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Thursday, November 24, 2022

'बचपन बीता इस गुलशन में' (चर्चा अंक 4620)

सादर अभिवादन।

गुरुवारीय प्रस्तुति में आपका स्वागत है। 

आइए पढ़ते हैं आज की चुनिंदा रचनाएँ-

गीत "जीवन-चक्र" 

(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

भाँति-भाँति के सुमन खिले थे 
आपस में सब हिले-मिले थे 
प्यार-दुलार दिया था सबने 
बचपन बीता इस गुलशन में 
कितने सपने देखे मन में
*****

ओ नारी, 

ओ नारी

अब जाग जा,

 उठ खड़ी हो !

 कब तक भरमाई रहेगी?

 मिथ्यादर्शों का लबादा ओढ़

कब तक दुबकी रहेगी

परंपरा की खाई में 

*****

मन पूछता है.....

नारी हो तुम शक्ति पुंज कहलाती हो.......

अताताइयों को क्यों सिरमौर  बनाती हो....

प्रेम की भाषा जो समझ सका न कभी....

उसके ऊपर क्यों व्यर्थ समय गवांती हो

मां की देहरी लांघना थी प्रथम भूल तुम्हारी

प्यार आह में बदला,क्यों नही आवाज उठाई थी

नारी दुर्गा काली हैक्या खूब निभाया तुमने....

पैतीस टुकड़ों में कट कर उस दानव के हाथ

जान गवाई.....

*****

 बहुत कुछ बाक़ी है--

हर कोई देखना चाहे हैख़ुद का चेहरा बेदाग़,
ज़ेर ए नक़ाब आइने का राज़े इज़हार बाक़ी है,

*****

उस भली सी इक ललक को

नहीं माँगे सदा देती

नेमतें अपनी लुटाती,

चेत कर इतना तो हो कि

फ़टे दामन ही सिला लें!

*****

ये कहाँ जा रहें हम??

हमारे यहां धन से ज्यादा सद्गुणों को महत्व दिया जाता था।आज धन सर्वोपरि है। पूंजीवादी व्यवस्था ने संस्कारों की चिता जला दी है।रिश्ते-नातों का कोई महत्व नहीं रहा।पति-पत्नी के रिश्तों में बढ़ती खटास,एकल परिवार आज बच्चों में आक्रोश के जनक बन गए हैं।

*****

मेरी कलम से संग्रह समीक्षा युगांतर....... 

आशालता सक्सेना

*****

फिर मिलेंगे। 

रवीन्द्र सिंह यादव 

9 comments:

  1. आज के चर्चामंच में
    चुनिंदा हिंदी ब्लॉगों की लिंक्स
    प्रस्तुत करने के लिए
    आपका आभार आदरणीय रवीन्द्र सिंह यादव जी।

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  2. विविधरंगी चर्चा प्रस्तुत करने हेतु आपका आभार .

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  3. धन्यवाद मेरी रचना को आज के अंक में स्थान देने के लिए रविन्द्र जी |

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  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति रविंद्र जी,हमारी रचना को चर्चा मंच पर स्थान देने के लिए हृदय से आभारी हूं।

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  5. सुप्रभात! सभी रचनाकारों को बधाई, अतिश्रम से प्रस्तुत की गयी आज की चर्चा में मेरी रचना को स्थान देने हेतु आभार रवींद्र जी!

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  6. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति

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  7. बेहतरीन रचना संकलन एवं प्रस्तुति सभी रचनाएं उत्तम रचनाकारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं मेरी रचना को चयनित करने के लिए सहृदय आभार आदरणीय सादर

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  8. बहुत सुंदर चर्चा प्रस्तुति

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  9. चर्चा में मेरी रचना को स्थान देने हेतु आभार रवींद्र जी

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