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Tuesday, October 26, 2010

"ये कैसा करवाचौथ था?" (चर्चा मंच-320)

चर्चा मंच में आज प्रस्तुत है-
"शीर्षकों से शायरी"
जब चाँद जमीं पर उतर आया हो
नजाकत आ ही जाती है!
.... जो शमशान-यात्रा से हर्षमस्त लौटा ...,
नफासत छा ही जाती है!!
ऐसे करवाचौथ मनाओ :
नवगीतों से गगन गूँजाओ!
बिज़नेस का तगड़ा अनुभव..
अपने जीवन में अपनाओ!!
नींद की हथेली पर एक ख्वाब रख गए थे तुम! 
या कि मेरी उम्र का हिसाब रख गए थे तुम!!
ऐसे संयोग सबके जीवन में आते है.. ??
धन्यवाद मिहिर --..शुभकामनाएं
जुग- जुग जिए मेरा पिया ..
जब आत्मिक मिलन हो जाए.!
पथरीली राहों पर जैसे है नंगे पाँव सी जिंदगी !
मझधारों में गोते खाए है एक नाव सी जिंदगी !
हो गया मैं भी लखपति...!
..और भी फिल्में हुई हैं 50 की..!
बधाई तो ले ही लीजिए.
आपकी पोस्ट हैं बहुत काम की!!
हजारों समय काल गये बीत,
तब धरा पर सत्य आया है!
ये कैसा करवाचौथ ...था,
जिसने घिनौना चेहरा दिखाया है!!
"भारतीय संस्कृति की विशेषताओं को"
काला धब्बा लगाया है!
.......बलात्कारी से ज्यादा, 
पीड़ित महिला जिम्मेदार !
आपने तो इस रहस्य के प्रति
कर दिया है खबरदार!!
गन्डमूल नक्षत्र तथा उनका,
जीवन पर पडने वाला प्रभाव!
एक थे पंडित हरि किशन,
मगर यह नहीं हैं उनके भाव!!
क्‍या इस वर्ष आपके सर सेहरा बंधेगा ?? ..
हाथ पीले होंगे ?? 
सचमुच दूल्हे राजा
बहुत रंगीले होंगे!!
फिर छिड़ी बहस......... -,
महिलाओं की बजाए पुरूष ज़्यादा झूठ बोलते हैं!
कुरआन सब के लिए है,
धर्मग्रंथ हमेशा उन्नति का मार्ग खोलते हैं!!
नारदमुनि जी! एक दिन के महाराज!
50000 किलोमीटर की रेल यात्रा,
परख लिया गाँव, नगर और समाज!
कौन किसको गंगा में फेंक रहा है ,
छींटें और बौछारें!
गाँधी को ले आए अपने गाँव,
शायद वो ही देश को सँवारें!!
सिलवा दो माँ मुझे ऊन का मोटा एक झिंगोला!!
चलते- चलते
वाटेंड और दबंग जैसी फिल्मों में काम करने के अलावा 
फुटपाथ पर सोते हुए लोगों को अपनी कार से कुचलने की वजह से
बजा दिया है बिगुल
हो गई है चर्चा पूरी!
मिटाएँ अब दिलों की दूरी!!

20 comments:

  1. वाह ..

    अलग अंदाज में सुंदर चर्चा !!

    ReplyDelete
  2. वाह! वाह!! वाह!!!
    बहुत खूब ... सुंदर और नया अंदाज़!

    ReplyDelete
  3. बहुत खूब ... सुंदर चर्चा

    ReplyDelete
  4. करवा चौथ से सम्बंधित लिंक्स की अच्छी चर्चा ...
    चर्चा में शामिल किये जाने का आभार ...!

    ReplyDelete
  5. .

    यूँ वक्त नहीं है आजकल किसी के पास

    पर हर कोई वक्त को गंगा में फेंक रहा है

    और

    नारद मुनि जी का व्यंग बहुत बढ़िया लगा।

    सुन्दर चर्चा। बहुत सुन्दर मोती पिरोये आपने।

    आभार।

    ..

    ReplyDelete
  6. धन्यवाद शास्त्री जी ... आज मेरी पोस्ट को आप यहाँ लाये... बहुत सुन्दर .. पर सर लिंक के पीछे तो पोस्ट है ही नहीं... ऐसा क्यों हुवा... शास्त्री जी धन्यवाद .. इसे आप ठीक कर देंगे..

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  7. बडा मस्त अन्दाज़ रहा आज की चर्चा का तो……………मज़ा आ गया………………ये अन्दाज़ भी बहुत भाया।

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  8. कोई पोस्‍ट ही नहीं लगाई थी
    तो जिक्र कहां से होता
    सबका जिक्र ही बना मेरे लिए
    मन की अपार खुशियों का सोता।
    हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग खुशियों का फैलाव है

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  9. सुन्दर चर्चा की आपने...

    बहुत अच्छे लिंक दिए...आभार !!!

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  10. @डॉ. नूतन गैरौला जी!
    आपका लिंक तो है!
    --
    *मुझे एक लतीफा सुनाया है!!
    ये कैसा करवाचौथ था,
    जिसने घिनौना चेहरा दिखाया है!!
    --
    पूरी पोस्ट तो लोग आपके ब्लॉग पर ही जाकर पढ़ेगे!

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  11. डॉ. नूतन जी!
    आज की चर्चा में जहाँ आपकी पोस्ट लिखी है,
    उस पर क्लिक कीजिए ना!
    आपकी पोस्ट खुल जायेगी!

    ReplyDelete
  12. Sameer Lal मुझे
    विवरण दिखाएँ ६:४५ अपराह्न (1 घंटे पहले)
    http://charchamanch.blogspot.com/2010/10/blog-post_26.html#comments

    इस पर कमेंट नहीं जा रहा, आप लगा दिजिये:


    ’ ये भी खूब जमा अंदाज चर्चा का शास्त्री जी, आनन्द आ गया’

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  13. meri post ko charcha manch me shamil karne ke liye Shastri ji dhanyvaad..

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  14. अलग अंदाज़ की चर्चा ....अच्छी प्रस्तुति

    ReplyDelete
  15. वाह वाह गुरु का बताएं जमा दियें हैं आप तो ...
    धन्यवाद........
    http://nithallekimazlis.blogspot.com/

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