नमस्कार मित्रों!
मैं मनोज कुमार एक बार फिर से हाज़िर हूं रविवासरीय चर्चा के साथ।
--बीस--
एपार जौनपुर - ओपार जौनपुर ..मादरडीह गांव -2मा पलायनम ! पर डॉ. मनोज मिश्र |
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--उन्नीस—
एक मकबरा जिसकी नक़ल पर "ताजमहल" बना है.कुछ अलग सा पर गगन शर्मा, कुछ अलग सा |
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--अट्ठारह—
यू के क्षेत्रीय हिंदी सम्मलेन 2011स्पंदन SPANDAN पर shikha varshney |
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--सत्तरह—
अंतरिक्षयान का वर्णन भी है यजुर्वेद मेंसुधीर राघव पर सुधीर |
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--सोलह—
जयपुर की वेधशाला-जंतर-मंतरभारत दर्शन ......Bharat Darshan पर Alpana Verma |
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--पन्द्रह—
कैंसर का इलाज़ एसआरबीटी सेस्वास्थ्य-सबके लिए पर कुमार राधारमण |
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--चौदह—
कुछ इधर की कुछ उधर कीक्रांति स्वर..... पर Vijai Mathur |
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--तेरह—
५२-मेरा दिल ले गई है वो-----(अजय की गठरी)गठरी पर अजय कुमार |
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--बारह—
प्यार के प्रतीक ढूंढना...............कवि योगेन्द्र मौदगिल पर योगेन्द्र मौदगिल |
अब ना रोमां-ग्रीक ढूंढना. पत्थरों से दोस्ती हो तो, मेरे सा हक़ीक ढूंढना. प्रेम-धागा खो गया कहीं, ध्यान से बारीक़ ढूंढना. |
--ग्यारह—
कैलेण्डर ज़िन्दगी काज़ख्म…जो फूलों ने दिये पर वन्दना |
ये कविता जुलाई माह के गर्भनाल अंक मे छपी है और अभी तक आपने इसे पढा भी नही है तो आज ये आपके समक्ष है। |
--दस—
तू न आना इस देस,लाडो...गूंजअनुगूंज/GUNJANUGUNJ पर मनोज भारती |
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--नौ—
बहस के हवाले समलैंगिकतासरोकार पर Prakash Ray |
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--आठ—
कार्टून: ए ल्लो ... ये मनमोहन से प्रभावित हो गया!!!Cartoon, Hindi Cartoon, Indian Cartoon, Cartoon on Indian Politcs: BAMULAHIJA पर Kirtish Bhatt, Cartoonist |
--सात—
गाँव में देवी पूजन : अष्टबलिKAVITARAWAT पर कविता रावत |
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--छह—
(दोहे) कुँवर कुसुमेश |
अवगाहन के योग्य है,सूरज का साहित्य. तेरह लाख गुना बड़ा,पृथ्वी से आदित्य. ग्रह -उपग्रह पर जीत की,लगी हुई है होड़. प्रकृति संतुलन को रहा,मानव तोड़-मरोड़. क्या बसंत क्या शरद ऋतु,क्या गर्मी बरसात. पृथ्वी अपनी धुरी पर,घूम रही दिन रात. |
--पांच—
एक के बाद एकन दैन्यं न पलायनम् पर praveenpandeypp@gmail.com (प्रवीण पाण्डेय) |
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--चार—
एकांत नाच की भूमिकाएक आलसी का चिठ्ठा पर गिरिजेश राव Girijesh Rao |
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--तीन—
हमारी खबर से बेखबर बहता चला आता है जीवनकबाड़खाना पर Ashok Pande |
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--दो—
प्रदीप जिलवाने की कविताएंअनहद पर अनहद/aNHAD |
तब भी साध रही होती हैं जितने धैर्य के साथ नजर आती है अमूमन |
--एक--
जमीला, सारा, दारा और सरकोजीsharadakshara पर Dr (Miss) Sharad Singh |
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बस आज इतना ही।
अगले हफ़्ते फिर मिलेंगे।
तब तक के लिए हैप्पी ब्लॉगिन्ग!
शुभप्रभात ..मनोज जी ..सधी हुई सुंदर चर्चा ..और बेहतरीन लिंक्स ...आभार...
जवाब देंहटाएंबेहतरीन चर्चा ...
जवाब देंहटाएंअच्छे लिनक्स ..
आभार !
बीस ब्लॉगों का चयन!
जवाब देंहटाएंमनोज कुमार जी को नमन!
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रविवासरीय चर्चा बहुत शानदार रही!
अच्छे लिंक्स.
जवाब देंहटाएंमुझे स्थान दिया.आभार.
नए अंदाज में लगाई चर्चा ....!
जवाब देंहटाएंबहुत सारे महत्वपूर्ण लिंक मिले .. आभार !!
जवाब देंहटाएंअच्छे लिंक ,अच्छी चर्चा ,आभार
जवाब देंहटाएंbehtreen chacha... aur bhut hi aache links....
जवाब देंहटाएंबढ़िया चर्चा ...
जवाब देंहटाएंlink bahar nahi khulne se bahut asubidha hoti hai..
जवाब देंहटाएंkripya dhyan de
मनोज कुमार जी का विशेष आभार मेरे लेख को शामिल करने हेतु.दुसरे अच्छे लिक्स के लिए धन्यवाद.
जवाब देंहटाएंमनोज जी, सुप्रभात।
जवाब देंहटाएंbahut sundar sarthak charcha countdown achchha laga.
जवाब देंहटाएंआज की बहुत लिंक्स पढ़ी हुयी थी, अच्छी थीं।
जवाब देंहटाएंsadhi hui saarthak charcha.ismen mujhe sthaan dene ka bhaar.
जवाब देंहटाएंक्रम बार व्यवस्थित २० लिंक के साथ बहुत सुन्दर चर्चामंच.....इस चर्चा में मुझे शामिल करने के लिए आपका बहुत आभार!
जवाब देंहटाएंसुन्दर और सारगर्भित लिंक्स के माध्यम से सार्थक चर्चा।
जवाब देंहटाएंअच्छी चर्चा!
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