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Thursday, October 20, 2022

'अम्मा झूठ बोलती हैं कि चंदा मेरा भाई है' (चर्चा अंक 4587 )

शीर्षक पंक्ति: आदरणीया अपर्णा बाजपेयी जी की रचना से।  

सादर अभिवादन। 

गुरुवारीय प्रस्तुति में आपका स्वागत है। 

आइए पढ़ते हैं चंद चुनिंदा रचनाएँ-

गीत "कर्ता-धर्ता ईश्वर है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मैं दरख़्त का पीला पत्रक,

मद्धम सुर में गाता हूँ।

भोजन का अम्बार लगा है,

फिर भी मैं नही खाता हूँ।।

लगीं सूखने शाखाएँ तो,

हरा नही हो सकता हूँ।।

निद्रा में हो सकता हूँ,

पर मरा हुआ नही हो सकता हूँ।।

*****

कब ढलेगी रात गहरी

वेदनाएँ फिर बढ़ी तो 

फूट कर बहती रही सब 

आप ही बस आप का है 

मर चुके संवेद ही जब 

आँधियों के प्रश्न पर फिर

यह धरा क्यों मौन ठहरी।।

*****

बूंद - बूंद ख़्वाब- -

आज और परसों 

के मध्य झूलता

रहता है किसी

लोलक

की

तरह इंसान, 

कोई नहीं परिपूर्ण सुखी यहाँ-

*****

1082-दुआओं का शजर!

*****

चंद्रहार या चांद बालियां


अम्मा झूठ बोलती हैं 

कि चंदा मेरा भाई है,

नहीं जानती रिश्ते-नाते 

के न कोई मानी हैं।

समय नहीं है,काम बहुत है 

मिलने की न बात करो 

चंदा को तुम friend बना लो 

Facebook पर add करो 

*****

और कैसे रोक पाऊँ

टूटता विश्वास पल -पल

हो कहीं,जब जान जाऊँ

स्वप्न धूमिल हो गए सब

प्राण को भी अब गवाँऊ।

*****

अंधे,गूँगे और बहरे!

राजा साहब की नीतियों से लेकर जूतियों तक का 
मजबूरन गुणगान कर 
किसी तरह दो जून की रोटी के जुगाड़ में 
मोटी-मोटी गड्डियों से अपनी जेबें भरते हैं,
मंचों तथा ब्लॉग मंचों पर इतिहास के पृष्ठों को बदलते हैं,
धर्म के रक्षक बनते हैं,

वो ज्ञानवान,शूरवान साहित्यिक सिपाही 
*****
कार्तिक मास की महिमार्षा ऋतु के अंत के साथ बरसाती बीमारियों का भी अंत होने लगता है।सूर्य की किरणों की कोमलता सबके मन को भाता है।इस माह में प्रातः-स्नान का बड़ा वैज्ञानिक महत्व है।धान,मकई मड़ुआ गुड़ जैसे स्वास्थ्य-बर्धक फसलों का आगमन घर में होने लगता है।इस माह में अनेक उत्तम व्रत एवं त्योहार मनाए जाते हैं। यों कहें कार्तिक मास त्योहारों का ही महीना है।*****बाइडन ने पाकिस्तान को ‘खतरनाक देश’ क्यों बताया?
फिर मिलेंगे। 

रवीन्द्र सिंह यादव 

7 comments:

  1. बहुत सार्थक चर्चा प्रस्तुति।
    मुझे सम्मिलित करने हेतु हार्दिक आभार,
    रवीन्द्र सिंह यादव जी।

    ReplyDelete
  2. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति

    ReplyDelete
  3. मुझे शामिल करने हेतु असंख्य धन्यवाद व दीपावली की शुभकामनाएं। सुन्दर प्रस्तुति।

    ReplyDelete
  4. सुप्रभात! सुंदर चर्चा, कुछ लिंक नहीं खुले, आभार!

    ReplyDelete
  5. बहुत सुंदर प्रस्तुति।

    मुझे शामिल करने हेतु हार्दिक आभार आदरणीय।

    सादर

    ReplyDelete
  6. बहुत खूबसूरत चर्चा प्रस्तुति

    ReplyDelete
  7. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति

    ReplyDelete

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