चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Saturday, August 04, 2012

"बचपन अधूरा सही...बेचारा नही...." (चर्चा मंच-९६१)

मित्रों!
शनिवार आ गया और 
हम भी आपके लिए
कुछ अद्यतन लिंक लेकर आ गये!
लिंक-0
लिंक-1
माथा भन्नाता विकट, हजम करारी हार | 
छाया सन्नाटा अटल, तम्बू-टेंट उखार
लिंक-1 (क)
वोटर भकुवा क्या करे, वोटर जाति-परस्त 
लिंक-2
"केवल मक्कारी फलती है"
गाँधी बाबा के भारत में, केवल मक्कारी फलती है।
आजादी मुझको खलती है...
लिंक-3
"बाहर कर लिया /अब अंदर जायेंगे "
खबर आई है आज सब टेंट हटाये जायेंगे 
टेंट वाले जो जो हैं अन्दर पहुँचाये जायेंगे 
अन्दर जा कर होगा क्या ये अन्दर से ही बतायेंगे 
अन्दर वाले उसके बाद क्या बाहर फेंके जायेंगे 
लिंक-4
बादल तो बादल होते हैं
श्वेत-श्याम से नभ में उगते,
निर्मल जल का सिन्धु समेटे,
लेकिन धुआँ-धुआँ होते हैं ।
बादल तो बादल होते हैं...
लिंक-5
टीम अन्ना का राजनीति में स्वागत है

अभी तो जो दिल ने चाहा कह दिया...
लिंक-8
हर हाल में संतुष्ट रहते
गोधुली वेला मैं गाँव से शहर की ओर 
गाँव बैलों का रेवड़ धूल उडाता गाँव की ओर अ
ग्रसर धूल से सांस लेना दूभर होने लगा 
गाँव बैलों पर क्रोध आने लगा 
मन ही मन उन्हें कोसने लगा ...
लिंक-9
मेरा जीवन मेरी यात्रा.
मुझे अपने बचपन की बहुत कम बातें ही याद हैं, 
पर कुछ बातें जिसे माँ बराबर दुहराती रहती थी 
और हमेशा सबको बताती थी, 
वह मानस पटल पर इस तरह बैठ गए कि अब शायद ही भूल पाऊँ...
लिंक-10
राखी आई राखी आई

राखी आई राखी आई 
भाई बहन के स्नेह बंध का यह त्यौहार अनोखा लाई 
राखी आई राखी आई पहन चुनरी ,
मंहदी चूड़ी बहना भी सजधज कर आई राधा और रुकमा को लाई 
राखी आई राखी आई फैनी घेवर और मिठाई फल और राखी बहना लाई ...
लिंक-12
हँसने की कोशिश करते है"
कृति -- मोहित पाण्डेय"ओम" 
गम के सागर में डूबे रहते है, फिर भी हँसने की कोशिश करते है| 
ये जमाना अगर हमसे रूठे भी तो, हम तो अपने ही जलवे में रहते है...
लिंक-13
अब पूरे रणक्षेत्र में मैं और मेरा सारथी होगा 

मुझे नहीं होना सत्यवादी सत्य मेरा मन जानता है और यही काफी है ! 
अब जब मैं अपने कक्ष में रहूंगी तब सच कहूँगी 
पर अपने घर की ठोस दीवारों पर किसी गिरगिट को ठोकर नहीं लगाने दूंगी...
लिंक-14
भारत मे इंकलाब क्यों नही आता ??? 
क्योंकि, 
गरीब में हिम्मत नहीं है; 
मिडल क्लास को फुर्सत नहीं है; 
और अमीरों को इसकी जरुरत नहीं है ! 
लिंक-15
हिसाब मांगने लगो खुद से 
जिन्‍दगी की किताब को जरा आराम से पढ़ो 
तो इसके हर पृष्‍ठ के हर शब्‍द का भाव 
तुम्‍हें समझ आ जाएगा 
मुमकिन है कुछ अंजान शब्‍द होंगे 
जिनके मायनो से तुम अनभिज्ञ होगे 
तो क्‍या हुआ हर कोई होता है पर सीखने के ...
लिंक-17
तलाश एक मोड़ की

(१) 
चुभने लगती जब आँखों में सुदूर सितारों की रोशनी भी, 
हर सीधी राह भी जगा देती एक डर भटक जाने का, 
रिश्तों की हर डोर जब हो जाती कमज़ोर बार बार टूटने और गाँठ लगने से...
लिंक-18
भगवत का उपहार
*प्यारी बहना रूठती, भाइ करत मनुहार.* 
*भाइ भगिन का प्यार है, भगवत का उपहार. 
समस्त सम्मानीय स्नेही मित्रों को 
भाई बहिन के पवित्र प्यार से सराबोर 
अनूठे *"पर्व श्रावणी"* की सादर शुभकामनाओं सहित..
लिंक-19
कुछ लम्हे जो ठहर से गए......

इब्तेदा मोहब्बत की....
 तुमने कहा था मेरी आँखों में बसी हो तुम..... 
मैंने कहा कहाँ?? 
दिखती तो नहीं ... 
तुमने कहा दिल में उतर गयीं अभी अभी... 
लिंक-21
बचपन अधूरा सही...बेचारा नही....

अपने अतीत को सम्भाल कर रखो 
आप के भविष्य में काम आऐगा....
लिंक-22
बल्ले बल्ले है सरकार
मजबूरी साझी सरकार ,
हाथ में कोयले ,ऊखल में सिर ,
करेंगे मिलकर भ्रष्टाचार ,
चारा तो हम ही खायेंगे ,
करनी अपनी भुगतो यार...
लिंक-23
स्त्री हूँ
क्षणों के कांटे सी हूँ मैं 
हर क्षण धुरी पर परिक्रमा 
मेरा वक़्त बदल देती हैं 
मेरी परिक्रमा क्षण घंटे दिन बदले 
साल सदियां गुजर गई पर 
मेरी परिक्रमा का अंत नहीं..
लिंक-24
गुल्लक की करामात

राखी का त्यौहार सबको मुबारक हो 
आज राखी का त्यौहार है ।
इस अवसर पर मैं एक नई कहानी पोस्ट कर रही हूँ 
जिसका नाम है -- गुल्लक की करामात 
तुम जरूर कहोगे राखी पर राखी की कहानी होनी चाहिए 
यह गुल्लक कहाँ से...
लिंक-25
गांव तक गैंग्रीन 

" चुनाव जीतने के बाद, 
कोई काका-काकी-पड़ोसी नहीं। 
तुम मुखिया और लोग पब्लिक। 
पांव पकड़कर या आंख दिखाकर, 
जैसे भी हो चुनाव के वक्त वोट ले लो...

38 comments:

  1. विस्तृत चर्चा में कई बेहतरीन लिंक मिले !
    आभार !

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  2. सौ सुनार की एक लुहार की ,एक मौक़ा "क्रेन बेदी "को भी दो जिसने इंदिराजी की गाडी उठवा दी थी .अन्ना जी को दो जिनके मान का इतना दबदबा है कि सरकार और उसके मौन सिंह कोई "अन्न "भी कहे तो "अन्ना" समझ भाग खड़े होतें हैं .अभी तो नौ अगस्त को ताउजी (रामदेव ) आ रहें हैं "हर हर महादेव ...'"दिल्ली की हो खैर ......
    सौ सुनार की एक लुहार की ,एक मौक़ा "क्रेन बेदी "को भी दो जिसने इंदिराजी की गाडी उठवा दी थी .अन्ना जी को दो जिनके मान का इतना दबदबा है कि सरकार और उसके मौन सिंह कोई "अन्न "भी कहे तो "अन्ना" समझ भाग खड़े होतें हैं .अभी तो नौ अगस्त को ताउजी (रामदेव ) आ रहें हैं "हर हर महादेव ...'"दिल्ली की हो खैर ......

    "टीम अन्ना का राजनीति में स्वागत है "

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  3. "टीम अन्ना का राजनीति में स्वागत है "
    इब्तिदाए इश्क है रोता है क्या ,आगे आगे देखिए होता है क्या ?जी हाँ आपने ठीक कहा है देश के ताऊ रामदेव नौ को दिल्ली पहुँच रहें हैं ..कुछ होगा ज़रूर ...
    वैसे भी टीम अन्ना का मकसद पूरा हो चुका है रिमोट राज नहीं चलेगा बोले तो मौन सिंह ...नहीं चलेगा .
    लिंक-6
    चल प्यारे केजरीवाल संसद में

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  4. अन्ना फेक्टर से असर ग्रस्त हो गया चर्चा मंच .अब मजा आयेगा सुर असुर संग्राम में ,आमरण भ्रष्ट रहने वालों और राष्ट्र विचार धारा के लोगों में ,सेकुलर सारे पाकिस्तान विचार धारा के लोग हैं खा गए देश को चारा समझके .

    अन्ना का निर्णय गलत है.

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  5. क्या काजल की कोठरी में बे दाग रह पायेगी अन्ना टीम -छोडो यार लाल बहुदुर शाश्त्री ब्रांड के लोग भी राजनीति में रहे हैं नीति से बिहार को शीर्ष पे लाने वाले नीतीश कुमार भी इसी राजनीति में हैं फिर ये तो अन्ना हैं ,किरण हैं ,केजरीवाल हैं .......प्रशांत भूषण जी हैं ...

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  6. मेरी पोस्ट को यहाँ लिंक करने के लिए आपका आभार !

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  7. बहुत अच्छी चर्चा... मुझे मेरी पसंद के कुछ बड़े ही प्यारे लिंक्स मिले... थैंक्स !!!

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  8. चर्चाओं का गर्म है, भैया अब बाजार |
    ओलम्पिक में हो रही, रोज फटाफट हार |
    रोज फटाफट हार, हार जंतर-मंतर में |
    असम पुणे बाजार, भरा भय खुब अंतर में |
    कांग्रेस की जीत, जरा ओलम्पिक जाओ |
    दिग्गी राहुल कपिल, गोल्ड मेडल ले आओ ||

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  9. लिंक - २१


    यादो को खुद यादकर,सुनता रहे अकेला
    रिश्ते सारे मतलब के,काहे पाले झमेला,,,,

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  10. लिंक - १९


    बड़ी मोहक छिड़ेगी जंग दीदी की मुहब्बत का।
    कलाई में सजेगा रंग दीदी की मुहब्बत का,,,,,

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  11. बहुत सुन्दर सूत्र और शानदार चर्चा

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  12. लिंक - ५


    राजनीति में आइये, स्वागत है श्री मान
    संसद में पहुचकर,फरमाइए फिर फरमान,,,,,

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  13. लिंक - १५


    जिंदगी अनुभवों से भरा, राह दिखाती रोज
    मंथन करते ज्ञान मिले,बढ़ती प्रतिदिन खोज.....

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  14. शानदार चर्चा.

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  15. विस्तृत चर्चा में कई बेहतरीन लिंक मिले !
    टीम अन्ना का राजनीति में स्वागत है

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  16. लिंक - १


    नायक से खलनायक,आज बन गए है अन्ना
    गाँव रालेगनसिद्धी जा के, बैठकर चूसे गन्ना,,,,

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  17. upyogee sanyojan. meree post ko shamil karne ke liye Dhanyawad...

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  18. बहुत सु्न्दर लिंक संयोजन

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  19. बहुत बढिया लिंक्‍स ...आभार

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  20. इकसठ सठ सेठा भये, इक सठ आये और |
    वा-सठ सड़-सठ गिन रहे, लेकिन करिए गौर |
    लेकिन करिए गौर, चौर की चर्चा चालू |
    किस के सिर पर मौर, दौर चालू जब टालू |
    लाखों भरे विभेद, चुनौती बहुत बड़ी है |
    दुर्जन रहे खरेद, व्यवस्था सड़ी पड़ी है ||

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  21. लिंक - ६


    राजनीती में उतरने का,अन्ना टीम का वायदा
    भाजापा को नुकसान, कोंग्रेस को इसका फायदा ,,,,,

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  22. बहुत सुंदर लिंक्स

    ( मंच पर लेखकों के ब्लाग का नाम भी शामिल हो जाता तो थोडा ब्लाग और लेखक की भी मार्केटिंग हो जाती, वैसे मंच का निर्णय ही अंतिम है)

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  23. शास्त्री जी
    नमस्कार !
    आपके स्नेह के लिए ...
    बहुत-बहुत आभार !

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  24. बहुत बढ़िया एवं विस्तृत चर्चा...
    अपनी रचना यहाँ पाकर बहुत खुशी हुई...
    आपका बहुत बहुत आभार शास्त्री जी.
    सादर
    अनु

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  25. आज हर जगह अन्ना ही अन्ना हैं.अन्ना का राजनीति में आने का फैसला अन्ना समर्थकों को दो भागों में बाँट गया.कुछ इसे गलत समझते हैं और कुछ सही.आज चर्चा मंच पर भी इसके बारे में लिंक हैं.जिनमे इसके बारे में अच्छी चर्चा की गई है.

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  26. बेहतरीन लिंक्स...रोचक चर्चा..आभार

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  27. बहुत सारे लिंक्स मिले...सभी अच्छे लगे...हिन्दी हाइगा को यहाँ स्थान देने के लिए आभार!!

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  28. कागज की नाव को चर्चा में लेने के लिए आपका शुक्रिया!

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  29. सारी पोस्टें एक से बढ़कर एक

    ---शायद आपको पसंद आये---
    1. Google Page Rank Update
    2. ग़ज़लों के खिलते गुलाब

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  30. विस्तृत और सारगर्भित बहुआयामी चर्चा |
    मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |
    आशा

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  31. सुन्दर चर्चा, सुन्दर सूत्र..

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  32. सार्थक चर्चा.....आभार !!

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  33. वाह, क्या बढ़िया चर्चा मंच सजाया है
    टिप्पणियों ने भी खूब रंग जमाया है.

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  34. बहुत ही उपयोगी व शानदार चर्चा

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  35. इस सफल चर्चा मंच के लिए आदरणीय रूपचन्द्र शास्त्री जी को सादर बधाई
    आज का यह अंक अन्ना फेक्टर से ग्रस्त रहा|अन्ना की सफलता असफलता
    पर आलोचना,समालोचना ने यही साबित किया है की जो है नाम वाला वही तो बदनाम है
    रविकर जी के दोहो ने ब्लागों को उपहार ही दिया है|छाया सन्नाटा ......वोटर भकुवा क्या करे .....हास्य एवं व्यंग से सुसज्जित थे| आदरणीय रूपचन्द्र शास्त्री जी के द्वारा प्रस्तुत केवल मक्कारी फलती है ......आजादी मुझको खलती है के द्वारा सर्वहारा वर्ग सामाजिक विषय निर्बल मजदूर की व्यथा ..मैकाले की कान्वेंट शिक्षा प्रणाली पर प्रहार मजेदार लगा
    सुशील जी के ..बाहर कर लिया/अब अंदर जायेंगे ..व्यंग ही व्यंग में बहुत कुछ कह दिया
    कागज की नाव बाल गीत बहुत प्यारे थे|
    चल केजरीवाल सांसद में व्यंगात्मक समालोचना रोचक है ZEAL JI के द्वारा कथन ..अन्ना का निर्णय गलत है आपका निर्णय सही लगा|आधा सच के द्वारा अधूरी क्रांति के हीरो को खलनायक बनाकर आधा सच साबित किया|
    अलबेला जी की गज़ल ने मन मोह लिया ...
    निरंतर की कलम ..एक आम आदमी की कविता है
    हंसने की कोशिस करते है...सुन्दर गज़ल है .
    भारत में इन्कलाब क्यों नहीं आता ..एक कटु सत्य को प्रदर्शित करती रचना है
    संजय हबीब जी के गीतों ने भाई बहन के रिश्तों के एहसास को भाव पूर्ण ढंग से प्रदर्शित किया है|.बचपन अधूरा सही बेचारा नहीं ...बहुत बढ़िया लगा
    बल्ले बल्ले सरकार रचना बेहतरीन है थैलीशाह शब्द नया परन्तु अच्छा प्रयोग रहा है
    गुल्लक की करामात बाल कहानी बहुत ही अच्छी थी
    आदरणीय धीरेन्द्र जी एवं आदरणीय रविकर जी एवं श्री वीरुभाई के कमेंट्स ने चर्चा मंच में चार चाँद लगा दिए .....रूपचन्द्र शास्त्री जी हार्दिक बधाई

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  36. बहुत सुन्दर चर्चा...पढ़ने का समय इस आधी रात को मिला ... बहुत सार्थक रहा आना.... बेहद सुन्दर लिंक्स .. मुझे चर्चा मे स्थान देने के लिए आपका आभार ... सादर

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  37. सुंदर चर्चा... बढ़िया लिंक्स...
    कल नहीं पढ़ पाया था व्यस्तता के चलते...
    सादर आभार।

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  38. आदरणीय शास्त्री जी अभिवादन ...बहुत सुन्दर चर्चा रही ..प्यारी रचनाएँ ...प्यारे गीत ..कार्टून ...तथा अन्ना की राजनीति का तरोताजा दृश्य चमका ....अच्छा लगा ..अपने ब्लॉग प्रतापगढ़ साहित्य प्रेमी मंच से आप ने

    राखी आई राखी आई
    भाई बहन के स्नेह बंध का यह त्यौहार अनोखा लाई
    रक्षा बंधन के अवसर पर चुना ..देख कर बड़ी ख़ुशी हुयी आशा जी को तथा आप को भी बधाई ...
    भ्रमर ५

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"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

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