समर्थक

Saturday, July 23, 2011

सभी ब्लॉगर का शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया

चर्चाकार :यह ब्लॉगजगत एस एम् मासूम के नाम से जानता है और अमन के पैग़ाम के नाम से पहचानता भी है. उस सभी सभी ब्लॉगर का  शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया जिन्होंने मेरी पहली चर्चा को पसंद किया और इस मंच पे मेरा स्वागत किया. कल मेरे मन  मैं अचानक यह ख्याल आया कि Open-mouthed smile"आखिर इन मर्दों को शर्म क्यों नहीं आती? Picture 043
राजेंद्र स्वर्णकार जी कि एक बेहतरीन पेशकश बड़े खूबसूरत अंदाज़ मैं.  खून खराबे के लिए  कब कहता इस्लाम ?
image
अब रूबरू हो लें पलाश बहन के खूबसूरत अंदाज़ से .सच्ची मोहब्बत एक आरजू बन कर ही रह गयी ।उनकी यादें हमारी जिन्दगी की वजह बन गयी ॥जिन आंखो में बसते थे तुम काजल बनक
image
फिल-वक्त अमरीका की पहले नंबर की समस्या ड्रग एडिक्शन बनी हुई है न कि मोटापा जैसा की अकसर समझा जा रहा है! यह कहना है एक पब्लिक पालिसी ओर्गेनाइज़ेशन का image
स्वस्थ सबके लिए मैं प्रस्तुतकर्ता कुमार राधारमण जी ने एक लेख़ पेश किया है जिसमें वो कहते हैं किविश्वभर में धूम्रपान करने वालों में से १२ फीसदी भारतीय हैं। ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं कि धूम्रपान करने के संदर्भ में अगर वैश्विक स्तर की बात की जाए तो भारतीय महिलाओं का स्थान तीसरे पायदान पर है
81SVFBCA0SKLBSCAB1XVS6CANL4H3SCAR8HNI9CA7K9DCKCA4XCTBICATQEMVLCAFHL99BCALFSZ95CAIIX0ICCAYIIYQGCAGJ3HEUCA9QRASUCABBOIM0CA7O3MHPCA0VC7NOCAI1GG69CADLEVBFCA8YUUZQ
अनवर साहब कि यह  पोस्ट एक बाप कि मुहब्बत अपनी ओलाद से कितनी हो सकती है साफ़ साफ़ बता रही है. आप के इस दर्द मैं हम आप के साथ हैं लेकिन वक़्त के साथ साथ सब भूलना पड़ता है. सब्र और अल्लाह से दुआ यही मोमिन के लिए  दवा है.
Image  Anwer Jamal Madhushala
आज रंजना [रंजू भाटिया] को भी पढ़ें देखिये अमृता प्रीतम कि याद मैं क्या कहती हैं
यह कैसा हुनर और कैसी कला? जीने का एक बहाना है .....
डोगरी लेखिका पद्मा सचदेव की कलम से अमृता .....
image
सुनी मेरी भी मैं प्रवीण शाह जी भी काला को काला और सफ़ेद को सफ़ेद कहते हुए अब लाइट लेने कि सलाह दे रहे हैं. आप भी सुनें उनकी सलाह और फिर करें आपस मैं सलाह image
लीजिये महेद्र मिश्रा जी को देखिये आज बता रहे हैं कि पत्थरदिल इंसान उसको कहते हैं जिसके न कोई सिद्धांत हैं और न कोई आदर्श और न कोई दयाभाव होते है . पत्थरदिल इंसान के पास सिवाय कामवासना तृष्णा के अलावा कोई दूसरा लक्ष्य नहीं होता है image
देखिये  उड़नतश्तरी का कमाल  मिलते मिलते ,खाते पीते ,बतियाते और आराम फरमाते कर डाले शानदार ब्लॉगर मीट .ऐसे ही मिलते रहें और लिखते रहें.हम भी खुश आप भी खुश और सभी ब्लॉगर भी खुश..
image
भूषण जी कि लेखनी कि धार से जो वाकिफ हैं वो जानते हैं यह सामाजिक सरोकारों से जुड़ कर ही अपने लेख लिखते हैं. आज एक शानदार लेख आप भी पढ़ें Why Indians have sad faces? भारतीयों के चेहरे उदास क्यों होते हैं
image
डा प्रवीण चोपड़ा बता रहे हैं कि
टीबी के ब्लड-टैस्टों में हो रहा इतना गड़बड़-झाला
 
image
देखिये यशवंत माथुर जी को कहते हैं “अपनी आज की इस पोस्ट के द्वारा मैं हिमांशु और इनके मित्रों की इस सजगता को सलाम करता हूँ और माननीया राष्ट्रपति महोदया एवं भारत सरकार से यह मांग करता हूँ कि इनको मिलने वाला पुरस्कार ऐसा हो जो ये भी हमेशा याद रखें और हम सब भी। image
स्वार्थ की
दुपहरी में क्यों रहा टहल
तन-मन झुलसा देगा अपनों का
image
एक बार फिर देश की आत्मा लहू-लुहान हुई है
न हिन्दू मरा है,न मुसलमान मरा है,
हर एक धमाके में बस इन्सान मरा है.
image
Minakshi Pant जी कि नयी कविता मेरे दिल को छु सी गयी और इसका ज़िक्र करने का फैसला लिया. .दुनिया कब सिमट गई
खबर ही न हुई |वो घर के बड़े - बड़े आँगन ,
जहाँ बैठ कर सब अपनी कहते और सुनते थे
किसी को मनाते और खफा हो जाते थे |
उसने कब छोटा सा रूप ले लिया
पता ही न चला |
image
रांची के मनीष कुमार जी ने लिखा मियां मैं शायर हूँ  शेरों कि गुर्राहट  नहीं जाती image
आयकर रिटर्न की ईफ़ाईलिंग और नियोक्ता द्वारा कटा हुआ कर फ़ॉर्म 26A S से देखें। (E-filing of Income Tax Return and Check deducted Tax from employer in form 26A S) - क्या आपने आयकर रिटर्न भर दिया है, अगर नहीं तो कैसे भरने वाले हैं, हमने इस बार से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भरना शुरू किया है और बहुत ही आसान लगा। आय... doraemon music image 1
विजय  कुमार जी आज आप सभी से प्यार और मित्रता के विषय पे कुछ कह रहे हैं. सुनीं और समझें ,अवश्य आप के काम आयेगा  
image
जीतेन्द्र चौधरी का व्यंग्य : हिन्दुस्तान अमरीका बन जाए तो कैसा होगा!  गर अपना हिन्दुस्तान अमरीका बन जाय तो कैसा रहे? अब आइडिया तो बहुत सारे हैं, लेकिन यहां मैं सीमित ही दूंगा. और कोई फुरसतिया होता तो पाँच पन्ने तो लिख ही डालता, लिखेगा भी, लेकिन हम ठहरे कंजूस सिन्धी माढूं, लिहाजा इत्ते से ही काम चलाओ, हाँ तो लो भैया, अब झेलो
image

24 comments:

  1. शुभप्रभात ..बहुत बढ़िया संयाजन ..और बढ़िया लिंक्स ..आभार..

    ReplyDelete
  2. * शुक्रिया ऐ ग़मगुसार शुक्रिया,
    शुक्रिया ऐ चारासाज़ शुक्रिया

    ReplyDelete
  3. बिना किसी लाग लपेट के खूबसूरत चर्चा!
    लिंकों का भी चयन बहुत बढ़िया किया गया है!
    --
    आभार!

    ReplyDelete
  4. खूबसूरत चर्चा!लिंकों का भी चयन बहुत बढ़िया किया गया है!

    ReplyDelete
  5. इस बार अनवर भाई तो पोस्ट का
    इन्तजार किये जाग ही रहे थे ,
    दनादन टिप्पणी दर्ज कर दी ||

    अरे भाईजान जरा ठीक से पढ़ तो लेते,
    ऐसी भी क्या जल्दी ||
    चलो ठीक है |
    दूसरी टिप्पणी की बधाई ||

    मासूम भाई
    अच्छी पेशकश ||
    पहली टिप्पणी पर कुछ इनाम वगैरह भी रखे हैं क्या ?

    भैया ख्याल रखना ||

    शुक्रिया जनाब ||

    ReplyDelete
  6. ग़मगुसार मनमोहन सिंह और चारासाज़ लालू यादव की तरफ संकेत है क्या ?

    अनवर भाई दोनों शब्दों का मतलब बताइये ||

    ReplyDelete
  7. बहुत बढ़िया लिंक्स आभार.....!.

    ReplyDelete
  8. bahut badhiya charcha . achche link mile....abhaar

    ReplyDelete
  9. सुन्दर संयोजन और उम्दा लिंक चयन के साथ खूबसूरत चर्चा!

    ReplyDelete
  10. ‘टिप्पणी‘ करने वाले बलि के बकरे भी बना लिए जाते हैं :):)
    @ आदरणीय रविकर जी ! आज पहली टिप्पणी आपकी नहीं हो पाई तो आप ख़फ़ा न हों, कल का इंतेज़ार कीजिए।
    मेरे अल्फ़ाज़ ‘ग़मगुसार‘ और ‘चारासाज़‘ का मतलब जानने के बाद आप जान लेते कि मैंने मासूम साहब का इस पोस्ट के तमाम लिंक्स के लिए और अपनी पोस्ट के लिंक के लिए शुक्रिया कहने के साथ साथ उनसे कुछ कहा है जिसे वे तो समझ गए हैं लेकिन आपको और दीगर अफ़राद को समझने के लिए पोस्ट में शामिल मेरे लेख पर जाना होगा।

    आज की चर्चा की बदौलत ही मैं जनाब समीर लाल जी के सफ़रनामे को पढ़ सका। वहां मेरी टिप्पणी मेरे पहुंचने का निशान है।

    आपके प्यार के लिए शुक्रगुज़ार हूं।
    पहली टिप्पणी करने वालों का नाम ‘ब्लॉग की ख़बरें‘ में छापा जा सकता है ‘बतौर ईनाम‘, यदि आप चाहें तो और ज़िम्मेदारी आप संभालें तो।

    ख़ैर, सोमवार से ‘हिंदी ब्लॉगर्स फ़ोरम इंटरनेशनल‘ पर ‘ब्लॉगर्स मीट वीकली‘ होगी और उसकी अध्यक्षता करेंगे आदरणीय जनाब ......
    और चर्चा को पेश करेंगी एक ...

    अब इन दो बिन्दुओं पर आप क़यास लगा कर सही जवाब दें जो कि पहली टिप्पणी करने से भी ज़्यादा मुश्किल है।
    ख़ैर एक बात है उस्ताद, आप जानते हैं कि ‘टिप्पणी‘ करने वाले बलि के बकरे भी बना लिए जाते हैं लेकिन आपका हौसला आज भी जवान है। लगता है कि ‘टिप्पणी रहस्य‘ को गहराई से जान चुके हैं।
    (यहां मुझे कल्पना में हल्का सा मुस्कुराता हुआ तसव्वुर करें और यदि कल्पना करना मुश्किल हो तो ऊपर लगा फ़ोटो ही देख लें, मासूम साहब ने आपकी सुविधा के लिए पहले ही लगा रखा है।)

    धन्यवाद !
    फ़ोरम के सदस्यों से एक विशेष संबोधन Hindi Bloggers' Meet (Weekly)

    ReplyDelete
  11. बेहतरीन चर्चा और लिंक्‍स ।

    ReplyDelete
  12. मासूम जी चर्चा मंच को इतने खूबसूरत ब्लाग्स से आपने सजाया । बहुत बहुत शुक्रिया आपका , हमे एक ही जगह पर बहुत पढने को मिल गया । हमको इस मंच पर स्थान दिया , वाकई बेहद खुशी हुयी ।

    ReplyDelete
  13. bahut upyogi links samete hue sarthak charcha .badhai

    ReplyDelete
  14. bahut upyogi links samete hue sarthak charcha .badhai

    ReplyDelete
  15. बहुत बढ़िया लिंक्स आभार.....!.

    ReplyDelete
  16. अच्छे लिंक्स...अच्छी चर्चा...

    ReplyDelete
  17. बढ़िया लिंक्स आभार.....!

    ReplyDelete
  18. bahut badiyaa charcha-manch jise aapne bahut sunder dhang se sajaayaa hai .bahut achche links se parichay karayaa hai aapne.badhaai aapko.

    ReplyDelete
  19. रचना शामिल करने के लिए और अमूल्य लिंक्स देने के लिए आभार.

    ReplyDelete
  20. अमृताजी जीवन के अंतर द्वंद्व ,मानसिक कुहांसे का नया व्याकरण कोई आपसे बुनना सीखे .बेहतरीन रचना ,अपने से बाहर आने की कश - म -कश . जीवन से संवाद का नया अंदाज़ लिए रहतीं हैं आपकी रचनाएं .
    बहुत सुन्दर सम्पादन संयोजन और टिप्पणियाँ करते तारतम्य बनाते आगे बढ़ें हैं मासूमजी .बधाई ,मेहनत से प्रस्तुत की है पोस्ट पाठाक को पढने के लिए प्रेरित करती .

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin