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Thursday, July 07, 2011

"कलम, आज उनकी जय बोल" (चर्चा मंच-568)


 चर्चा मंच के सभी पाठकों को 
सादर अभिवादन!
चर्चा मंच के बृहस्पतिवार के चर्चाकार
दिलबाग विर्क जी का 
स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण
मैं आपकी सेवा में उपस्थित हुआ हूँ!
अगली बार वो ही आज के दिन की चर्चा 
यहाँ पर लेकर आयेंगे!
 अब आज की चर्चा को प्रारम्भ करता हूँ! 
कल की चर्चा हमारे नये चर्चाकार
दिनेश चन्द्र गुप्ता "रविकर" जी
लेकर आयेंगे!
मैं चर्चा मंच परिवार की ओर से
इनका अभिनन्दन करता हूँ! 
सबसे पहले देखिए इनकी यह पोस्ट!
 नहीं चाहिए मरहम सुन रे बे-दर्दी। 
नहीं चाहिए तेरी कोई हमदर्दी।।....
तन के घाव, मन के लड्डू || 
 
तकनीकी पोस्ट में देखिए-
लम्हों का सफ़र में
 बता रहीं हैं!
My Photo
आंध्र-प्रदेश से 

Sunil Kumar कह रहे हैं!

[Pic4227.jpg]
तेरी बेटी या मेरी बेटी , 
आख़िर वह है किसकी बेटी ? 
 
सिर पर बोझा लाद के लाती 
फटे कपड़ों से अंग छिपाती 
रोटी के जो चित्र बनाती, 
और फिर खाली पेट सो जाती...

में देखिए!
आते -जाते पाँव थे घिसते “भ्रमर” सभी ये कहते थे !!...
 जो अगणित लघु दीप हमारे तूफानों में 
एक किनारे जल-जलाकर बुझ गए 
किसी दिन मांगा नहीं स्नेह मुंह खोल
ब्लॉग लिखती हूँ तो क्या आपके कहे अनुसार -ऐसा होता है न ??? मेरी भावनायें..में
मेरा फोटो
 रश्मिप्रभा जी बता रहीं हैं!
 
देखा या महसूस तो आप सब ने भी किया ही होगा।  
लो क सं घ र्ष ! में पढ़िए!
ब्लॉग की ख़बरें कह रहीं हैं!
कल मेरी मुशायरे ब्लॉग पर प्रस्तुति पर एक टिप्पणी आयी 
Pappu Parihar said... 
किधर से शुरू करूँ, किधर से ख़तम करूँ 
 राजेश कुमारी जी आपके लिए लाईं हैं
अंतर्मंथन पर डॉ. टी एस दराल जी से
दो दोस्त आपस में बात कर रहे थे 
रमापति कश्यप लेकर आईं हैं!
तेज़ बहुत है *
*पर काटती नहीं*
*बल्कि गढ़ती है *
*नया कुछ कहीं *
*काट दे अवांछित...
में  लेकर आये हैं
My Photo
में उर्मी चक्रवर्ती कह रहीं हैं! 
*हर लम्हा मेरे ख्याल में रहता है वो, 
कैसा है वो, किस हाल में है वो, 
*दिल के हर सवाल में रहता है वो 
यह खूबसूरत रचना पढ़िए! 
 Mushayera पर आज देखिए!
बोल, कि लब आज़ाद हैं तेरे बोल, 
ज़ुबां अब तक तेरी है तेरा सुतवां जिस्म है 
तेरा बोल कि जान अब तक तेरी है .... 
में पढ़िए!
कैसे ये पासे फैंकते है.. 
करोड़ो के घोटालों को मिनटों में खेलते हैं. 
राह में आती हैं बाधाएं अनेकों 
उनको तो आना ही है 
फर्ज़ अपना निभाना ही है
चलते जाना ही है 
वन्दना गुप्ता जी
मेरा फोटो
कह रहीं हैं! 
 सेंक लेते हैं रोटियां , 
जली आग पर , 
जलाई किसने , 
पता कर लेते तो अच्छा था .. 
हजारों गम जमानें में नजर आए, 
गैर ...तमासबीन  
अपने ग़मों के साथ कई ग़म और लिये फिराता हूँ 
देता हूँ तसल्ली उनको खुद उन्हीं में डूबा रहता हूँ 
ग़म  ही ग़म  हैं
क्या यही है Akanksha 
"जय श्री राम"  कोई कहे "राम"   
कोई कहे "जय श्री राम"  
किसी ने कहा "हे राम"  
राहें हैं सब की अलग,  
पर मन्जिल एक है|  
शरद कोकास जी बता रहे हैं!
मनोज कुमार जी बता रहे हैं!
 अन्त में देखिए 
 स्वप्निल जीवन ......!! मेरे मीत ....!! 
निर्मल मन के- भावों सी हो....... 
अपनी उज्जवल प्रीत 

38 comments:

  1. ढेर सारे लिनक्स का सुंदर संकलन ...... बढ़िया चर्चा

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  2. आज बहुत से लिंक्स लिए चर्चा मंच बहुत अच्छा रहा |नए चर्चा कार रविकर जी को अग्रिम बधाई |मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार
    आशा

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  3. शास्त्री जी नमस्कार ...!
    कुछ नए तरह से चर्चा प्रस्तुत की है ...!बढ़िया संकलन ..आभार मेरी रचना शामिल करने के लिए ...!

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  4. बहुत सुन्दर ||
    आभार ||

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  5. बहुत सारे अच्छे लिनक्स ...
    पढ़ते हैं बारी -बारी!

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  6. This comment has been removed by the author.

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  7. बढिया चर्चा .. अच्‍छे लिंक्स मिले !!

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  8. This comment has been removed by the author.

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  9. आदरणीय शास्त्री जी,
    बहुत बहुत धन्यवाद मेरे ब्लॉग को यहाँ स्थान के लिये.

    सादर

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  10. आभार | सुन्दर लिनक्स के लिए व रामायण-८ को शामिल करने के लिए - ... |

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  11. Shastri ji aapki charcha padhi bahut achchi lagi pahle to main dhanyavaad karti hoon meri yaatra ko isme shamil karne ke liye doosre yahan aakar achche link mile hain kuch naye blog mile hain kuch naye dost mile hain,uske liye.

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  12. बहुत बहुत धन्यवाद शास्त्री जी मेरी रचना को चर्चा मे शामिल करने के लिए ।
    साथ ही सुन्दर चर्चा और अच्छे लिंक्स ।
    आभार ।

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  13. बहुत सुन्दर चर्चा रहा! ढेर सारे लिंक्स मिले! मेरी शायरी चर्चा में शामिल करने के लिए धन्यवाद!

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  14. शास्त्री जी, नमस्कार !
    'चर्चा-मंच'पर मेरी पोस्ट को अपने चर्चा-मंच के
    काबिल समझा,शामिल करने पर !!!
    बहुत-बहुत आभार !

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  15. सुन्दर लिंक्स से सुसज्जित चर्चा।

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  16. शास्‍त्री जी, चर्चा मंच में मेरी पोस्‍ट 'ताश की गड्डी' की प्रस्‍तुति के लिये आपका आभार ।

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  17. सुन्दर चर्चा और अच्छे लिंक्स |
    _______________________________
    किसी और की हो नहीं पाएगी वो ||

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  18. रूपचन्द्र जी का बहुत आभार, मेरी रचना को यहाँ शामिल कर मान बढाने केलिए. बहुत अच्छी अच्छी चर्चाएँ हैं, और प्रस्तुतीकरण भी बहुत सुन्दर.

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  19. सुन्दर चर्चा.

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  20. बेहतर लिकंस का संकलन और मनभावन अंदाज ..!

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  21. बढ़िया लिंक्स संकलन ..बहुत अच्छी के लिए बहुत-बहुत आभार!

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  22. बहुत तबियत से की गई बेहतरीन रंगीन चर्चा। कई लाजवाब लिंक्स मिले।

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  23. आदरणीय शास्त्री जी ... बहुत लाजवाब चर्चा है आज ... शुक्रिया मुझे भी शामिल करने का ...

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  24. अच्छे ब्लॉग मिले है।
    अच्छी जानकारी मिली

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  25. सुन्दर प्रविष्टियाँ लेकर आये आप ,
    बहुत भाये आप .

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  26. बहुत सुविधा हो जाती है एक साथ चुनिन्दा श्रेष्ठ ब्लॉगs लिंक देखकर ... मेहनत बच जाती है अच्छे रचनाकारों को खोजने की.
    'रविकर' को आपने अपनी चयन समिति में लेकर मन प्रसन्न कर दिया... अब होगी काव्यमय ब्लॉग चर्चाएँ... ऎसी आशा है.

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  27. बहुत अच्छी और विस्तृत चर्चा ...आभार

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  28. kafi links mile. meri rachna ko yaha sthan dene ke liye aabhar.

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  29. shastri ji charcha manch ko aaj aapne ek guldaste ki tarah se sajaya hai.blog ki khabren se meri post ko sthan dene ke liye aabhar.

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  30. bhut bhut sukriya apne sankalan me meri rachna k jagah dene ke liye... thank u... sath hi bhut sare links se hamra parichiye karnae ke liye...

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  31. धन्यवाद मेरी रचना को यहाँ ताक लाने का , अच्छे लिंक

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  32. bahut achhi charcha ..meri rachna ko sthan dene ke liye bahut bahut shukriya...

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