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Saturday, May 18, 2013

आखिर कैसे ये कमाल हुआ

दोस्तों 
आज की चर्चा में आप सबका स्वागत है । 

आज की सबसे बडी खुशखबरी ये है कि हमारी प्यारी ब्लोगर मित्र सुनीता शानू किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं और आज 

प्यारी सखी सुनीता की "मन पखेरु उड चला" फिर इस  किताब का विमोचन कांस्टीट्यूशन क्लब में होगा और मेरी तरफ़ से उन्हें ये प्यार भरा तुच्छ तोहफ़ा मैं भेंट कर रही हूँ ह्रदय के उदगारों के रूप में जो मैने उनकी किताब पढकर महसूस किये ………उम्मीद है स्वीकार्य होगा 

और आप सबकी शुभकामनायें भी उन्हें भरपूर मिलेंगी ऐसी उम्मीद करती हूँ 


" मन पखेरू उड़ चला फिर "………आखिर कैसे ये कमाल हुआ

































आज सिर्फ़ लिंक्स से काम चलाइये क्योंकि बहुत ज्यादा बिज़ी हूँ सुबह 7 बजे घर से निकलूँगी तो रात को 10 बजे घर में आना होगा दूसरी बात मेरे डैशबोर्ड पर लिंक्स दिख ही नहीं रहे तो जो भी इधर उधर से मिले हैं वो ही लगा पायी हूँ …………मिलती हूँ अगली बार नयी उम्मीद के साथ तब तक के लिये आज्ञा ।

15 comments:

  1. नमस्कार , सभी लिंक अच्छे हैं आपकी व्यस्तता समझ सकती हूँ
    कुछ लिंक पढ़ चुकी हूँ .......आज-कल लाईट पढने नहीं देती

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  2. शुभप्रभात ....बढ़िया चर्चा ...आभार वंदना जी मेरी कृति को स्थान दिया .

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  3. बेहतरीन लिंक्‍स संयोजन ...एवं प्रस्‍तुति
    आभार

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  4. बढ़िया लिंक्स लेकर सार्थक चर्चा प्रस्तुति ...आभार!!

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  5. संक्षिप्त ही सही बेहतरीन लिंकों का समायोजन,आभार.

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  6. Adaraniya Vandana Ji ,
    Pranam evam Abhar , manch ke sabhi mahanubhav ko bhi bahut bahut sadhuvaad !

    Charcha Manch se Galiyon tak ,
    khile gulaab se kaliyon tak ,
    pasari bhumandal ki kdiyon tak
    pahuche aane waali sadiyon tak ...

    JAY HIND !

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  7. कल तो बाहर गया था।
    सुबह लौटा तो नेट खराब था।
    इसलिए मयंक का कोना भी नहीं लगा सका।
    --
    वन्दना जी आपने व्यस्तता के बावजूद बहुत सन्तुलित और बढ़िया चर्चा की है।
    आभार!

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  8. सुंदर चर्चा के लिए हार्दिक आभार..

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  9. बेहतरीन संयोजन,
    आभार

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  10. सुन्दर और रोचक सूत्र

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  11. सुंदर लिंक्स के साथ सार्थक चर्चा
    शानदार संयोजन
    सभी रचनाकारों को बधाई
    मुझे सम्मलित करने का आभार
    सुंदर
    उत्कृष्ट प्रस्तुति
    सादर

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  12. वन्दना जी, बहुत बहुत आभार, चर्चा मंच पर आपने मुझे स्थान दिया और एकाएक पाठकों की संख्या बढ़ गयी..

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