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Monday, November 14, 2011

अमेरिकी कुत्ते को राष्ट्राध्यक्ष जैसा सम्मान-चर्चा मंच : 698


सादर नमस्कार --
फिर से वापस आ गया, कर आवश्यक काज |
सागर  का  पंछी  भला, छोड़े  कहाँ  जहाज ||
                                         ---रविकर

बालदिवस

   
रोज़ सवेरे मेरे आँगन
आती थी इक गौरैया|
कुदक-कुदक कर,
फुदक-फुदक कर,
दाना खाती वह गौरैया|
छोटी सी आवाज़ पर
चौकन्नी होती गौरैया|
चकित नज़र चहुँ ओर डालती
चपल चंचल थी गौरैया|
चिड़ा आए दाना लेने तो
चोंच  मारती  गौरैया|
नन्हें से बच्चे को लाती
वात्सल्य से भरी गौरैया|
वाणी गीत 
कभी कभी यूँ भी होता है ... निष्ठां, प्रेम, विश्वास से बने आशियाने झूलने लगते हैं अविश्वास , शक अपमान ,तिरस्कार के भूचालों से ... चूलें चरमराने लगती हैं जैसे बने हो ताश के पत्ते के घर एक पत्ता हिला और

एक लम्हा वफ़ा का दे दे कोई

आरजू दिल में बसी
एक लम्हा वफ़ा का
दे दे कोई
बीमार -ऐ-दिल को
दवा दे दे कोई
मोहब्बत का जवाब
मोहब्बत से दे दे कोई
नज़रें मेरी तरफ कर ले
टूटे हुए दिल को जोड़ दे
किश्ती को
किनारे लगा दे कोई
दिल को सुकून दे दे
मेरी इल्तजा सुन ले
कोई


अरबों खरबों के आबंटन, लाख करोड़ों के किस्से

ठाले-बैठे 

पर 

नवीन जी 

नभ रोशन कर  पाएँ ना, उन - तारों का हम करें भी क्या|
जन-जन कर विघटित होते - परिवारों का हम करें भी क्या|१|

तन की बीमारी की खातिर, कइयों दवा ईज़ाद  हुईं|
पर, घर-घर फैले, मन  के बीमारों का हम करें भी क्या|२|

बेटी बचाओ अभियान (गीत – 3)

आन  बान  और शान है  बेटी
गीता  और  कुरान  है   बेटी.
गर्व  करें   अपनी   बेटी  पर
जन गण मन का गान है बेटी.

बेटे    जैसा    खूब    पढ़ायें
नव-युग का आह्वान  है  बेटी.
बेटी  मिली -  भाग्य  सहरायें
ईश्वर  का  वरदान  है   बेटी.

अमेरिकी कुत्ते को राष्ट्राध्यक्ष जैसा सम्मान

देश के पूर्व राष्ट्रपति कलाम की अमेरिका ने 29 सितम्बर 2011 को प्लेन में जैकेट व जूते उतरवाकर ले जाया गया और फिर थोड़ी देर बाद वापस कर दिया गया। इस तरह हमारे देश के राजनेताओं की अमेरिकियों द्वारा हमेशा बेइज्जती की जाती है। इसके पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के चेहरे के ऊपर शराब गिराना, रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडीज की नंगा जोरी लेना सहित नौकरशाहों राजदूतों की तलाशी के नाम पर बेइज्जती करने की काफी घटनाएं हो चुकी हैं

अजनबी मोड अजनबी मुलाकात जानकर भी अन्जान पता नही वजूद जुदा हुये थे या ………… नहीं , आत्मायें कभी जुदा नही होतीं वज़ूद तो किराये का मकान है और तुम और मै बताओ ना वजूद कब रहे हमेशा ही आत्माओ से बंधे रहे अब चाहे कि

कौन है हमारा idol ( आदर्श ) व्‍यक्ति?

एक पोस्‍ट मैंने लिखी थी बाघदड़ा नेचर पार्क पर। जहाँ हम पूर्णिमा की रात में एक नेचर पार्क में थे। (पूर्ण चन्‍द्र की रात में जंगल का राग सुनो ) वहाँ बातचीत करते हुए एक प्रश्‍न आया था कि आपका आयडल कौन है? कई लोगों ने उत्तर दिया और किसी ने यह भी कहा कि हम अपने जीवन में कोई आयडल नहीं बना पाए हैं। मेरे मन में एक उत्तर था लेकिन मैंने उस समय कुछ नहीं बोला क्‍योंकि मेरा उत्तर कुछ लम्‍बा था और उस स्‍थान पर कम बोलने को कहा गया था। इसलिए आज अपनी बात कहने के लिए और आप सब की राय जानने के लिए यहाँ लिख रही हूँ।

सावधान जी का जंजाल बन सकती है समय पूर्व रजोनिवृत्ती .

सावधान जी का जंजाल बन सकती है समय पूर्व रजोनिवृत्ती .
भारत में रजोनिवृति की औसत उम्र महिलाओं में औसतन ४७ बरस है लेकिन अनेक कारणों से प्रीमेच्योर मीनोपोज़ अब ४० साल से पहले आ रही है .एक तरफ दोषपूर्ण खानदानी विरासत ,खराब जीवन इकाइयां ,तपेदिक जैसे आम रोग दूसरी तरफ ,केमोथिरेपी इतर विकिरण प्रभावन (रेडियेशन एक्सपोज़र ),ऑटोइम्यून डिसऑर्डर्स ,मेडिकल तथा सर्जिकल प्रोसीज़र्स इसकी वजह बन रहें हैं .

वे दिन

वे दिन वे ही रातें
सोती जगती हंसती आँखें
तन्हाई की बरसातें
जीवन की करती बातें |
सुबह की गुनगुनी धूप ने
पैर पसारे चौबारे में
हर श्रृंगार के पेड़ तले
बैठी धवल पुष्प चादर पर
लगती एक परी सी |
थे अरुण अधर अरुणिम कपोल
मधुर मदिर मुस्कान लिए
स्वप्नों में खोई हार पिरोती
करती प्रतीक्षा उसकी |
कभी होती तकरारें

हमारे देश में अंधविश्वास के कारण कितनी ही जाने चली जाती हैं /इन पंडित पुजारी  के द्वारा  धर्म के नाम पर पाप पुण्य का डर दिखा कर हमारे देश की गरीब जनता को कितना लूटते है /और ये सिर्फ अच्छी अच्छी बातें बोलकर अपनी तिजोरी भरते हैं ./अभी हरिद्वार में गायत्री परिवार के यज्ञ समारोह में कितने ही लोग धुऐं की घुटन के कारण हुई भगदड़ में अपनी 

जान से हाथ धो बैठे और कितने ही घायल हो गए /ऐसे ही हमेशा कुम्भ या अर्धकुम्भ  के समय कुछ ना कुछ हादसे ज्यादा भीड़ के कारण हो जाते हैं और कितने ही लोगों की जान चली जाती है /जिसमे बच्चों और औरतों की संख्या ज्यादा होती है /अब इसमे किसको कितना पुण्य मिल रहा है और कितना पाप यह तो ऊपरवाला ही जाने /परन्तु उसके बाद भी हमारे धर्म के ठेकेदार यह जरुर कहते हैं की आप ने भगवान् की भक्ति में कोई कमी की होगी इसीलिए आपके साथ ये हादसा हुआ है /अगर आप इतना दान -पुण्य और करेंगे तो आपका अगला जनम बहुत अच्छा गुजरेगा /इस जनम का 

जितनी बंटनी थी बंट चुकी ये ज़मीं


जितनी बंटनी थी बंट चुकी ये ज़मीं,
अब तो बस आसमान बाकी है |
सर क़लम होंगे कल यहाँ उनके,
जिनके मुंह में ज़बान बाक़ी है ||

  ZEAL
जो अल्पमत जबरदस्ती देश का विभाजन करा सकता है, उसे आप अल्पसंख्यक क्यूँ समझते हैं ? वह एक मजबूत सुसंगठित अल्पमत है, फिर उसे संरक्षण एवं विशेष सुविधाएं क्यूँ ? -- सरदार वल्लभ भाई पटेल-- (दिनाक२५-२६ मई १९४९ को


"बालदिवस के अवसर पर- दोनों पुस्तकों का विमोचन" 
 (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

"आज बन गये सब व्यापारी" 

(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

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28 comments:

  1. जितनी बंटनी थी बंट चुकी ये ज़मीं,
    अब तो बस आसमान बाकी है |
    सर क़लम होंगे कल यहाँ उनके,
    जिनके मुंह में ज़बान बाक़ी है ||


    Shukriya .

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  2. मेरो मन अनत कहाँ सुख पावे। सुन्दर सूत्र।

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  3. अच्छे और ज्ञानवर्धक लिंक्स की सुन्दर प्रस्तुति|

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  4. आ. शास्त्री जी को पुस्तक विमोचन के सुअवसर पर बहुत बहुत बधाइयाँ। पुस्तकों का इंतज़ार रहेगा। इस सुंदर चर्चा में ठाले-बैठे को स्थान देने के लिए बहुत बहुत आभार, एक साल पोस्ट हुई ग़ज़ल पर किसी की नज़र पड़ी तो सही।

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  5. सराहनीय चर्चा ,...........विचारनीय संकलन ,व रचनाएँ ,आलेख नविन सन्दर्भों में .....बधाई जी /

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  6. सराहनीय प्रयास। आभार।

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  7. बहुत सुन्दर चर्चा रहा! उम्दा प्रस्तुती!

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  8. सटीक चर्चा के लिए बधाई |मेरी रचना शामिल करने ले लिए आभार |
    शास्त्री जी की दौनों पुस्तकों के लिए बधाई |
    आशा

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  9. सुन्दर लिंक संयोजन्……………सुन्दर चर्चा।

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  10. बहुत ही अच्‍छे लिंक्‍स दिये हैं आपने .. आभार ।

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  11. सुन्दर चर्चा... उम्दा लिंक्स....
    सादर आभार...

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  12. behad khoobsoorat , maja aa gaya padh ke

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  13. सुंदर दोहे के साथ सुंदर चर्चा

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  14. बहुत सुंदर चर्चा

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  15. बढ़िया चर्चा;आभार .

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  16. जहाज पर लौट आये पंछी का स्वागत है.
    नीड़ सुंदर है सजाया
    ज्यों बया का घोंसला
    पर की मजबूती से ज्यादा
    है जरूरी हौसला.

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  17. good .

    हम वफ़ा से इस तरह कुछ बेवफ़ाई कर गए
    ज़िंदगी बीमार जब होने लगी हम मर गए

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  18. good .

    हम वफ़ा से इस तरह कुछ बेवफ़ाई कर गए
    ज़िंदगी बीमार जब होने लगी हम मर गए

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  19. बहुत बहुत आभार आप सभी का ||

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  20. रविकर जी चर्चा करें पढ़ कर हुए हम मगन ,सभी लिंक आये पसंद .

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  21. बढिया लिंक मिले इस अंक में । आभार॥

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  22. बहुत बहुत धन्यवाद आपका की आपने मेरी पोस्ट "अंधविस्वास " को इसमे शामिल किया /बहुत ही अच्छे लिनक्स के साथ सजाया है आपने ये चर्चा मंच /देर से आने के लिए माफी मांगती हूँ /.आभार

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