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Sunday, May 26, 2013

"आम फलों का राजा होता : चर्चामंच 1256


"जय माता दी" अरुन की ओर से आप सबको सादर प्रणाम. चलते हैं आप सभी के चुने हुए प्यारे लिंक्स पर.

प्रस्तुतकर्ता : डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : उच्चारण


प्रस्तुतकर्ता : ऋता शेखर मधु
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : हिन्दी-हाइगा
प्रस्तुतकर्ता : SUMIT PRATAP SINGH
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : सादर ब्लॉगस्ते!
प्रस्तुतकर्ता : Rajendra Kumar
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : भूली-बिसरी यादें


प्रस्तुतकर्ता : Punam
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : तुम्हारे लिए
प्रस्तुतकर्ता : पी.सी.गोदियाल "परचेत"
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : अंधड़ !
प्रस्तुतकर्ता : प्रतिभा सक्सेना ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : शिप्रा की लहरें
प्रस्तुतकर्ता : ज्योति-कलश ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : ज्योति-कलश
प्रस्तुतकर्ता : ऋता शेखर मधु ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : मधुर गुंजन
प्रस्तुतकर्ता : Sanny Chauhan
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : HINDI TAKNEEK 4 U
प्रस्तुतकर्ता : Yashoda Agrawal
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : मेरी धरोहर


प्रस्तुतकर्ता : सरिता भाटिया
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : ॐ ..प्रीतम साक्षात्कार ..ॐ


प्रस्तुतकर्ता : उपासना सियाग
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : नयी उड़ान
प्रस्तुतकर्ता : (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : ब्लॉगमंच


प्रस्तुतकर्ता : Archana
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : मेरे मन की

प्रस्तुतकर्ता : Sangeeta
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : मेरे मन का एक कोना

प्रस्तुतकर्ता : त्रिवेणी
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : त्रिवेणी

प्रस्तुतकर्ता : धीरेन्द्र सिंह भदौरिया
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : काव्यान्जलि


प्रस्तुतकर्ता : Sushma 'आहुति'
ब्लॉग जिस पर रचना प्रकाशित है : 'आहुति'


इसी के साथ आप सबको शुभविदा मिलते हैं रविवार को. आप सब चर्चामंच पर गुरुजनों एवं मित्रों के साथ बने रहें. आपका दिन मंगलमय हो

जारी है 'मयंक का कोना'
(1)
नहीं जानती क्यों....."फाल्गुनी"

नहीं जानती क्यों अचानक सरसराती धूल के साथ हमारे बीच भर जाती है आंधियां और हम शब्दहीन घास से बस नम खड़े रह जाते हैं नहीं जानती क्यों अचानक बह आता है हमारे बीच दुखों का खारा पारदर्शी पानी और हम अपने अपने संमदर की लहरों से उलझते पास-पास होकर भीग नहीं पाते... 
मेरी धरोहरपरyashoda agrawal 

(2)
कस्तूरी : इंदुपुरी गोस्वामी

अदभुत कहानी है कस्तूरी इंदुताई के भावुक मानस से हम तक आई कहानी बहुत कुछ कहने सोचने पर मज़बूर करती है.. मंतो की कहानियों को पढ़ने के बाद ऐसा ही विचार मग्न हो जाता हूं.. ताई से बिना अनुमति लिये ब्लाग पर छाप रहा हूं.. ताई के ब्लाग "उद्धव जी" पर अवश्य पहुंचिये बड़ा भाव प्रणव ब्लाग है.. मेरी ताई भी तो ऐसी ही भावुक है.. जिनको रूबरू कभी नही देखा मैने.. 
इश्क-प्रीत-लव

(3)
क्लांत नदिया............

क्लांत नदिया वाट जोहे सावन जलाए भानु...
sapne पर shashi purwar

शशि पुरवार जी आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ...!
(4)
मज़ाक

*(जीवन और आत्‍महत्‍या के बीच झूलता एक मासूम जीवन ...मासूम इस लिए कि वो ये नहीं जानता की आत्महत्या करने वाले ने ऐसा किया क्यों ?)* क्या मज़ाक समझा है जिंदगी और मौत के बीच एक पल की नाराज़गी इस जिंदगी से और जीवन समाप्त क्या ये मज़ाक लगता है....
अपनों का साथ पर Anju (Anu) Chaudhary

(5)
कमल बनना है तो कीचड़ पहले बना !
पढे़ लिखे लोग यूं ही बुद्धिजीवी नहीं कहलाते हैं * 
*कभी देखा कुछ हो भी जाये *उनके आस पास ...
उल्लूक टाईम्सपरसुशील
(6)
IPL ने क्रिकेट को " कोठा " बनाया !

क्या कहूं, एक हफ्ते से देश की सारी समस्याएं पीछे छूट गई हैं, हर तरफ सिर्फ एक ही चर्चा है, वो है क्रिकेट की। अच्छा क्रिकेट की भी चर्चा हो तो एक बार ठीक है, लेकिन यहां चर्चा हो रही है आईपीएल 6 की,...
आधा सच...परमहेन्द्र श्रीवास्तव 

(7)
ऐ मेरे दोस्त... लफ्ज़

ऐ मेरे दोस्त
सुनो ना...
क्यों रहते हो तुम
अब मुझसे तुम ख़फा-ख़फा...
बावरा मन पर सुमन कपूर 'मीत' 

20 comments:

  1. शुभ प्रभात
    हमेशा की तरह पसंदीदा लिंक्स का चयन
    आभार अरुण भाई

    सादर

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  2. अरुण जी!
    आज रविवार (26-05-2013) को "आम फलों का राजा होता : चर्चामंच 1256"
    में आपने पोस्ट के शीर्षक के साथ ब्लॉगर का नाम भी उद्धृत किया है। इससे रचनाधर्मियों को बहुत अच्छा लगेगा।
    आभार मेरी पोस्ट के शीर्षक को चर्चामंच का हैडिंग बनाने के लिए...!
    धन्यवाद के साथ...!
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  3. सभी मित्रों को नमस्कार
    सभी अच्छे लिंक एक स्थान पर हैं ............सादर

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  4. सच में भैय्या
    अजहद खुशी हुई
    आप "मेरी धरोहर" को पसंद करते हैं
    "मेरी धरोहर" का मतलब मेरी रुचि..
    रचनाकार तो हूँ नहीं मैं
    मेरे द्वारा आज ही संग्रहित स्मृति दीदी की रचना को
    यहाँ प्रस्तुत कर मुझे सम्बल दिया आपने

    सादर

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  5. आम और लीची से रसभरे सूत्र।

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  6. मौसमी बढ़िया पठनीय लिंक मिले ... सुन्दर चर्चा आभार

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  7. बहुत ही सुन्दर और पठनीय सार्थक लिकों की प्रस्तुति,अपनी रचना को यहाँ देख सुखद अनुभव हुए.

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  8. नयापन के साथ बेहतरीन सुंदर सूत्र ,,,

    मेरे पोस्ट को मंच में स्थान देने के लिए आभार ,,,अरुण जी


    RECENT POST : बेटियाँ,

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  9. बढ़िया लिंक्स ,कुछ अभी पढ़ना बाकी हैं ,मेरी रचना चुनने हेतु आभार !

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  10. kuch naya najar aaya arun badhai
    badiya links

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  11. बढिया लिंक्स अरुण जी, बहुत सुंदर चर्चा

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  12. आभार अरुण जी !बहुत बढिया चर्चा !

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  13. सुन्दर लिंक्स संजोये हैं।

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  14. बहुत बढ़िया लिंक्स.....और ऐसे लिंक्स के बीच खुद को पा कर मैं गौरवान्वित हुँ..... आपका आभार अरूनजी.....शाम तक सभी पढ़ लूगी ...... शूभकामनाएँ

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  15. tahe dil se abhaar hamen bhi sthan dene ke liye shashtri ji , arun ji sabhi post sundar lagi hardik badhai aapko

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  16. सुन्दर सुसज्जित मंच..
    एक से एक बढ़िया रचनाओं का संगम....

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  17. सुंदर चर्चा सुंदर सूत्रों के साथ
    उल्लूक की चर्चा भी करने के लिये आभार !

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  18. सुन्दर सूत्र.....

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  19. बहुत सुन्दर चर्चाओं के बीच मेरी पंक्तियों की उपस्थिति बहुत प्रेरक है मेरे लिए ,ह्रदय से आभार !
    सादर
    ज्योत्स्ना शर्मा

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