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Thursday, November 17, 2011

मौसम रंग बिरंगा ( चर्चा मंच - 701 )

             आज की चर्चा में आप सबका स्वागत है 
                             
ग्रीष्म ऋतु बीत चुकी है सर्दी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है . इस बदल रहे मौसम के साथ ही Open Books Online पर सजी है रंग-बिरंगे मौसम की छटा, जिसमें छंदों के कई रंग हैं, रसों के कई रंग हैं.
अब चलते हैं चर्चा की ओर
गद्य रचनाएँ

पद्य रचनाएँ 
 अंत में ब्लॉग देशनामा पर देखिए दफनाने के बाद कैसे जलाया जाता है 
         आज की चर्चा में बस इतना ही 
                                     धन्यवाद 
                               दिलबाग विर्क

29 comments:

  1. सुन्दर सूत्र पिरोये हैं।

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  2. चर्चा बहुत अच्छी लगी पढ़ने के लिए बहुत सा मेटेरियल दे दिया है |
    आशा

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  3. बाल दिवस पर मयंक जी की दो पुस्तकों का विमोचन हुआ.
    Mubarak ho.

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  4. वाकई में रंगबिरंगी चर्चा है आज तो!
    आभार!

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  5. सुन्दर रंगबिरंगी चर्चा ; आभार!

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  6. बहुत अच्छी--

    चर्चा ||

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  7. हमेशा की तरह बढ़िया चर्चा ....आभार

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  8. अच्छे लिंक्स .आभार.

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  9. बढ़िया लिंक्स के साथ शानदार चर्चा

    Gyan Darpan
    .

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  10. बहुत सुन्दर लिंक्स संजोये हैं…………सुन्दर चर्चा।

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  11. गद्य पद्य की दो अलग अलग श्रेणी में लिंक्स को मन चाहे तरीके से पढ़ने की सुविधा दी ... और चर्चा में अच्छे लिंक्स का चयन किया है.. मेरी पोस्ट " ये रास्ते कितने हसीन हैं" भी शामिल किया ...विर्क जी आपका सादर धन्यवाद

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  12. सुन्दर लिंक्स के साथ शानदार प्रस्तुति...हिन्दी हाइगा शामिल करने के लिए हार्दिक आभार|

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  13. बढ़िया चर्चा... सुन्दर लिंक्स...
    सादर बधाई

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  14. बहुत ही बढि़या लिंक्‍स संयोजन के साथ मेरी रचना को स्‍थान देने के लिए आभार ।

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  15. बहुत सारे ब्लॉग व साइट्स के ज़रिये सुन्दर रचनाओं को संजोकर पाठकों के लिए रखने का यह उपक्रम सराहनीय हैं......
    - पंकज त्रिवेदी (नव्या)

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  16. सुन्दर चर्चा | मेरी पोस्ट का लिंक देने के लिए धन्यवाद |
    टिप्स हिंदी में

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  17. Bahut sunder ...meri rachana ke liae dhanywad DilBagaji.....

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  18. भाई दिलबाग़जी, आपका प्रयास उत्साहवर्द्धक एवं हार्दिक रूप से सराहनीय है.

    ओबीओ (ओपेनबुक्सऑनलाइन डॉट कॉम) के इण्टरऐक्टिव आयोजनों की समाप्ति के उपरांत आयोजन की समस्त प्रविष्टियों को संकलित कर एक स्थान पर बहुउद्देशीय कारणों से उपलब्ध कराया जाता है. इसी परिपाटी के अन्तर्गत सद्यः समाप्त महा-उत्सव (अंक - 13, शीर्षक - मौसम) की सभी प्रविष्टियों को एक स्थान पर कर दिया गया है.

    इस प्रयास को चर्चा-मंच पर स्थान दे कर महा-उत्सव के सभी रचनाकारों का आपने सम्मान किया है.

    ओबीओ की प्रबन्धन और कार्यकारिणी समितियों तथा सभी सदस्यों, जिसका कि आप स्वयं एक अभिन्न अंग हैं, की ओर से आपको हार्दिक बधाइयाँ.

    --सौरभ पाण्डेय, नैनी, इलाहाबाद (उप्र)

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  19. काम के लिंक्स मिले।

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  20. सात सौ का आंकडा पार करने के लिए बधाई- समर्थकों और संदेशों दोनों में :)

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  21. चर्चा मंच की सफलता के लिये बधाई! सुंदर चर्चा व मुझे भी अवसर देने के लिये आभार!

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