समर्थक

Monday, September 26, 2011

आमन्त्रण(चर्चा मंच-649)

मैं चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ फिर हाज़िर हूँ चर्चामंच पर रंगबिरंगी चर्चा के साथ। आज चर्चा की शुरुआत करता हूँ एक आमन्त्रण से जो है डॉ. सुशील कुमार शुक्ल जी की तरफ़ से; आप सब न्योते में ज़रूर शरीक हों, तो प्रस्तुत है-
_________________________________
 नं. 1-
आमन्त्रण : ‘युग-युगीन नारी विमर्श’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लेने हेतु सभी विद्वत-जन, जो उत्सुक हों, दिनांक- 15-16 अक्टूबर, 2011 को यू.जी.सी. द्वारा प्रायोजित, प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, आचार्य नरेन्द्र देव किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बभनान, गोण्डा, उ.प्र. में सादर आमन्त्रित हैं।
_________________________________
2-
मेरा फोटो
_________________________________
3-
मेरा फोटो 

देवदार : देवदार कहूँ तुम्हें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी
_________________________________
4-
मेरा फोटो
_________________________________
5-
My Photo
फेस फेसबुक केस : भूसा भेजा में  भरा
_________________________________
6-
भारतीय काव्यशास्त्र – 85 : -आचार्य परशुराम राय प्रस्तुति मनोज कुमार
_________________________________
7-
My Photo
दोहे : गूँजे तार सितार
_________________________________
8-
My Photo
_________________________________
9-
My Photo
_________________________________
10-
मेरा फोटो
देश की आत्मा ही उनकी मूल संस्कृति है : पं. दीनदयाल उपाध्‍याय की जयंती 25 सितम्‍बर पर विशेष
_________________________________
11-
My Photo
_________________________________
12-
मेरा फोटो
_________________________________
13-
My Photo
रखता हूँ अपनी जेब में अब छुपा के हाथ... : स्वागत करेंगे आपका , हम बढ़ा के हाथ
_________________________________
14-
My Photo
_________________________________
15-
My Photo
न जाने प्यार है कितना : न जाने कौन सा नाता
_________________________________
16-
उच्चारण
वीणा की झंकार : -डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
_________________________________
17-
मेरा फोटो
_________________________________
18-
My Photo
ग़ज़ल : वाह! वाह!
_________________________________
19-

मौन समर्थन : मेरा भी
My Photo
_________________________________
20-
मेरा फोटो

don't want an ending... : दोस्तों, मेरी पिछली प्रश्न करती हुई पोस्ट को पढने के बाद मेरे बड़े बेटे अनिमेष, जो आई .आई .टी कानपुर में बी टेक तृतीय वर्ष का छात्र है, ने अपने विचारों को कुछ इस रूप में कहा है ...एक माँ के डगमगाते विश्वास को एक नई दृढ़ता दी है... अनिमेष को अपना आशीष दीजिये -निवेदिता
_________________________________
21-
My Photo
छिद्रान्वेषण...एक भाव-विषय ... दो रूप...हम क्या चाहते हैं...डॉ.श्याम गुप्त
_________________________________
22-
मेरा फोटो
मैंड्रीन, एक इंद्रधनुषीय बंदर : कुछ अलग सा
_________________________________
23-
मेरा फोटो
क्यों भाई! क्या गये हार? 
_________________________________
24-

फूट रही है उन्हे जवानी जबकि 'फिफ्टी' पार हो गए...गिरीश पंकज
_________________________________
25-
मेरा फोटो
प्रेम-पाती भाई उदयवीर सिंह की
_________________________________
26-
My Photo
कुछ दिल की बातें : अपनो का साथ
_________________________________
27-
मेरा फोटो
विशाल...दिल की कलम से : अन्धेरा
_________________________________
28-
मेरा फोटो
एक हिंदी प्रेमी की नाराजगी : रमेश कुमार सिरफिरा
_________________________________
29-
नवगीत
ये कैसा देश है -उमाकान्त मालवीय, प्रस्तोता- डॉ. व्योम
_________________________________
और अन्त में
मेरा फोटो
_________________________________
आज के लिए इतना शायद पर्याप्त होगा, फिर मिलने तक नमस्कार!

34 comments:

  1. बहुत ही सुन्दर चित्रमय चर्चा रही ।
    आपका बहुत बहुत आभार चन्द्रभूषण जी ।

    ReplyDelete
  2. bahut hi acchi tarah sajaya hai aapne aaj charcha ko..
    Mujhe bhi shamil karne ke liye aabhar.

    ReplyDelete
  3. बहुत ही संतुलित चर्चा सजायी है .........
    अनिमेष के विचारों को स्थान देने के लिये आभार !

    ReplyDelete
  4. गाफिल भाई, बडी शानदार चर्चा आपने जमाई। अब तो स्‍वीकारनी पडेगी बधाई।

    ------
    आप चलेंगे इस महाकुंभ में...?
    ...खींच लो जुबान उसकी।

    ReplyDelete
  5. सुन्दर चित्रमय चर्चा.

    ReplyDelete
  6. रंग-बिरंगी चर्चा के लिए बहुत-बहुत आभार।

    ReplyDelete
  7. दस बारह पढ़ लिये अभी बहुत हैं शेष
    देर शाम पढ़ना सभी, क्या और विशेष
    ...आभार।

    ReplyDelete
  8. मनमोहक पोस्ट ।

    ReplyDelete
  9. उत्तम प्रयास शुभ संकलन ,को शुभकामनयें एवंबधाईयाँ जी ......./

    ReplyDelete
  10. आभार ||

    आपकी इस प्रस्तुति पर
    बहुत-बहुत बधाई ||

    ReplyDelete
  11. anek links sarthak thay. achchha lagaa. yah abhiyaan samvaad ka achchha zariyaa ban gaya hai. dhanywad..

    ReplyDelete
  12. बहुत ही शानदार चर्चा....
    बहुत ही अच्छे लिंक्स...
    चन्द्रभूषण जी ।
    |मेरी कविता को यहाँ स्थान देने के लिए आभार |

    ReplyDelete
  13. बढ़िया लिंक का संकलन | बहुत बढ़िया चर्चा सजाई आपने | आभार |

    मेरी रचना देखें-
    मेरी कविता:सूखे नैन

    ReplyDelete
  14. बहुत ही सुन्दर चित्रमयी चर्चा...बधाई.

    ReplyDelete
  15. बहुत सुन्दर चित्रमयी चर्चा।

    ReplyDelete
  16. Chandra bhushan ji namaskar ....bahut umda charcha hai ...meri rachna ko apni shubhkamna dene ke liye ...aur aaj charcha manch par sthan dene ke liye abahar ...

    ReplyDelete
  17. सुंदर चर्चा ...धन्यवाद...मेरे लिंक के लिए...

    ReplyDelete
  18. सुव्यवस्थित चर्चा.अच्छे लिंक्स.आभार

    ReplyDelete
  19. सुन्दर और सार्थक चर्चा ....

    ReplyDelete
  20. सुंदर प्रस्तुति। दक्षिण में हिंदी के काम पर ‘हिंदी-भारत’ पर श्रंखला लेख देखने को मिला जो गम्भीर चर्चा का विषय भी है। सूचनार्थ॥

    ReplyDelete
  21. अच्छी चर्चा के लिए बधाई एवं ग्राम चौपाल को शामिल करने लिए आभार .

    ReplyDelete
  22. वाह! बहुत सुन्दर चर्चा मंच सजाया है आपने और लिंक भी सार्थक

    ReplyDelete
  23. बहुत सुन्दर बधाई

    ReplyDelete
  24. क्या बात है! सुन्दर और सुव्यवस्थ्सित चर्चा

    ReplyDelete
  25. ek baar phir sthaan dene ke liye dhanywaad,mazaa aayaa achhe links hein,
    aapkee mehnat ke liye sadhuwaad

    ReplyDelete
  26. सुन्दर चर्चा मंच सजाया है ग़ाफ़िल जी आपने...आभार

    ReplyDelete
  27. आप सभी शुभचिन्तकों का बहुत-बहुत आभार और धन्यवाद

    ReplyDelete
  28. सुन्दर चर्चा सर,
    सादर आभार....

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin