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Saturday, November 05, 2011

"आठ आने का समोसा अब आठ रूपये का " (चर्चा मंच-689)

आज है सप्ताह का अन्तिम दिन! 
भारत में लोग इसे शनिवार के नाम से पुकारते हैं। 
प्रस्तुत है शनिवार की मेरी पसंद की चर्चा!

प्रिय छंद सुनिए प्रेम से , हम ने कहे हैं प्रेम से



♥चन्दन भारत♥
ये नीलिमा लिए गगन
S.N.Shukla
 Unmanaa
"धरा का प्रभावशाली चित्रण" 
(पूर्णिमा वर्मन)
 समयचक्र
कवियत्री *माया वर्मा* जी की 
एक रचना 
"यह नहीं समझ में आता है"
कृष्ण लीला………भाग 21  
 Blog World.Com
 अमीर धरती गरीब लोग
 Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून
 मुसाफ़िर हूँ यारों ... ( Musafir Hoon Yaaron ...)
 मनोज
शिवस्वरोदय – 66 शिवस्वरोदय – 66 आचार्य परशुराम राय *प्रातः पृष्ठगते रवौ च निमिषाच्छायाङ्गुलीश्चाधरं*** *दृष्ट्वान्धेनमृतिस्त्वनन्तरमहोच्छायां नरः पश्यति।...
आज अक्षय नवमी है! 
हमारी सांस्कृतिक परंपरा में* विभिन्न वृक्षों को पूजने का एक * अनोखा रिवाज़ है। कुछ खास ... 
 अंतर्मंथन
"अभी उनसे दोस्ती के जुमा जुमा 
चंद हफ्ते ही बीते हैं........"  
 Akanksha

सृजन के लिए

जो देखा सुना या अनदेखा किया

कुछ बस गया कुछ खो गया

दिल के किसी कौने में

कई परतों में दब गया |...

 निरामिष
 वतन की राह में 
वतन के नौजवाँ शहीद हों.... 
भूल गए जो 
खून खराबा करते हैं ...  
 Hindi Tech - तकनीक हिंदी में
**** गुरु गोविन्द सिंह जी ****  
 करवा चौथ 
आया था करवा चौथ का त्यौहार काम बाली-बाई देख चौक गए थे 
उसका श्रंगार पिछले कई महीनो से मारपीट, चल रही थी उसके पति से 
लगातार चार दिन पहले ही थाना-कचहरी की हुई...
 अष्टावक्र
रात को सोते समय श्रीमती ने पूछ लिया - "क्यों जी आपको स्वर्ग में 72 हूरें मिल जायेंगी तो आप क्या करोगे"। हमने कहा - " बिल्कुल आपकी तरह दिखती होंगी तो ठीक ..
 SADA
१०५ वी जयंती पर विशेष
पृथ्वीराज कपूर  
 Ganga ke Kareeb
 सबके लिए प्यार (Love Everybody)

*बेसबब कोई कभी रोता नही।* 
*नूर आँखों का कोई खोता नहीं।* 
*दीप-बाती का मिलन तो व्यर्थ है,* 
*स्नेह जब तक साथ में होता नहीं।
 Albelakhatri.com
और अन्त में




राजभाषा पर मेरा यह पहला लेख है। 
साहित्य-जगत से तो हमेशा पढ़ने-जानने को यहाँ मिलता ही रहता है। 
इसलिए सोचा कि बहुत सी काम की बातें जो हिन्दी से मतलब रखती है...

26 comments:

  1. नये अन्दाज में गजब की प्रस्तुति
    आभार शास्त्री जी

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  2. आपकी कृपा से मेरी नयी पुस्तक ''इन्द्रधनुषी बाल कहानियां '' की भी चर्चा हो गयी. आभारी हूँ.
    हार्दिक सम्मान सहित ,
    भवदीय ,
    डॉ. नागेश पांडेय 'संजय'

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  3. waah !

    bahut sundar charcha.........

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  4. पर्याप्त सूत्र मिल गये आज पढ़ने के लिये।

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  5. सुनहरे वर्क से सजे सुन्दर सहज स्वीकार्य मानस पथ्य शुभ -प्रातः काल की वेला में आनंद देने वाले हैं ..... आपके सफल प्रयास को हार्दिक बधाई सर !....

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  6. एक बहुरंगी सटीक रचना |मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |
    आशा

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  7. बहुत सुन्दर चर्चा ! 'उन्मना' से मेरी माँ की रचना का चयन करने के लिये धन्यवाद एवं आभार !

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  8. कई जगह गया यहाँ से। अच्छा लगा। वाचक का जिक्र करने के लिए शुक्रिया आपका…

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  9. बहुत ही सुन्दर कलरफुल चर्चा . काफी बढ़िया पठनीय लिंक मिले साथ ही आभारी हूँ समयचक्र की पोस्ट सम्मिलित करने के लिए ...

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  10. आदरणीय शास्त्री जी अभिवादन बहुत ही रंगीली ज्ञानवर्धक चर्चा आशा जी को ब्लाग श्री से नवाजा गया सुन्दर कार्य बधाई उन्हें ....सुन्दर छवि और आप के कार्टून बोल पड़े ....मेहनत भरा कार्य ..
    आभार
    भ्रमर ५

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  11. लाजवाब!
    बहुत सुगठित, सुन्दर चर्चा।

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  12. Bahut sunder link haen ...meri rachana ko sthan dene ka shukria shastri ji /....

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  13. बहुत सुन्दर चर्चा

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  14. बहुत सुन्दर और ढेर सारे लिंकों से सजी सटीक चर्चा

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  15. bahut badiya links ke sath sundar charcha prastuti ke liye aabhar!!

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  16. बहुत बढिया लिंक संयोजन्………सार्थक चर्चा।

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  17. गंगा के करीब को चर्चा मंच में सम्मिलत करने का आभार।

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  18. बढ़िया लिंक्स
    सादर आभार...

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  19. वाह ....बहुत बढि़या लिंक्‍स संयोजन ...के हमारी भी रचना शामिल है ..आभार ।

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  20. सुन्दर रंग बिरंगी चर्चा ।

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  21. आदरणीय शास्त्री जी
    सहित
    चर्चामंच के सभी प्रियजनों को
    सादर सस्नेहाभिवादन !

    हमेशा की तरह सुंदर लिंकों के चयन के लिए आभार !


    बधाई और मंगलकामनाओं सहित…
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  22. बहुत ही शानदार चर्चा....
    बहुत ही अच्छे लिंक्स...

    |मेरी कविता को यहाँ स्थान देने के लिए आभार |

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  23. बढिया प्रस्‍तुति।

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  24. मेरी कविता को चर्चा मंच में शामिल करने के लिए आभार! चर्चा मंच के माध्यम से कई ही प्रसिद्ध रचनाकारों की प्रमुख कृतियों को पढ़ने का अवसर प्राप्त होता है |

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