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Sunday, August 05, 2012

"सब कुछ भुला देना" (चर्चा मंच-962)

छुट्टी के दिन बहुत से, होते सबको काम।
चर्चा में होगा कहीं, छिपा आपका नाम।१।
--
चर्चा मंच सजा दिया, देख लीजिए आप।
टिप्पणियों से किसी को, मत देना सन्ताप।२।
लिंक-1
भ्रम
जो मेरा मन कहे
यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur)
लिंक-3
अख़बार
मेरा फोटो
मुकेश कुमार सिन्हा

ब्लॉग्गिंग के शुरुआत के समय की रचना
लिंक-4
उम्मीद से है दरख़्त अब
My Photo
संध्या आर्या
लिंक-7



  • My Photo

  • मीना पन्त
लिंक-8



  • मेरा फोटो

  • अमित श्रीवास्तव
लिंक-10
वीथी
My Photo
सुशीला जी
लिंक-15
काफी है .....

संगीता स्वरूप
लिंक-16
वृक्ष और परिंदे
मेरा फोटो
देवेन्द्र पाण्डेय
लिंक-18
हाइकू !

रेखा श्रीवास्तव
लिंक-20
भारत से कस प्यार, सैकड़ों मेडल तेरे-
बाक्सिंग बाउट का रिजल्ट, हो विकास की हार | 
ओबामा तू मित्र कस, भारत से कस प्यार ?

रविकर
लिंक-21
यह हमारे वक्त की सबसे सही पहचान है


आदमी को आदमी कहता नहीं इंसान है| 
भेड़ बकरी की तरह चढ़ रहा परवान है||
मेरा फोटो
उमाशंकर मिश्र
लिंक-24
"...गिजाई..." 

48 comments:

  1. "दिस और देट "भौतिक द्वंद्व ,दिल की मानू या दिमाग की .....तटस्थ हो दृष्टा भाव देखा है जीवन बनके सरिता की अविकल ,धारा ....असल बात है जीना ,सार्थक समझना ,माना जाना बेहतरीन विचार कविता . लिंक-5
    बड़ा अनूठा खेला है
    ram ram bhai
    रविवार, 5 अगस्त 2012
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
    कृपया यहाँ पधारें -http://veerubhai1947.blogspot.de/

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  2. ब्रूट व्यवस्था ,क्रूर प्रणाली ,क्या कर लेंगे अन्ना .....हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में हैं ...बढिया कार्टून काजल के ...वक्त आने दो बता देंगे तुम्हें हम ,क्या हमारे दिल में है ... अन्त में एक कार्टून
    काजल कुमार के कार्टून
    कार्टून :- चाय के प्‍याले में तूफ़ान
    ram ram bhai
    रविवार, 5 अगस्त 2012
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
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  3. यही तो दोहरा पन मार रहा है पुरुष प्रधान समाज का . लिंक-23
    म्हारा हरियाणा
    एक सवाल ?????????
    लिंक-23 (क)
    न भेजो प्रभु ....!!!मत बनने दो कब्रिस्तान ,माँ की कोख है हिन्दुस्तान की नारी.
    ram ram bhai
    रविवार, 5 अगस्त 2012
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
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  4. "पादनी बोले सो बोले, इन्टोरा भी बोले ".सेकुलर शब्द का मानी समझाने निकले हैं लोग .देखो लोगों देखो "सूद" को नापाक और "सरकारी हज सहायता" को पाक बतलाने वाले कुछ पाकिस्तान विचारधारा के लोग सेकुलर शब्द का मानी समझाने निकलें हैं . लिंक-0
    टीम अन्ना अब राजनीति करेगी ?

    ram ram bhai
    रविवार, 5 अगस्त 2012
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
    कृपया यहाँ पधारें -http://veerubhai1947.blogspot.de/

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  5. हाँ सकारात्मक सोच बहा देती है प्रेम की गंगा ,मिटा देती है मनका कलुष ....भले ही हो
    अस्फुट सा स्वर
    पर है वो
    प्रेमसिक्त
    मन में सिंचित
    कटुता को
    धो डालने के लिए
    काफी है ,हाँ सकारात्मक सोच बहा देती है प्रेम की गंगा ,मिटा देती है मनका कलुष ....लिंक-15
    काफी है .....
    ram ram bhai
    रविवार, 5 अगस्त 2012
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में

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  6. देश के राजनीतिक मिजाज़ की नब्ज़ को पहचानकर ,हम सभी का आइना बन रही यह पोस्ट है . लिंक-21
    यह हमारे वक्त की सबसे सही पहचान है


    आदमी को आदमी कहता नहीं इंसान है|
    भेड़ बकरी की तरह चढ़ रहा परवान है||


    ram ram bhai
    रविवार, 5 अगस्त 2012
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
    कृपया यहाँ पधारें -http://veerubhai1947.blogspot.de/

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  7. कांग्रेस की जीत, जरा ओलम्पिक जाओ |
    दिग्गी राहुल कपिल, गोल्ड मेडल ले आओ ||
    वाह भई वाह ! वो मारा पापड वाले को ,वो मारा ......
    लिंक-20
    भारत से कस प्यार, सैकड़ों मेडल तेरे-
    बाक्सिंग बाउट का रिजल्ट, हो विकास की हार |
    ओबामा तू मित्र कस, भारत से कस प्यार ?

    ram ram bhai
    रविवार, 5 अगस्त 2012
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में

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  8. सही अर्थों में सेकुलर अर्थ हैं इस गीत के ,अब यहाँ इंसान का ही तोड़ा है .
    तू हिंद बनेगा न मुसलमान बनेगा ,सेकुलर की औलाद है ,सेकुलर वीर बनेगा .DHOOL KA PHOOL 1959 tu hindu banega na musalmaan banega Rafi N Datta Sahir
    ram ram bhai
    रविवार, 5 अगस्त 2012
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
    लिंक-22
    तराने सुहाने
    इंसान की औलाद है...इंसान बनेगा...?

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  9. सप्ताहान्त के लिये रोचक सूत्र..

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  10. लगभग सारे लिंक अनछुए
    धन्यवाद आपने हमें इनसे मिलवाया
    सादर

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  11. लिंक-0
    टीम अन्ना अब राजनीति करेगी ?

    माथा भन्नाता विकट, हजम करारी हार |
    छाया सन्नाटा अटल, तम्बू-टेंट उखार |

    तम्बू-टेंट उखार, खार खाए थी सत्ता |
    हफ़्तों का उपवास, हिला न कोई पत्ता |

    कांगरेस की जीत, निरंकुश उसे बनाए |
    राजनीति की दौड़, अगर अन्ना लगवाये ||

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    Replies
    1. लिंक - ०

      अन्ना टीम की गिरी विकेट,मंच लिया उजार
      कांग्रेस की जीत हुई, अन्ना टीम हो गई हार,,,

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  12. लिंक-1
    भ्रम
    जो मेरा मन कहे
    यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur)

    झूठ-सांच की आग में, झुलसे अंतर रोज |
    किन्तु हकीकत न सके, नादाँ अब तक खोज |

    नादाँ अब तक खोज, बड़े वादे दावे थे |
    राष्ट्र-भक्ति के गीत, सुरों में खुब गावे थे |

    दृष्टि-दोष दम फूल, झूल रस्ते में जाते |
    भूले सही उसूल, गलत अनुसरण कराते ||

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  13. लिंक-2
    काग़ज़ की नाव
    काग़ज़ की नाव

    भगत सिंह अशफाकुल्ला, बापू जैसी कहाँ आत्मा |
    आँख मूंद कर पीछे लाखों, आन्दोलन का किन्तु खात्मा |
    आशावादी जन गन सारा, लेकिन नेता नहीं भरोसा |
    जीना हरदिन कठिन हो रहा, खड़ा झूठ का उच्च आसमाँ ||

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  14. Bahut umda charcha hai. dekh kar hi lag raha hai.
    ab padhne jaate hain.

    aabhaar.

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  15. achchhe links .बहुत सुन्दर मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें !

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  16. लिंक-3
    अख़बार
    मेरा फोटो
    मुकेश कुमार सिन्हा

    असहनीय बंदिशें सही हैं,
    जुल्मों की इंतिहा हुई है |
    सदियों से अपमान-ताड़ना,
    कडुवे-कडुवे घूँट गटकती |
    नारी जागी-मिला समर्थन,
    आज मीडिया भी व्यापारी -
    खबर मसाले दार बना के,
    चटकारे ले खूब कही है ||

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  17. लिंक-4
    उम्मीद से है दरख़्त अब
    My Photo
    संध्या आर्या

    आज जड़ों को ट्रीटमेंट की, बड़ी जरुरत है भाई |
    पर्वत करने लगे ईर्ष्या , देख पेड़ की बढ़ी उंचाई |
    गहराई में जड़े जा घुसीं, बहुतों को यह रास न आया |
    करे दिखावा ढोंगी सारे, चाट रहे दीमक की नाईं ||

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  18. लिंक-5
    बड़ा अनूठा खेला है

    न दैन्यं न पलायनम्

    क्या प्रवाह क्या भाव अनोखे, क्या शब्दों का मेला है |
    करूँ कहे मन, दिल न माने, सचमुच बड़ा झमेला है |
    बूंद लम्बवत चली तरंगे, रिमझिम रिमझिम रेला है |
    चले जिन्दगी इसी तरह से, रविकर ठेलिम-ठेला है ||

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  19. लिंक-6

    जज़्बात...दिल से दिल तक


    कुदरत के नज़ारे


    मेरा फोटो


    इमरान अंसारी



    बन्दर मोर हिरन चमगीदर, मैना सारस तितली रानी |
    हरा-भरा यह उदय शहर है, सरल-चित्र की मूक बयानी |
    फूल पत्तियों काँटों की भी, रानी के संग बनी कहानी |
    फोटोग्राफर साधुवाद है, दाद दे रही रविकर वाणी ||

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत बहुत शुक्रिया रवि जी ।

      Delete
  20. charcha manch me shamil karane ke liye shukriya aur aabhar aapka !sarahaniy prastutikaran !

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  21. अन्त में एक कार्टून
    काजल कुमार के कार्टून
    कार्टून :- चाय के प्‍याले में तूफ़ान

    कुलबुलाय कीड़ा-कपट, बेईमान इंसान ।
    झूठ स्वयं से बोल के, छोड़ हटे मैदान |

    छोड़ हटे मैदान, डटे थे बड़े शान से |
    बार बार आमरण, निकाले खड्ग म्यान से |

    अनशन अब बदनाम, महात्मा गांधी अन्ना |
    खड्ग सिंह विश्वास, टूटता मिटी तमन्ना |

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  22. सभी सूत्र पठनीय हैं शास्त्री जी ! 'तराने सुहाने' से आपने मेरी पसंद के अनमोल गीत को सभी पाठकों को सुनवाने के लिए चयनित किया इसके लिये आपकी आभारी हूँ ! अनेकानेक धन्यवाद !

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  23. अच्छे लिंक्स से सजा चर्चा मंच |
    आशा

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  24. आज तो वीरू भाई निश्चितरूप से टिप्पणियों में पहले नम्बर पर हैं अभी तक!

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  25. खूबसूरत लिंक संयोजन …………शानदार चर्चा………मित्रतादिवस की हार्दिक शुभकामनायें

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  26. सभी सुन्दर सूत्र और उम्दा चर्चा आभार

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  27. लिंक - २१

    रेत पत्थर कंकडों को अब पचाना सीख लो |
    पेड़ कटते जा रहे बस मकान ही मकान है ||

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  28. बहुत प्रभावशाली लिंक्स....
    सादर आभार।

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  29. बहुत ही खुबसूरत लिनक्स दिए है आपने....मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |

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  30. यशवंत माथुर के भ्रम पर..........

    भ्रम क्यों होता है तुझे,जाग मुसाफिर जाग |
    कुंदन करती है सदा , सच्चाई की आग ||

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  31. सारे लिंक्स बहुत ही अच्छे हैं.....मेरी रचना को शामिल करने के लिए आभार!

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  32. @ कुदरत के नजारे पर -

    कुदरती सुंदर नजारे, फूल, पक्षी, दृश्य प्यारे
    कुशलता से आपने भी ,चित्र सारे हैं उतारे ||

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत बहुत शुक्रिया अरुण जी ।

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  33. @ उमाशंकर मिश्रा की गज़ल पर

    है फकीरी में यहाँ हर पाक नगमागार है|
    यह हमारे वक्त की सबसे सही पहचान है||

    खूब लिखी है गज़ल, हर शेर उम्दा है बना
    आपको पढ़ते रहें, अपना यही अरमान है ||

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  34. @ जीवित मुर्दों की लाशों पर....................

    विषय मार्मिक है बड़ा, उठा यक्ष सा प्रश्न
    जीवित मुर्दे बिन कफन ,रोज मनाये जश्न ||

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  35. This comment has been removed by the author.

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  36. नई दुनिया से साभार कार्टून मै भी नेता तू भी नेता बेहतरीन है
    पुरषोत्तम मीणा जी ने जो लिखा ...सच मुच यह अन्ना का दुर्भाग्य है
    आपसे सहमत हूँ ...
    भ्रम –जो मेरा मन करे यशवंत माथुर जी ने छोटी सी कविता में गहरी
    बात कह दी ....बधाई
    कागज़ की नाव –भावी पीढ़ी में राष्ट्रीयता का अलख जगाने के लिए
    पर्याप्त सन्देश दे रही है ...
    जिंदगी की राहें –अखबार ने –बेबसी की गाथा ...महिलाओं पर अत्याचार की गाथा
    आपने मन को तार तार कर दिया.....
    उम्मीद से है दरख्त अब गहरे भाव वाली रचना ..है
    बड़ा अनूठा खेल –जीवन जीना भैया बड़ा अनूठा खेल कस्मकस जीवन के प्रदर्शित करती
    साथ में बूंद और तरंग सुन्दर चित्रण ....
    इमरान अंसारी के द्वारा प्रदर्शित सभी चित्र लाजवाब है
    ख्वाब बंजारे तुम –बेहद भाव पूर्ण साथ कलात्मक चित्र में भी गहरी अभिव्यक्ति
    लिए हुए है .....
    ग्रिड और बिजली बहुत अच्छी जानकारी देती रचना है
    समय सुनीता –रचना बहेतरीन है साथ पीछे बजता संगीत ने मदमस्त कर दिया
    आस्तित्व –मेरी मृगतृष्णा ने वातावरण को श्रृंगार मय कर दिया ..
    रविकर जी के दोहे शिंदे हो या शरद ने वाह वाह करने को मजबूर कर दिया
    वीरू भाई जी ने अत्यंत महत्वपूर्ण और जरुरी जानकारी प्रदान की...
    काईरोप्रेक्टर की जानकारी एकदम नई जानकारी मिली व्याख्या भी सरल
    और सहज रोचक है...
    संगीता स्वरुप जी की ....काफी है ..उत्साहवर्धक रचना है कविता के रूप में उत्साह का टानिक
    देवेन्द्र पांडे जी की रचना वृक्ष और परिंदे ...में दर्शन उड़ेल दिया है गहरे भाव वाली सुन्दर रचना
    काले बर्तन का जहर –इस जानकारी ने तो डरा दिया है ..सोचने को मजबूर कर दिया है
    रेखा श्रीवास्तव जी के हाईकू जोरदार है ...वन्दना जी ने एक ही लाईन में बहुत कुछ कह दिया
    जीवित मुर्दा की लाशों को कफ़न कौन ओढ़ाए गहरी और मार्मिक है ...
    रविकर जी की रचना बाक्सिंग बाउट का रिजल्ट, हो विकास की हार |
    ओबामा तू मित्र कस, भारत से कस प्यार ? ..उम्दा है
    तराने सुहाने ने धर्म निरपेक्ष गीत सुनाकर भाव विभोर कर दिया
    न भेजो प्रभु ने दिल को अंदर तक आंदोलित कर दिया
    गिजाई(मिलिपिड) पर सुन्दर बालगीत आनंदित कर दिए
    काजल कुमार के कार्टुन बहेतरीन है
    वीरू भाई का चर्चा मंच पर विश्लेषण काबिले तारीफ़ है
    उनकी लेखनी की चमक से आज चर्चा मंच प्रकाशमय है
    रविकर जी के दोहों का आकर्षण हमारे जैसो को चर्चा मंच में खिंच लाता है
    धीरेन्द्र जी, अरुण निगम भाई की टिप्पणी लुभावनी है
    आज के इस चर्चामंच के लिए हार्दिक बधाई

    ReplyDelete
    Replies
    1. पढ़कर सारे लिंक को, सुंदर लिक्खा सार
      चर्चा सार्थक हो गई , सुंदर रखे विचार ||

      Delete
  37. @ काफी है.......पर

    पार किनारे ले जाने , तिनके का सहारा काफी है
    यूँ साज हजारों दुनियाँ में,मन का इकतारा काफी है.

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  38. बहुत सुन्दर चर्चा शास्त्री जी!

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  39. @ हाइकू ..........पर

    गहन अर्थ के हाइकू, हैं इस युग का मर्म
    दर्पण बन दिखला रहे, सबको उनके कर्म ||

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  40. वीरू भाई सर्वदा , दें सेहत के मंत्र |
    आज बताया है हमें क्या है पाचन तंत्र ||

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  41. देर से आने के लिये माफी चाहूँगा।
    इस चर्चा में मुझे शामिल करने के लिये आपका बहुत बहुत धन्यवाद सर!


    सादर

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  42. चर्चामंच पर हमारी पोस्ट शामिल करने का बहुत बहुत आभार ।

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  43. लिंक १० को चर्चा में शामिल करने के लिए हार्दिक आभार डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) जी। चाचा जी की मृत्यु पर शोकमें शामिल होने कल जयपुर में थी अत: चर्वा में भाग न ले सकी।
    आपका ध्यान इस महत्वपूर्ण तथ्य की ओर आकर्षित करना चाहूँगी - मेरा नाम सुशीला है आपसे "सुषमा, गुड़गाँव (हरियाणा)" टंकित हो गया है। यदि संभव हो तो सही कर दीजिए।
    प्रथम बार मेरी रचना को इस मंच पर चर्चा के लिए चुनने के लिए हार्दिक आभार।
    रचना यदि विज्ञ जनों को कमज़ोर लगी तो कृपया रोशनी डालें किंतु चर्चा तो करें। करबद्ध निवेदन है।
    सभी link शानदार हैं। बधाई !

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

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"लाचार हुआ सारा समाज" (चर्चा अंक-2820)

मित्रों! रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...