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Thursday, February 23, 2012

अतिथि कब जाओगे ? ( चर्चामंच - 798 )

आज की चर्चा में आप सबका हार्दिक स्वागत है
एक प्रिंसिपल चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी नियुक्त नहीं कर सकता, लेकिन उसने राजपत्रित अधिकारियों ( प्रवक्ता ) की नियुक्ति की । हरियाणा सरकार बैकडोर इंट्री के रूप में हुई इस भर्ती को जायज ठहराने की हर संभव कोशिश कर रही थी , लेकिन हाई कोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि सरकार अतिथि अध्यापकों के दवाब में काम कर रही है , यह भर्ती न्यायसंगत नहीं है । यह फैसला झटका है गेस्ट टीचर्स को और ऊँगली उठाता है हरियाणा सरकार की कार्य प्रणाली पर ।

गद्य रचनाएँ
पद्य रचनाएँ
बच्चों का कोना
आज की चर्चा में बस इतना ही
धन्यवाद
* * * * *

25 comments:

  1. बहुत सुन्दर लिंकों से सजी चर्चा!
    आभार!
    --
    आज तारीख लगी है!
    अभी हाईकोर्ट नैनीताल के लिए सुबह 5 बजे निकलना है! शुभदिवस!

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  2. कुछ और नये सूत्र मिले, आभार..

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  3. आज की चर्चा पर बढ़िया अकुलाहट --

    बिना तिथि के आते हैं पर
    जाने की तिथि पाते नहीं ||

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  4. विस्तृत सुव्यवस्थित ...सुंदर चर्चा ...
    आभार ..

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  5. दिलबाग जी विस्तृत चर्चा के लिए आभार

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  6. दिलबाग जी, आपकी चर्चा पढकर वाकई दिल बाग-बाग हो जाता है।

    ------
    ..ये हैं की-बोर्ड वाली औरतें।

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  7. Nice .
    http://blogkikhabren.blogspot.in/2012/02/height.html

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  8. बढ़िया चर्चा दिलबाग जी..

    बेहतरीन लिंक्स..
    शुक्रिया..

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  9. बहुत ही अच्‍छे लिंक्‍स का चयन किया है आपने ..आभार ।

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  10. बहुत सुंदर चर्चा ............आभार

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  11. बढिया चर्चा।
    अच्‍छे लिंक्‍स।

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  12. चर्चा मंच से तो नाता ही जुड़ गया है..'कलमदान' को प्रस्तुत करने के लिए धन्यवाद..
    kalamdaan.blogspot.in

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  13. सुन्दर सटीक सुव्यवस्थित चर्चा.आभार.

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  14. सुन्दर लिंक्स से सजी सुन्दर चर्चा... "मैं धरती सी.. " को स्थान देने के लिए आपका बहुत-बहुत आभार.

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  15. अच्छी रंगबिरंगी चर्चा और कई लिंक्स |मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |
    आशा

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  16. बहुत सुन्दर लिंकों से सजी चर्चा...विर्क जी

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  17. pure चर्चा मंच की टीम को बधाई ... सुन्दर लिंक ke साथ ...

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  18. सुंदर लिंक्स...बहुत रोचक चर्चा...

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  19. बहुत अच्छा लगा...रचनाओं के सुन्दर जमघट में आकर...

    धन्यवाद!!

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  20. दिलबाग उत्तम और सारगर्भित चर्चा.आलेख, पद्य और बाल पृष्ठ को अलग खंडों में कर और भी सुगम बना दिया, सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई.साथ ही आभार, मुझे भी शामिल करने हेतु.

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  21. संक्षिप्त सुन्दर चर्चा चर्चित लिंक्स.बढ़िया प्रस्तुति संयोजन लाज़वाब .बधाई ज़नाब .

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  22. क्षमा कीजिए.. आने में जरा देरी हो गयी. लेकिन मुझे आश्चर्य होता है कि ब्लॉग संसार से इतना अलग थलग रहने के बावजूद भी आपने मेरे लेखों को एक स्थान दिया.
    शुरूआती दौर में मैं कमेंट के द्वारा विचारों के आदान प्रदान करना एक शिष्टाचार समझता था. जाहिर है वह एक अच्छी अनुभूति हुआ करती थी.. नये लोगों से परिचय, बातचीत.. लेकिन समय के साथ ऐसा लगा जैसे वे बातें रसहीन सी हो गयी हैं.. अब वे उन उद्देश्यों की पूर्ति नहीं करती. न ही सार्थक प्रशंसा और न ही सार्थक मार्गदर्शन..
    शायद इसीलिए अलग थलग पड़े रहने में सुकून मिलता है.. लेकिन अपनी पसंद की चीजों को खामोशी से पढ़ना अभी भी अच्छा लगता है.. चर्चामंच में कुछ हद तक अपनी पसंद की चीजें मिल ही जाती है.. आप भी जानते हैं कि सभी चीजें तो पसन्द में नहीं जुड़ सकती हैं न!! कुछ विशेष ही होती है जो एक समय विशेष के मूड में अच्छी लग जाती है.. :)

    बहरहाल, आपका धन्यवाद!!

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