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Wednesday, April 25, 2018

"चलना सीधी चाल।" (चर्चा अंक-2951)

सुधि पाठकों!
बुधवार की चर्चा में 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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दोहे  

"चलना सीधी चाल।"  

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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कथा - गाथा :  

राजजात यात्रा की भेड़ें :  

किरण सिंह 

समालोचन पर arun dev  
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ढूँढती हूँ... 

अजन्ता शर्मा 

मेरी धरोहर पर yashoda Agrawal 
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काश ! मान लिया होता 

मेरी भावनायें...पर रश्मि प्रभा... 
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स्वच्छ भारत अभियान 

Mere Man Kee पर 
Rishabh Shukla  
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किताब 

नमस्ते पर noopuram  
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India का सबसे सस्ता कंप्यूटर  

कीमत सिर्फ 1500 रुपये में 

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प्रेम तब भी तुम रहोगे 

एक दिन जब यह धरा नहीं रहेगी,  
धरा को घेर लेने वाले ग्रह-नक्षत्र नहीं रहेंगे ,  
धरा को नापने वाले दोनों ध्रुव नहीं रहेंगे ,  
धरा को ढ़क लेने वाले वृक्ष,  
नदियाँ - सागर भी नहीं रहेंगे ,  
प्रेम तुम तब भी रहोगे | 
नयी उड़ान + पर Upasna Siag  
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कार्टून :-  

रिश्‍वत के भी फ़ंडे होते हैं 


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मरहम के साये में दर्द ! 

SADA 
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होती यदि किताब 

Asha Saxena  at  Akanksha
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भविष्य के समाज के बारे में 

अप्रैल मई 1918 में महापंडित राहुल सांकृत्यायन ने एक छोटी सी किताब लिखी थी बाईसवीं सदी - जैसे गांधी जी ने 1909 में "हिंद स्वराज" लिखी थी - अपने बाहरी स्वरुप में दोनों किताबें दुबली पतली हैं पर विचार के धरातल पर दोनों भारतीय समाज का मील का पत्थर मानी जा सकती हैं। जहाँ गांधी गाँव को धुरी में रख कर विकेन्द्रीकृत अर्थव्यवस्था की सैंद्धांतिक बात करते हैं वहीँ 25 वर्षीय राहुल जी कथा शैली में 206 साल बाद के ( यानि सन 2124 ) समाजवादी विचारों को मूर्त रूप देने वाले ऐसे भारतीय समाज का खाका खींचते हैं जो वैसे तो युटोपिया जैसा लगता है पर नव स्वतंत्र देश का एक व्यावहारिक वैचारिक घोषणापत्र... 
लिखो यहां वहां पर विजय गौड़ 
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स्वप्नपाश मेरी नज़र में : 

vandana gupta 
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सोच के चोराहे पर 

Akanksha पर Asha Saxena 
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कोई फ़र्क़ नहीं - - 

9 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

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  2. शुभ प्रभात सखी
    आभार
    सादर

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  3. सार्थक चर्चा।
    आपका आभार राधा तिवारी जी।

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  4. This comment has been removed by the author.

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    Replies
    1. धन्यवाद राधा जी मेरी रचना शामिल करने के लिए |

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  5. This comment has been removed by the author.

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  6. राधाजी का हार्दिक आभार . और बधाई .
    अभिव्यक्ति का हर रंग आज के गुलदस्ते में है .
    सभी रचनाकारों को भी बधाई .
    ब्लॉग पर जो लिंक दिया है वो काम नहीं कर रहा . कृपया इस त्रुटी को दूर करें .
    और किसी ने यदि किताब के पन्ने पलटे हों तो हाशिये पर कुछ लिख दें .

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  7. शुक्रिया राधा जी, मेरी रचना "स्वच्छ भारत अभियान" को स्थान देने के लिए बहूत बहूत आभार|

    https://meremankee.blogspot.in/2018/04/clean-india.html

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"दिशाहीन राजनीति" (चर्चा अंक-3038)

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