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Saturday, May 08, 2010

आज ख़ुशी का दिन फिर आया (चर्चा मंच - 147)

मेरे हिसाब से वैसे तो आज कोई ख़ास दिन नहीं है!


बस यही ख़ास बात है कि आज मैं एक बार फिर


आपको प्यारे-प्यारे नज़ारे दिखाने जा रहा हूँ!


ऐसे नज़ारे, जिन्हें देखकर आप निश्चित रूप से ख़ुश होंगे!


यही कारण है कि मुझे लग रहा है -


"आज ख़ुशी का दिन फिर आया!"


चर्चाकार : रावेंद्रकुमार रवि

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सबसे पहले मिलते हैं खरगोश का रूप धरे इस सुनयना से -



पाखी की दुनिया

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और अब देखते हैं कि ये कौन सी शरारत करने जा रहे हैं -



आदित्य

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आओ, पता करें इस लोमड़ी का गला कैसे ख़राब हो गया? -



मैं शुभम् सचदेव

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पहचानिए : ये कौन हैं, जो गर्मी से बचने के कुछ उपाय बता रही हैं -



अक्षयांशी

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अरे, वाह! यहाँ तो देखो : कितना अच्छा काम किया जा रहा है -



माधव

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यह रही गेट वे ऑफ इंडिया पर नन्ही पाखी की मस्ती -



चुन-चुन गाती चिड़िया

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माशा अल्लाह, अब तो मेरी तबियत बिल्कुल ठीक है! क्या-क्या खाऊँ? -


DSC02488


लविज़ा

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ये रसमलाई न खा पाने के कारण उदास हैं -



नन्हे-मुन्ने

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पढ़-लिखकर ज्ञानी बन जाना, कभी न उल्लू तुम कहलाना! -



नन्हे सुमन

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और यह रही उड़नेवाली मछली : सच्ची-मुच्ची -



नन्ही परी

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यह "क्यूटी पाई" क्या है? इस हैटवाले से ही पूछ लेते हैं -



आदित्य

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इत्ती गरमी, हाय रे, दइया : चीख रही देखो गौरइया! -



बाल संसार

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अंत में पढ़ते हैं यश तिवारी की एक बढ़िया कविता : ख़ुशी -


My Photo


सरस पायस

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23 comments:

  1. Bachchon ki har baatr niraali hai... sundar charcha..

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  2. ale waah waah..
    chhundal hai..
    :)

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  3. बहुत सुन्दर
    सतरंगी

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  4. बहुत बढ़िया बाल चर्चा.

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  5. लाजवाब! चर्चा ..विभिन्न रंगों में!

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  6. सुंदर चुन-मुन चर्चा...

    जय हिंद...

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  7. sundar indardhanush si satrangi charcha...maanmohak.

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  8. मजा आ गया , देखकर , सभी दोस्तों को एक साथ . माधव को जगह देने के लिए धन्यवाद . आपका मार्गदर्शन ओउर उन्साह्वर्धन लाजबाब है .

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  9. शानदार चर्चा.अभी 'पाखी की दुनिया' से आ रहे हैं..अब अन्य पर भी जायेंगे.

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  10. वाकई बड़ी रोचक चर्चा होती है रवि जी की. बच्चों कि दुनिया किसे नहीं भाती.

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  11. रवि जी , ये बच्चों की रंग बिरंगी दुनिया आप खूब सजाते हैं....बहुत खूबसूरत चर्चा ...बधाई

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  12. Interesting...!!

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  13. वाकई आज ख़ुशी का दिन है..इतनी प्यारी-प्यारी चर्चा. बिटिया 'पाखी की दुनिया' की चर्चा के लिए आभार.

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  14. अले कित्ती ढेर सारी चर्चा..सभी को जाकर अब पढूंगी.

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  15. रवि अंकल जी,

    चर्चा मंच में मेरे ब्लॉग 'पाखी की दुनिया' की चर्चा के लिए आपको ढेर सारा प्यार व धन्यवाद.

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  16. बहुत बढ़िया बाल चर्चा.

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  17. ये हुई न बात...कुछ कहने की ज़रूरत ही न बची.

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  18. रंग-बिरंगी चर्चा देखकर बढ़िया लिंक तो मिले ही साछ ही मन खुशियों से भी भर उठा!

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  19. आप सबका इतना अधिक प्यार मिलेगा,
    सोचा भी नहीं था!
    --
    चर्चा सजाने में जितना आनंद आता है,
    उससे अधिक आनंद आप सबकी
    मीठी-मीठी बातें पढ़ने में आता है!
    --
    आपकी इन बातों से मिली शक्ति मुझे
    चर्चा मंच को और अधिक
    सुंदर ढंग से सजाने की प्रेरणा देती है!

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  20. अरे वाह जी बहुत सुंदर लगी बच्चो की दुनिया

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  21. अंकल, आप हम बच्चों से कितना प्यार करते हैं... शुक्रिया... चर्चा में शामिल करना के लिए....

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  22. प्यार तुम्हें
    करते हैं इतना,
    जितना हवा
    फूल से करती!

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