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Friday, July 29, 2022

'भीड़ बढ़ी मदिरालय में अब,काल आधुनिक आया है' (चर्चा अंक 4505)

सादर अभिवादन। 

शुक्रवारीय प्रस्तुति में आपका स्वागत है। 

लीजिए पढ़िए कुछ चुनिंदा रचनाएँ- 

दोहे "भारतरत्न मिसाइल-मैन को शत-शत नमन" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

जिसने जीवन भर कियामानवता का काम।
भारत का सर्वोच्च-पदहुआ उसी के नाम।।
--
बचपन जिया अभाव मेंकभी न मानी हार।
दुनिया में विज्ञान कोदिया सबल आधार।।
**
*****
उदासी के पाँव में महावर है   
जिसकी निशानी दिख जाती है   
बदली को दिख गई और आकर लिपट गई   
उसे उदासी पसन्द जो नहीं है   
धुलकर अब खिल गई हूँ मैं,   
उदासी के पाँव के महावर फिर गाढ़े हो रहे हैं   
अब अगली बारिश का इन्तिज़ार है।

कुछ एहसास ...

माथे पे गिरी एक आवारा बूँद
जगाने लगे एक अनजानी प्यास
समझ लेना तन्हाई के किसी लम्हे ने
अंगड़ाई ली है कहीं

*****
रात में मिला दुख 
सुबह बुहारते हुए रख आयी 
वे आंँगन के कोने में 
और अधिक मात्रा में इकट्ठा होने पर 
टोकरीं में भरकर राख़ में
तबदील कर आयी 

नजदीक के किसी खेती में
*****

नशा

भीड़ बढ़ी मदिरालय में अब,काल आधुनिक आया है।

मातु पिता सँग बच्चे पीते,संस्कृति को बिसराया है।।

प्रेम रोग का बना बहाना,मन का दर्द मिटाया है।

अर्थ व्यवस्था टिकी इसी पर,शासन ने बिकवाया है ।।

*****

विसर्जन

जीने की ललक, कोंपल-से फूटते स्वप्न; उम्र के अंतिम पड़ाव पर जीवन में रंग भरतीं सांसें ज्यों चेहरे की झूर्रियों से कह रही हों तुम इतनी जल्दी क्यों आईं ?

न चाहते हुए सुदर्शना से बुआ के पैर पर पैर रखा गया और कह बैठी-

"  छोरियाँ तो देखती थीं न स्वप्न।”

*****

विदेशी बच्चे और स्वदेशी मात पिता की मज़बूरी --

बस मोतियाबिंद से धुंधलाई आँखों की 

सूखी पलकों में ,

अश्क का एक कतरा अटक गया है। 

कॉरिडोर और धुंधला नज़र आ रहा है , 

शायद कोई आ रहा है, 

या फिर 

कोई आने जाने वाला जा रहा है।   

*****

फिर मिलेंगे। 

रवीन्द्र सिंह यादव 


8 comments:

  1. सन्तुलित और सार्थक चर्चा।
    आपका आभार आदरणीय रवीन्द्र सिंह यादव जी।

    ReplyDelete
  2. बढियां संकलन धन्यवाद आदरणीय मेरी रचना को स्थान देने के लिए

    ReplyDelete
  3. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति

    ReplyDelete
  4. शामिल करने के लिए आपका आभार। 👍🏻🌺🌺

    ReplyDelete
  5. सुंदर चर्चा प्रस्तुति। सराहनीय अंक ।

    ReplyDelete
  6. बहुत सुंदर प्रस्तुति।
    स्थान देने हेतु हार्दिक आभार।
    सादर

    ReplyDelete
  7. बहुत सुंदर चर्चा प्रस्तुति

    ReplyDelete
  8. बहुत बढ़िया प्रस्तुति।❤️

    ReplyDelete

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