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Wednesday, August 01, 2012

गुल हुई बिजली ( चर्चा - 958 )

आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है 
बिजली का संकट पूरे देश में है , वैसे हरियाणा के गाँव तो हर बार गर्मियों में बिजली को तरसते हैं लेकिन आज रविकर जी भी इसी के चलते चर्चा नहीं लगा पा रहे । सौभाग्य से यहाँ बिजली देवी के कदम दो घंटों के लिए पड  चुके हैं , इसलिए जल्दी जल्दी में ये चर्चा प्रस्तुत है 
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उच्चारण 
अविराम 
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वटवृक्ष
मैं किससे प्यार करूं 
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सुरभित सुमन
बहन-भाई का प्यार 
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म्हारा हरयाणा
ख़ुशी 
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उल्लूक टाइम
जो है क्या वो ही है 
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आर्य सुरेन्द्र वर्मा
कैसे रखें विश्वास 
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क्योंकि सपना है अभी भी
ये लम्हा कुछ ख़ास है 
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हिंदी हाइकु
जुगलबन्दी 
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जील
निंदा जरूरी है क्या 
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अनुशील
इन्द्रधनुष के नाम 
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ये भारत है मेरे दोस्त
गुलामी से भरी मानसिकता 
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काव्य का संसार
कुछ पंक्तियाँ 
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अपनों का साथ
नामवर जी के साथ 
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आबशार
मेरा दिल आह भरना जानता है 
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निरामिष 
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प्रसून
न जाने क्या हुआ 
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नारद
अन्ना का अनशन 
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निरंतर की कलम से
झीना-सा पर्दा 
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अभिव्यंजना
मेरे जीवन की एक साँझ 
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तकनीकी ज्ञान  
यूनीक ब्लॉग 
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सिंहावलोकन
ब्लागजीन 
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एम के टी वी फिल्म्स 
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अमन का पैगाम
जायज नाजायज का फर्क 
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आज के लिए बस इतना ही 
धन्यवाद 
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48 comments:

  1. बिजली और नेट गड़बड़ कर रही है तो क्या आपने इतनी लिंक्स तो दे ही दी हें पढाने के लिए |
    आशा

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  2. बिल्कुल सही शीर्षक!
    बत्ती गुल हो तो कमेण्ट कहाँ से आयें।

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  3. डॉ .जील अन्ना समर्थक हों या रामदेव जी ,मेधा में एका नहीं होता ,न ही इनमें से कोई पार्टी पूडल हैं जो दुम हिलाएं .इन लोगों ने हमारे आज के रहनुमाओं का कोंग्रेस के उकीलों का ,सिपहसलाहकारों का दोहरा पन उजागर कर दिया है .सरकार केंद्र की अगर कोई अन्न भी कहे तो अन्ना समझ के भाग लेती है .
    डॉ .जील अन्ना समर्थक हों या रामदेव जी ,मेधा में एका नहीं होता ,न ही इनमें से कोई पार्टी पूडल हैं जो दुम हिलाएं .इन लोगों ने हमारे आज के रहनुमाओं का कोंग्रेस के उकीलों का ,सिपहसलाहकारों का दोहरा पन उजागर कर दिया है .सरकार केंद्र की अगर कोई अन्न भी कहे तो अन्ना समझ के भाग लेती है .
    विर्क साहब चिंता मत करो इस सरकार की ही बत्ती गुल होने वाली है सत्ता का ग्रिड तो इटली में है यहाँ तो सिर्फ पूडल हैं .इनके ग्रिड रीतें हैं .अच्छी चर्चा .भागते चोर की लंगौती ही सही ,कुछ तो हाथ आये .

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  4. हाँ माहेश्वरी कनेरी जी जीवन की सांझ भी इतनी ही सुन्दर होती है बा -शर्ते संतोष का धन आदमी के पास हो जीवन हाय माया में न कटा हो ,लो प्रोफाइल जिया हो .
    सांझ का शब्द चित्र किसी चित्रकार की कूंची और कमेंटेटर की वाक् -विदग्धता को मात दे गया .
    कृपया सकुचाती कर लें-
    घर वापस आते जानवरों का झुंड
    गले की बजती घंटी की टुन- टुन
    दुल्हन की तरह सजी साँझ
    शर्माती "सुचुकाती"

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  5. मासूम साहब भाव जगत तर्क से आगे की चीज़ है .नारायण दत्त तिवारी को पुरुष प्रधान समाज ना -हक़ कवच मुहैया करवा रहा है .वह इस लिविंग इन रिलेशन वाली जेनरेशन की उपज होते तो और बात होती .अब जो भी किया जाता है सोच समझ के किया जाता है -फलसफा है -डबल इनकम नो किड्स यानी "डिंक"DINK.

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  6. वेस्ट मेनेजमेंट आज एक जबरजस्त समस्या है कचरा न्यूक्लियर हो या इलेक्टोनी मुसीबत यकसां हैं .इसे एक विषय के रूप में लिया जाना चाहिए .तभी समाधन निकलेगा .वरना इस देश का मलबा उस देश में जहाज़ों में भरके पहुंचता रहेगा .समुन्दर में घूमता रहेगा .अच्छी पोस्ट .
    सावधान: धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है ई-कचरा

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  7. बिजली तो बिजली
    इंटरनेट भी दे रहा
    बिजली का साथ
    तीन दिन से कुछ
    भी नहीं आ रहा हाथ !!!

    दिलबाग विर्क

    बहुत खूब !
    मुह्ब्बत कर हुनरमन्द हो गया है दिलबाग
    कि़सी भी मुश्किल में रहेगा अब वो आबाद !

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  8. जायज नाजायज का फर्क

    हैसियत देख कर खेलने में सब जायज
    गोली खाता अगर कोई गरीब आदमी होता !

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  9. एम के टी वी फिल्म्स
    गीत - मेरी मल्कियत

    अच्छा है !
    दुआ करेंगे !

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  10. आपके तर्क इस पोस्ट में कुतर्क की सीमाओं के पार चले गएँ हैं इस देश में एक ही नेत्री है जो क़ानून मानती है और उसका पालन करवाना भी .यह वही किरण बेदी है जिसने इंदिराजी की कार उठवा दी थी क्योंकि गलत जगह पार्क की गई थी .पंजाब में तो इन्हें क्रेन बेदी कहा जाने लगा था .सावन के अंधे को सब हरा ही हरा नजर आता है .रामदेव जी और अन्ना एक ही सिक्के के दो पहलू हैं .और आप उस अन्ना को नहीं जानते जिससे सरकार इतना डरती है कि कोई अन्न भी कहे तो सरकार को अन्ना सुनाई देता है और वह भाग खड़ी होती है .अन्ना जी और रामदेव जी इस देश की धड़कन हैं राष्ट्र वादी शख्शियत हैं अरविन्द केजरीवाल आन्दोलन के पोस्टर बॉय हैं .
    टी वी में न्यूज़ कैसे प्लांट होतीं हैं आपको शायद भाई साहब इल्म न हो .लडकी के साथ मामूली छेड़छाड़ भी हो तो टी वी टीम पैसे देकर उसे अपने कपडे फाड़ने को कहती है लडकी कहती है लेकिन ऐसा तो कुछ हुआ ही नहीं .न्यूज़ करता इलज़ाम लगाते है अगला स्पष्टीकरण देता फिरे यही बंधू पत्रकारिता है .नारद भाई आप बचे इस गोरख धंधे से आपके बसकी सौदा नहीं है यह .मनमोहन (कृपया इसे पूडल पढ़ें )न बने किसी का .नारद ही रहें .नारायण !नारायण !नारायण !
    अन्ना और रामदेव जी अपना काम कर चुकें हैं जनता में सन्देश जा चुका है .चैनालिये और चंद मनमोहन कुछ भी कहें क्या फर्क पड़ता है .सरकार की साख तो गई .
    नारद
    अन्ना का अनशन

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  11. सिंहावलोकन
    ब्लागजीन: एक सुंदर ज्ञानवर्धक लेख !

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  12. विमर्श को उकेरती हुई अच्छी पोस्ट है "जीन "शब्द का क्षेपक "ब्लॉग "के साथ जीवन खंडों का भ्रम पैदा कर सकता है रूढ़ हो चुका है यह शब्द और एक जीन तो पैरहन भी है "ब्लॉग सत्ता /ब्लॉग सन्देश /बाग़ पोस्ट सीधा और दो टूक लगता है .ब्लॉग नामा भी हो सकता है एक नाम .बहरसूरत आपकी पोस्ट उत्प्रेरक है .

    TUESDAY, JULY 31, 2012

    ब्‍लागजीन

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  13. ग्रिड बैठने पर भी ब्लॉग जगत चल रहा है, यही क्या कम है..

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  14. अविराम विस्तारित
    अविराम का ब्लॉग : वर्ष : 1, अंक : 11, जुलाई 2012


    ।।कविता अनवरत।।
    इस प्रस्तुति का जितना व्यापक कैनवास रहा उतनी ही मुखर और उत्कृष्ट रचनाएं .किसे सराहें किसे छोड़ें .आनंद वर्षं होता रहा जब तक पढ़ते रहे .एक रंग आता रहा और दूसरा जाता रहा .

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  15. यूनीक ब्लॉग
    हटाएं टाईम लाइन को :अच्छी जानकारी !

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  16. कम्प्युटर दुनिया
    स्टार्ट मेन्यु को बनाइए सुपर फास्ट
    कर दिया ! री स्टार्ट बाद में करेंगे ! हो ही गया होगा ! धन्यवाद !

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  17. तकनीकी ज्ञान
    बढ़ता कचरा
    सही कहा
    बहुत से कचरे हैं
    पहले से हमारे पास
    ये एक ई कचरा
    नया कचरा आ गया !

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  18. अभिव्यंजना
    मेरे जीवन की एक साँझ
    बहुत खूब !

    जीवन की ढलती संध्या
    जरूर सुंदर होती होगी
    बस लौट के कल नहीं
    आउंगा ही तो कहती होगी !

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  19. निरंतर की कलम से
    झीना-सा पर्दा

    सुंदर !

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  20. नारद
    अन्ना का अनशन
    बाकी का तो पता नहीं
    पर मैने बहुत से सफेदपोशों को
    सफेद टोपी लगाये हुऎ जलूसों में देखा था
    कितना बदल दिया था अन्ना ने उनको
    आहा आहा !
    कैडबरी खाईये स्वास्थ बनाईये !

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  21. प्रसून
    न जाने क्या हुआ

    बहुत खूब !

    हम भी खेलने की कोशिश करते हैं
    पर जीतते कभी नहीं बस हारते हैं

    होड़ आपस की घृणित कितनी“प्रसून”-
    कोशिशों का खोलते हैं सब जुआ ||

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  22. आभार दिलबाग भाई ||
    कल रविकर की रेल
    कोल्कता मेल
    हो गई फेल
    बिजली गुल
    निकल गया तेल ||
    आज ठीक हूँ-

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    Replies
    1. कुछ दिखा
      मतलब
      सब ठीक है !

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  23. निरामिष
    मांस का आहार ?
    सोचने को विवश करता लेख !

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  24. आबशार
    मेरा दिल आह भरना जानता है

    बहुत सुंदर !

    है फितरत वक़्त की मरहम के जैसी
    यह गहरे ज़ख्म भरना जानता है

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  25. अपनों का साथ
    नामवर जी के साथ
    आभार ! साझा करने के लिये !
    नामवर जी जैसी शख्सियत से रुबरू होना अपने आप में एक सुखद अनुभव है ।

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  26. काव्य का संसार
    कुछ पंक्तियाँ :बहुत खूब !

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  27. ये भारत है मेरे दोस्त
    गुलामी से भरी मानसिकता
    ये भारत है मेरे दोस्त
    गुलामी से भरी मानसिकता

    सटीक है ।
    ब्लागर का परिचय नहीं है ब्लाग पर !

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  28. नेट का रोना शुरू
    बाकी शाम को गुरू !

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  29. देश भर में बिजली की किल्लत के बावजूद भी चर्चा मंच का मंच सजा हुआ है.वाह बहुत खूब .

    बिजली नही है आज फिर भी देश भर में आस है ,
    आज मोहब्बत नामा पर बहुत कुछ ख़ास है.



    मोहब्बत नामा
    मास्टर्स टेक टिप्स

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  30. सुन्दर लिंक संयोजन

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  31. अनुशील
    इन्द्रधनुष के नाम
    सुंदर
    दिख रहा है
    कोई इंद्र के धनुष के
    साथ चलता हुआ
    जैसे जैसे
    आगे बढ़ती है
    कविता !

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  32. जील
    निंदा जरूरी है क्या

    उद्देश्य सर्वोपरि होना चाहिये
    उसकी निंदा नहीं होनी चाहिये
    निंदा उसकी करनी चाहिये जो निंदनीय है !

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  33. हिंदी हाइकु
    जुगलबन्दी

    बहुत सुंदर जुगलबंदी है !

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  34. क्योंकि सपना है अभी भी
    ये लम्हा कुछ ख़ास है

    वाह !
    वाकई खास है
    जितना नहीं है
    उससे ज्यादा
    बना दिया है
    शब्दों में
    बहुत आस है !

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  35. आर्य सुरेन्द्र वर्मा
    कैसे रखें विश्वास

    किस मुह से कहते हो मनमोहन जी ,
    देश वासिओ रखो हम पर विश्वास ,

    सही कहा सटीक कहा
    मनमोहन जी पहले भी
    कभी कुछ नहीं कहे
    आपने इतना कहा
    फिर भी कुछ नहीं कहा
    मुँह से छोडि़ये
    चेहरे से भी नहीं कहा !

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  36. म्हारा हरयाणा
    ख़ुशी
    खुशी ला दी
    खुशी से खुशी
    बहुत है खुशी !

    ReplyDelete
  37. सुरभित सुमन
    बहन-भाई का प्यार

    जहाँ प्यार होता है वहाँ किसी विल की जरूरत नहीं होती है
    जहाँ नहीं होता हे वहाँ किसी की विल क्या कर सकती है 1

    प्यार होना जरूरी है
    भाई को बहन से
    और बहन को भाई से
    और दोनो को एक दूसरे से
    फिर संपत्ती गौंण हो जाती है!

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  38. वटवृक्ष
    मैं किससे प्यार करूं
    हे ईश्वर नेह भरो इतना
    बस विष मे नेह घोलूं !!

    बहुत सुंदर भाव !

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  39. अविराम
    काव्य पृष्ठ

    बहुत सुंदर सुंदर अभिव्यक्तियाँ है एक ही स्थान पर वाह !

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  40. जाले
    पूरा हुआ एक वर्ष

    ब्लागिंग का एक वर्ष पूरा होने पर बधाई एवम शुभकामनाऎं !

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  41. और अंत में दिलबाग का दिल से आभार उल्लूक टाईम्स को जगह देने के लिये

    पहले लिंक पर

    उच्चारण
    सावन में नदारद पानी


    कयामत खुद लिखते हैं और पूछते भी हैं कि आने वाली है क्या!

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  42. रवि ! इंवर्टर राखिये या जनरेटर सेट
    बिन बिजली चलता नहीं,भाई इंटरनेट
    भाई इंटरनेट ,बिना ना चैन मिलत है
    टीप/पोस्ट के बिना,बता क्या चैन मिलत है
    गुल बिजली हो गई,परेशां दिखते ब्लॉगर
    आये कुछ ना काम हमारे रवि इंवर्टर ||

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  43. @ सावन में नदारद पानी ..........

    सूखा उत इत बाढ़ है,सावन के दो रूप
    वो कहते छैंया नहीं,हम कहते नहि धूप ||

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  44. @ उलूक टाइम्स......"जो है क्या वो ही है "

    जो है वो तो है नहीं, नहि है वो ही होय
    दिखता वो होता नहीं , देख कबीरा रोय ||

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  45. बिजली नही तो क्या हुआ,चलता चर्चामंच
    कमेंट्स फिर भी आ रहे,बिजली करे प्रपंच,,,,

    रक्षाबँधन की हार्दिक शुभकामनाए,,,
    RECENT POST ...: रक्षा का बंधन,,,,

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  46. सुन्दर प्रस्तुति

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