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Thursday, August 13, 2020

चर्चा - 3792

 आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है
आओ मोहन प्यारे 
 

alt="JANMASHTMI2020"
तुम्हें अवतरित फिर से होना पड़ेगा 
 
कंधे 
 My photo
कहानी 
 मुरझाया फूल 
 
संक्षिप्त 
 
जन्मे कन्हाई 
  
हरि कब आओगे  
  
 जीवन होगा टिका पुनःअमिट मुस्कानों पर 
  
एक ख़ुद्दार शायर
  
आज भी क्यों जरूरी हैं कृष्ण 
 मेरी फ़ोटो 
शर शय्या पर समय विराजे
धन्यवाद 
दिलबागसिंह विर्क 

9 comments:

  1. बहुत सुंदर चर्चा प्रस्तुति।

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  2. उपयोगी लिंकों के साथ सुन्दर चर्चा प्रस्तुति।
    आपका आभार आदरणीय दिलबाग सर।

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  3. दिलबागसिंह विर्क जी, बहुत सुंदर संयोजन के लिए बधाई।

    कृपया मेरे ब्लॉग साहित्य वर्षा पर भी पधारें 🙏
    लिंक दे रही हूं -
    https://sahityavarsha.blogspot.com/2020/08/blog-post_12.html?m=1

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  4. उपयोगी लिंकों के साथ सुन्दर चर्चा प्रस्तुति।

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  5. कृष्ण रंग में रँगी सुंदर रचनाओं के सूत्र देता चर्चा मंच, आभार !

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  6. मेरी रचना को उपयुक्त स्थान देने के लिये, विर्क जी, शास्त्री जी एवं चर्चा मंच के सभी व्यवस्थापकों का हृदय से आभार...

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  7. शुभ प्रभात
    आभार
    सादर

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  8. सुन्दर, सार्थक, सारगर्भित सूत्रों का समायोजन आज की चर्चा में ! मेरी रचना को सम्मिलित करने के लिए आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार दिलबाग जी ! सादर वन्दे !

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