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Sunday, January 27, 2019

"गणतन्त्र दिवस एक पर्व" (चर्चा अंक-3229)

मित्रों!
रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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गणतंत्र दिवस की सुभकामनाये 

आप स्वतंत्र है कि आप अपने गणतंत्र पर कई प्रश्न चिन्ह लगा सकते है....??? यह एक कारण अपने आप में आपको बधाई का पात्र बनाता है....। बेशक आप व्यवस्था के वर्तमान स्वरूप को आप अपने इच्छा अनुरूप नहीं पाकर मायूस भी हो सकते है। आस्था और स्वाभिमान के घर्षण से उठे ताप आपको अंदर तक धधका रहा हो ...ये भी हो सकता है। अपेक्षाओ के किसी भी स्तर से असंतुष्ट होने के कई कारण आप गिना सकते है... 
Dark Gamers  
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‘राज’ की नहीं,  

‘राज्य’ की चिन्ता करें 

दोनों में डिफरेंस ही क्या है? दोनों एक ही तो हैं अंकल!’ सुनकर मैं चौंका भी और हतप्रभ भी हुआ। यह 25 जनवरी की अपराह्न है। सत्तरवें गणतन्त्र दिवस से ठीक एक दिन पहले की अपराह्न... 
एकोऽहम् पर विष्णु बैरागी 
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माँ भारती के हम बेटे... 

दुनिया के आकाश में 
चमकता हुआ सितारा है । 
मां भारती के हम बेटे 
भारतवर्ष हमारा है ... 
Lovely life पर 
lovely edu  
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6 comments:

  1. जी बहुत ही सुंदर अंक , विभिन्न पठनीय सामग्रियों से भरपूर । मेरे विचारों को मंच पर स्थान देने के लिये हृदय से धन्यवाद।

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  2. शुभ प्रभात आदरणीय
    बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति विभिन्न पठनीय सामग्रियों से भरपूर, मुझे स्थान देने के लिए सह्रदय आभार आदरणीय, सभी रचनाकारों को शुभकामनायें
    सादर

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  3. सुन्दर अंक

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  4. बहुत बहुत आभार श्रीमान जी

    ReplyDelete

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