साहित्यकार समागम

मित्रों।
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार) को खटीमा में मेरे निवास पर साहित्यकार समागम का आयोजन किया जा रहा है।

जिसमें हिन्दी साहित्य और ब्लॉग से जुड़े सभी महानुभावों का स्वागत है।

कार्यक्रम विवरण निम्नवत् है-
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार)
प्रातः 8 से 9 बजे तक यज्ञ
प्रातः 9 से 9-30 बजे तक जलपान (अल्पाहार)
प्रातः 10 से अपराह्न 1 बजे तक - पुस्तक विमोचन, स्वागत-सम्मान, परिचर्चा (विषय-हिन्दी भाषा के उन्नयन में
ब्लॉग और मुखपोथी (फेसबुक) का योगदान।
अपराह्न 1 बजे से 2 बजे तक भोजन।
अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक कविगोष्ठी
अपराह्न 5 बजे चाय के साथ सूक्ष्म अल्पाहार तत्पश्चात कार्यक्रम का समापन।
(
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री का निवास, टनकपुर-रोड, खटीमा, जिला-ऊधमसिंहनगर (उत्तराखण्ड)
अपने आने की स्वीकृति अवश्य दें।
सम्पर्क-9368499921, 7906360576

roopchandrashastri@gmail.com

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Wednesday, February 01, 2012

चर्चा-मंच : ७७६: तो कल ही उड़ गया??

बजरंगबली का नाम लेके आज की पहली चर्चा राजकुमार जी की एक पुरानी रचना भैंस पे लैपटॉप   से शुरू कर रहा हूँ . आगे पढ़े दवे जी का  माय लोर्ड  और  दुबे और आपकी कहानी  . 





जी हाँ वोट बेचने का मौसम जिसमे  कस्टमर सर्विस  बेस्ट है .
 घास   खाने वाले   गधा  का वफादार  होना खुली आँखों का एक सपना है .

आज के लिए इतना ही .. 

सादर 

कमल 

10 comments:

  1. संक्षिप्त, सूक्ष्म व गहन..

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  2. प्रभावी चर्चा ||

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  3. Nice .

    हक़ीक़त गहरी हो और उसे भारत न जानता हो ?
    यह एक असंभव बात है।
    भारत का साहित्य गहरी हक़ीक़तों से लबालब भरा हुआ है। गहरी हक़ीक़तों के जानने वाले को ही पंडित कहा जाता है।
    पंडित वह सत्य भी जानते हैं जिसे इतिहास ने महफ़ूज़ कर लिया और जिसे सब जानते हैं और पंडित वह परम सत्य भी जानते हैं जिसे सुरक्षित रखने का सौभाग्य केवल उन्हीं को मिला और जिसे कम लोग ही जानते हैं।

    See :
    http://www.vedquran.blogspot.in/2012/01/mohammad-in-ved-upanishad-quran-hadees.html

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  4. वाह कमाल है कमल जी आपका।
    10 लाइनों में 20 लिंक!
    आभार!

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  5. बहुत ही बढि़या।

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  6. kaml ji aap ka charcha rakhne ka trika pasnd aaya .....

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  7. प्रभावी चर्चा मंच ...

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(चर्चा अंक-2853)

मित्रों! मेरा स्वास्थ्य आजकल खराब है इसलिए अपनी सुविधानुसार ही  यदा कदा लिंक लगाऊँगा। शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  ...