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Friday, March 23, 2018

"तने को विस्तार दो" (चर्चा अंक-2918)

मित्रों! 
शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। 

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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जख्म तो दिलों पर हरे रहते ही हैं 

एक पत्ता जो गिरा है अभी-अभी ...  
बेशक पीला और जर्जर था.  
फिर भी उसका निशान बाकी है  
शाख पर अभी भी... 
नयी उड़ान + पर  Upasna Siag 
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तने को विस्तार दो 

तने रहना है तो 
तना सशक्त करो 
तने में शक्ति भरो 
तने का वितान तानो 
समन्वय की शक्ति जानो.... 
Mamta Tripathi  
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दोहे  

"फल देंगे भगवान"  

(राधा तिवारी) 

भगवत गीता ने दिया, जन्म-मृत्यु का ज्ञान।
उत्तम करनी कर चलोफल देंगे भगवान।।

गीता पढ़ना ध्यान सेरोज सुबह औ शाम।
कर्म अगर निष्काम हों, बन जायें सब काम... 
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आज विश्‍व कविता दिवस पर विशेष... 

संस्कृत काव्यशास्त्र में  

महाकाव्य के प्रस्‍तुतकर्ता कौन थे 

आज विश्‍व कविता दिवस है परंतु क्‍या हम जानते हैं कि संस्कृत काव्यशास्त्र में महाकाव्य (एपिक) का प्रथम सूत्रबद्ध लक्षण आचार्य भामह ने प्रस्तुत किया है और परवर्ती आचार्यों में दंडी, रुद्रट तथा विश्वनाथ ने अपने अपने ढंग से इस लक्षण का विस्तार किया है।आचार्य विश्वनाथ का लक्षण निरूपण इस परंपरा में अंतिम होने के कारण सभी पूर्ववर्ती मतों के सारसंकलन के रूप में उपलब्ध है।
आचार्य विश्वनाथ के अनुसार महाकाव्य के लक्षण... 

Alaknanda Singh  
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एहसास 

मन के सूने गलियारों में किसीकी
जानी पहचानी परछाइयाँ टहलती हैं ,
दिल की सख्त पथरीली ज़मीन पर
दबे पाँव बहुत धीरे-धीरे चलती हैं... 
Sudhinama पर sadhana vaid  
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आक्रोश 

आक्रोश *क्यों भला आया है मुझको पूजने*  
*है नहीं स्वीकार यह पूजा तेरी ,*  
*मैं तो खुद चल कर तेरे घर आई थी*  
*क्यों नहीं की अर्चना तूने मेरी... 
Sudhinama पर sadhana vaid  
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एहसास 

ऊंची उड़ान भरना के लिए इमेज परिणाम
होता है एहसास मन को
छोटे से छोटा
प्रत्यक्ष हो या परोक्ष
मन होता है साक्षी उसका
जब होती है आहट
पक्षियों के कलरव की... 
Akanksha पर Asha Saxena - 

6 comments:

  1. शुभ प्रभात
    आभार
    सादर

    ReplyDelete
  2. शुभ प्रभात







































    उम्दा लिंक्स |मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार सहित धन्यवाद



    ReplyDelete
  3. मेरी दोनों रचनाओं को आज के चर्चामंच में स्थान दिया हृदय से आपकी आभारी हूँ शास्त्री जी ! तहे दिल से आपका धन्यवाद ! सादर वन्दे !

    ReplyDelete
  4. अमर शहीदों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि

    ReplyDelete
  5. बहुत बढ़िया चर्चा प्रस्तुति

    ReplyDelete

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"दिशाहीन राजनीति" (चर्चा अंक-3038)

मित्रों!  शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   ...