाम जो ये राम हैं
जानकी को हर कदम छला वो यही राम हैं

तब भी सोचता ये मन हो कर मगन
जन्म से मरण तक साथ में राम हैं... 
झरोख़ा पर निवेदिता श्रीवास्तव 
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कुम्हारों पर नहीं,  

ख़ुद पर करें एहसान 

दीवाली पर झालरों को कहें बाय. मिट्टी के दीये ख़रीद कर आप कुम्हारों पर नहीं, ख़ुद पर एहसान करेंगे. सोचिए, जब आप झालरों का उपयोग करते हैं तो क्या करते हैं? बिजली की खपत बढ़ाते हैं. दीवाली पर कई जगह ओवरलोडिंग के ही चलते शॉर्ट सर्किट हो जाती है. इससे केवल तकनीकी खामी के नाते बिजली के पारेषण की व्यवस्था ही खराब नहीं होती, बहुत सारी बिजली बर्बाद भी होती है... 
इयत्ता पर इष्ट देव सांकृत्यायन 
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यादगार दीपावली 

मेरे दोस्त नन्दू के पिता पटाखों का व्यापार करते हैं। उनका थोक का काम है। एक बार मुझ से नन्दू ने कहा था -"जब पटाखे लेने हों तो मेरे साथ चलना, मैं पापा से कह कर सस्ते दिलवा दूँगा।बाजार में यही पटाखे दुगनी कीमत पर मिलेंगे।' मैं ने पटाखों के लिए दो सौ रुपये मम्मी से लिए और दो सौ रुपये मैं ने अपने जेब खर्च में से बचाए थे।वह भी जेब में रख कर नन्दू के घर की तरफ चल दिया... 
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अधिकार की परिभाषा 

...बेटियों को देखकर
 सोचती हूँ
आख़िर हम अपने
किस अधिकार की
लड़ाई की बात करते हैं?
क्या यही परिभाषा है
स्त्रियों की
आज़ादी और समानता की? 
मन के पाखी पर Sweta sinha  
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भारत नमन के लघुकथा कॉलम में  

मेरी चार लघुकथाएं 

(Laghukatha Duniya) पर Chandresh 
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समीक्षा  

“सब्र का इम्तिहान बाकी है”  

(समीक्षक-डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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16 comments:


  1. चाहे मिले ग़म खुशियां मिली है हज़ार
    हर्ष में खिलता हुआ प्यार यह ज़िंदगी..
    यह अच्छी रचना चर्चामंच पर सुबह-सुबह पढ़ मन प्रफुल्लित हो गया।

    विविध विषयों को सजाये हुये बहुत सी श्रेष्ठ मंच, आप सभी की लेखनी को नमन।

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  2. Replies
    1. दिलबाग जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं।

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    2. और अनीता लागुरी का चर्चाकारा के रूप में स्वागत भी।

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    3. ...जी सुशील सर ...आपका बहुत-बहुत.. धन्यवाद..!!

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  3. दीपावली की आहट से भरपूर सुंदर संकलन... पर्व त्यौहार का मौसम चल रहा है दीपावली के पहले हर एक भारतीय परिवार अपने घरों की साफ-सफाई में जुड़ जाता है नए तरीके से घर की सजावट की जाती है आज के संकलन में भी दीपावली का उल्लेख मन को हर्षोल्लासित कर रहा है...!! आदरणीय #अनीता जी की आम भी खास हो गया एक भारतीय वोटर की मार्मिक स्थिति बखूबी उन्होंने अपनी कविता में बयां कर डाली ...#पलाश जी की रचना "खास हो गया ये भी बहुत प्रभावी है..!! दीपावली रोशनी पर्व का त्यौहार है ,अपने घरों में खुशियों के दीए जलाने के साथ-साथ अगर हम सर्तकता बरत कर माटी के दीए बनाने वाले कुम्हारों से खरीद बिक्री करें तो शायद उन्हें भी दीपावली में खुशियों की सौगात दे सकते है..!! माटी के दीयों की उपयोगिता के साथ-साथ लेखक ने प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले दुष्परिणाम से भी हमें चेता दिया..... पाब्लो नेरुदा की 7 कविताएं यह वाकई में बहुत ही प्रभावी लगी मुझे जब भी हम विदेशी लेखकों को पढ़ते हैं तो उनकी लेखन विद्या में एक अलग ही तरह की भाषा से हमारा संपर्क हो पाता है वो ज्यादा ही व्यहारिक ओर प्रयोगवादी लगते है..अलग ही माहौल में हम पहुंच जाते हैं... क्योंकि उनकी सोच और हमारी सोच में बहुत अंतर होता है.. संकलन के अंत में आपके द्वारा लिखित समीक्षा वाकई में किताब के प्रति जिज्ञासा बढ़ गई कि मैं भी इन्हें पढुँ बहुत ही अच्छा संकलन आपके द्वारा प्रस्तुत किया गया..!!


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  4. दीपावली बहुत जल्द आने वाली है और आप सबों ने ,#चर्चा मंच की ओर से मुझे बहुत ही खास तोहफा दिया मैं' आप सबों का दिल से धन्यवाद करती हूं, और विशेषकर आदरणीय शास्त्री जी का बहुत-बहुत धन्यवाद करती हूं..!!

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  5. अच्छी पठनीय रचनायें चुनी हैं आप ने ...
    मेरी रचना चुनने के लिये आभार !!!

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  6. बेहतरीन चर्चा प्रस्तुति 👌) प्रिय अनु का चर्चामंच पर तहे दिल से स्वागत है नन्ही-सी परी अपने जादू से चर्चामंच को हमेशा यूँ ही महकाती रहे.
    आदरणीय दिलबाग सर को उनके जन्मदिवस पर हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएँ.
    मुझे चर्चामंच पर स्थान देने के लिए सहृदय आभार आदरणीय.
    प्रणाम
    सादर

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  7. विविधापूर्ण सूत्रों से सजी प्रस्तुति में मेरी रचना को स्थान देने के लिए आभारी हूँ।
    सादर।
    दिलबाग सर को जन्मदिन की शुभकामनाएँ।

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  8. बेहतरीन चर्चा प्रस्तुति...
    मेरी रचना चुनने के लिये आभार !!!

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  9. मंच पर एक और अच्छी चर्चा के आयोजन हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय रूपचंद शास्त्री 'मयंक' जी सर।

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  10. बहुत सुन्दर प्रस्तुति आदरणीय शास्त्री जी।

    सभी रचनाएँ सरस और संदेशपरक विशेषता के साथ।



    आदरणीय शास्त्री जी द्वारा सुंदर सराहनीय एवं ज्ञानवर्धक पुस्तक समीक्षा।



    सभी चयनित रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएँ।



    दिलबाग जी को जन्मदिवस पर अशेष मंगलकामनाएँ।



    चर्चाकार के रूप में अनीता लागुरी 'अनु' जी का हार्दिक स्वागत है। युवा जोश की झलक अब चर्चा मंच पर बिखेरती नज़र आएंगी अनु जी। हमारी ओर से उज्ज्वल भविष्य की ढेरों मंगलकामनाएँ।

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  11. आदरणीय शास्त्री जी द्वारा सुंदर पुस्तक समीक्षा।
    आदरणीय दिलबाग जी को जन्मदिवस पर अशेष शुभकामनाएं।
    चर्चाकार के रूप में अनीता लागुरी जी का हृदय तल स्वागत।
    पुरा संकलन बहुत सुंदर और सुसज्जित।
    शानदार चर्चा अंक।

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