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Friday, September 02, 2022

'रोता ही रहता है मेरे घर का नल' (चर्चा अंक 4540)

सादर अभिवादन। 

शुक्रवारीय प्रस्तुति में आपका स्वागत है। 

आइए पढ़ते हैं चंद चुनिंदा रचनाएँ-

गीत "मीत बन जाऊँगा" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मन के विश्वास को हारना मत कभी
हार संसार से मानना मत कभी,
तुम बुरे वक्त में याद करना मुझे,
मैं तुम्हारे लिए जीत बन जाऊँगा।
मैं तुम्हारे लिए मीत बन जाऊँगा।।
*****

यदि कोई न मिला तो कारण ?

वह ही होगा, 

कमी कहीं उसमें ही होगी ,

उसे ही खोजना पड़ेगा।

*****
दिखावे की दुनियाँ में जीता एक कवि ह्रदय -सतीश सक्सेना
गरजें लहरें बेचैनी की
कहाँ किनारा पाएंगी !
धीरे धीरे ये आवाजें ,
सागर में खो जाएंगी !
क्षितिज नज़र न आये फिर
भी, हार न मानें मेरे गीत !
ज़ख़्मी दिल में छुपी वेदना, जाने किसे दिखाएँ गीत!
*****
६६४. नल

कुछ बोलता नहीं,

रोता ही रहता है 

मेरे घर का नल,

वह कुछ कहता नहीं,

मैं कुछ समझता नहीं. 

*****

इश्क हकीम

 मैंने सोचा गुड़ तो ठीक है लेकिन गोबर!

 मैने कहा, बात कुछ हजम नहीं हुई,

वह बोला, अजवाइन फांक लो हजम हो जायेगी,

वह प्रेम को पचाने के नुस्खे बताता रहा,

*****

वह नहीं बोलता कभी

आँखें ही बोलती हैं उसकी

 एक छोर भी न पकड़ा और 

वर्षों से बुना

शिकायतों का स्वेटर एक पल में उधेड़ गया।

*****

कवि और कविता (मन हरण घनाक्षरी)

पिरोते भावों के मोती,
दिखा साहित्य की ज्योति,
साहित्य के बीज बोती,

स्वरों के छंद में।
*****
नए माह में नया जोश हो
हिंदी के विकास के लिए हमारा कर्तव्य है कि इसे अधिक से अधिक व्यवहार में लाएँ, इसकी शुद्धता का भी ध्यान रखें। हिंदी साहित्य का प्रचार व प्रसार करें। अन्य भाषाओं से हिंदी में अनुवाद हो और इसका विपरीत भी, ताकि सभी हिंदी के महत्व व इसकी क्षमता को अनुभव कर सकें। इसी महीने शिक्षक दिवस भी मनाया जाएगा। इसी महीने इंजीनियर दिवस व हृदय दिवस भी आते हैं तथा विश्व शांति दिवस भी।*****फिर मिलेंगे। रवीन्द्र सिंह यादव

7 comments:

  1. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति।
    मेरी पोस्ट को स्थान देने के लिए
    आपका हार्दिकआभार आदरणीय चर्चाकारः रवीन्द्र सिंह यादव जी।

    ReplyDelete
  2. बहुत सुंदर।उत्तम रचनाओं की प्रस्तुति सुजाता

    ReplyDelete
  3. सुन्दर चर्चा. आभार.

    ReplyDelete
  4. सुप्रभात ! चर्चा मंच में सम्मिलित सभी रचनाकारों को बधाई, पठनीय रचनाओं से सुसज्जित सुंदर प्रस्तुति, आभार !

    ReplyDelete
  5. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति

    ReplyDelete
  6. बहुत सुंदर संकलन। मन को भोगोता शीर्षक।

    मेरे सृजन को स्थान देने हेतु हार्दिक आभार।

    ReplyDelete
  7. बहुत सुंदर सराहनीय अंक।

    ReplyDelete

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