Followers

Sunday, March 20, 2011

रविवासरीय चर्चा (20.03.2011)

नमस्कार मित्रों!

मैं मनोज कुमार एक बार हाज़िर हूं रविवासरीय चर्चा के साथ।

आज तो होली है। तो सबसे पहले थोड़ा रंग गुलाल हो जाए!

clip_image001[4]


आइए अब आज की चर्चा शुरु करते हैं।



धी जन्मी / जन्मी बिटिया
clip_image002[4]

धी पिछों धी जमी कुख कसूरवार
अदिख ज़िमेवार !
धी जनमी औरत दोशां भागी
असली दोशी बागी !

सबका होली कै सुभकामना !! .. “ दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी ....... ” ( कंठ : पं. छन्नू लाल मिसिर )

clip_image004[4]

लखि सुन्दर फागुन छ्टा के

मन से रंग गुलाल हटा के

चिता भस्म भरि झोरी ..

..
दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी ..

गोप न गोपी स्याम न राधा

न कोई रोक न कौनौ बाधा

न साजन न गोरी ..

..
दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी ..

भूतनाथ की मंगल होरी

देखि सिहाँय बिरिज कै छोरी

धन धन नाथ अघोरी ..

..
दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी

देखो आयी होली

clip_image005[6]

बौराया आम्र, मंजरी झूल रही गर्वीली

हवा फागुनी मस्त हुई बिखरी सुवास नशीली !

मोहक, मदमाता मौसम खिली पलाश की डाली

धूम मचाती, रंग उड़ाती देखो आयी होली !

बही बयार बड़ी बातूनी बासंती रसीली

बजे ढोल, मंजीरे खड़के, नाच उठी शर्मीली !

व्यंग्य : रंग तरह तरह के ...

clip_image006[6]

आज होली का पर्व है और बुराई पर अच्छाई की विजय होगी .आज प्रेम की पींगे आपस में भाईचारा का इजहार करेगी और एक दूसरे पर रंग गुलाल की बौछार करेगी . रंगों के पर्व पर रंग भी सर चढ़कर बोलते हैं . लाल पीले हरे गुलाबी और रंगों के अलावा इस समय देश में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी भाई भतीजावाद, आतंकवाद, मिलावट खोरी, घोटाले और मंहगाई के रंग सब जगह अपनी गहरी रंगत जमा रहे हैं पर कम होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं और इनका पक्का रंग छूटने का नाम ही नहीं ले रहा है .

प्रफुल्ल कुमार परवेज़

clip_image007[6]

वो बेहिसाब है तन्हा तमाम लोगों में
जो आदमी है सरापा तमाम लोगों में
तू झूठ, सच की तरह बोलने में माहिर है
अज़ीम है तेरा रुतबा तमाम लोगों में
ख़ुदी की बात लबों पर ज़रा-सी क्या आई
मैं घिर गया हूँ अकेला तमाम लोगों में

होली की बधाई और शुभकामनाएँ

clip_image008[6]

होली पर हमें
उनका व्यवहार
बहुत भाता है
हमारा खर्चा बच जाता है
क्योंकि
उनके चेहरे पर
रंग डालने से पहले ही
उनका चेहरा
गुस्से से लाल हो जाता है।

कार्टून: इन बेचारों का अगले ५० साल तक कुछ नहीं होना.

clip_image009[7]

हिंद के गुलशन में जब आती है होली की बहार - नज़ीर अकबराबादी

हिंद के गुलशन में जब आती है होली की बहार

ज़फिशानी चाही कर जाती है होली की बहार

एक तरफ से रंग पड़ता, एक तरफ उड़ता गुलाल

ज़िन्दगी की लज्जते लाती है, होली की बहार

ज़ाफरानी सजके चीरा आ मेरे शाकी शिताब

मुझको तुझ बिन यार तरसाती है होली की बहार

युवा हैं नशीली दवाओं की गिरफ्त में

छात्रों में नशीली दवाओं के सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता का विषय बनती जा रही है और इसे रोकने के प्रयासों को तेज करने की जरूरत है। पिछले कुछ बरसों में स्थिति काफी बिगड़ी है और इस प्रवृत्ति को रोकने के प्रयासों में तेजी लानी होगी। छात्रों को इस तरह की दवाएं बेचा जाना आंतरिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर समस्या है। पार्टियों में नशीली दवाओं का खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है। कोकीन और नशीली दवाओं का प्रचलन बढऩा इस बात का संकेत है कि इसे रोकने के प्रयास नाकाफी रहे हैं।

बुरा न मानो ....होली है....

clip_image011

आज चारों और मचा इक शोर है

यहाँ के ब्लागेर्स मैं बड़ा जोर है

सलाह देते हैं अपने ब्लाग पे आने की

न पहुंचे , खबर लगती है ,
बुरा मान जाने की  

क्यों हुआ नाराज़ ये सबसे

कुछ कहा न जाये  हमसे

आ गये हम जिस जहां से निकल के

आते रपट गये ,गिर गये यहाँ  फिसल के ||

बेटी तो अंगूर की घर के अंदर मिलती है [होली पर विशेष] - मोईन शम्सी

अपना हर इक यार तो खाया-खेला लगता है,
माल मेरा कटता उनका ना धेला लगता है।
जितने पियक्कड़ फ़्रैंड्स हैं डेली आन धमकते हैं,
शाम ढले इस सूने घर में मेला लगता है।
बेटी तो अंगूर की घर के अंदर मिलती है,
अंडों और नमकीन का बाहर ठेला लगता है।

होली की शुभकामनाएं

clip_image013

इस होली पर आपके गालों तक मेरी ओर से भी जरा सा गुलाल पहुंचे
रंगों का ये त्यौहार आपके और आपके परिवारजनों के लिए खुशियों के नए रंग लाये
हैप्पी होली

क्या ये फिल्में हमें आइना दिखा रही हैं ?

आजकल फिल्मों को लेकर खासे प्रयोग शुरू हो चुके हैं हालाँकि ऐसे प्रयोग करने वाले प्रयोगधर्मी निर्देशकों को पारंपरिक फ़िल्मी दुनिया में सम्मान नहीं दिया जा रहा है. इसके पीछे उनका डर भी हो सकता है और जलन भी.

कार्टून:- चन्दू, मैंने सपना देखा, लाए हो तुम नया कलेण्डर

clip_image014[4]

आप को होली शुभ हो -----यादे दिल को बहुत सकूँ देती है

clip_image016

बचपन की एक यादगार होली बचपन की यादे दिल को बहुत सकूँ देती है होली के दौरान बच्चो की सरारत कुछ जयादा बढ़ जाती है घरो मैं भी चहल पहल का माहोल होता है बच्चे कुछ जयादा ही सरारती होते है होली की तरंग मैं पता नहीं किया किया हो जाता है एक बार होली वाले दिन सब होली की मस्ती मैं मस्त थे हम भी अपने टोली के साथ मस्त थे नशा क्या होता है नसे का क्या सरुर होता है क्या मस्ती होती है यह पहली बार  उस दिन पता चला  बस गलती से एक ढक्कन उस दिन पी थी आज तक उसका नशा है मस्ती है तरंग है होली के दिन एक बार अपना बचपन याद आ ही जाता है  बस आज इतना ही---------आप को होली शुभ हो

clip_image017

"होली का त्यौहार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")...

clip_image019

होली में चेहरा हुआ, काला, पीला-लाल।

श्यामल-गोरे गाल भी, हो गये लालम-लाल।१।

महके-चहके अंग हैं, उलझे-उलझे बाल।

होली के त्यौहार पर, बहकी-बहकी चाल।२।

हुलियारे करतें फिरें, चारों ओर धमाल।

होली के इस दिवस पर, हो न कोई बबाल।३।

दुर्योधन की डायरी - पेज २०१२

clip_image020[4]

कल होली है. होनी भी चाहिए. इसी महीने में तो होती है. सावन में नागपंचमी होती है और उसके बाद छट. ऐसे में होली इसी महीने में आकर झमेला ख़त्म करे, सबके लिए यही अच्छा है. लेकिन पता नहीं क्यों जब भी होली आती है तो मुझे खुद के अभागे होने का ख्याल मन में आता है. ऐसा न कहूँ तो और क्या कहूँ? सबसे बड़ा भाई होने का सबसे बड़ा डिसएडवान्टेज ये है कि भौजाई की कमी खलती है. और ऐसी-वैसी नहीं, बहुत खलती है.

होलिका दहन: आप भी इसके गुनहगार तो नहीं ?

clip_image022

जब पूरा देश रंगों में सराबोर होने से पहले होलिका दहन का मजा लेता है, तो वो एक करोड़ पेड़ों के सामूहिक राह संस्‍कार में शामिल हो रहा होता है। टॉक्सिक लिंक की विशेषज्ञ डॉ0 रागिनी शर्मा के अनुसार, इसमें कोई संदेह नहीं कि 50 लाख होलिकाएँ हर साल जलती होंगी। यदि पर्यावरण मंत्रालय की परिभाषा देखें तो इतने पेड़ों के कटने का मतलब है 300 हेक्‍टेयर वन क्षेत्रफल का साफ हो जाना।

गिरिजेश राव - सतीश पंचम..... चैट लीक :)

clip_image024

girijeshrao:  Status message : रोज लोग तुम्हारी याद दिलाने लगे हैं, क्या करूँ? ... कभी कहा था तुमने कि मेरा नाम भी अब न लेना। मैंने तो सब कुछ जाहिर कर दिया... इसीलिये तुम्हें खो बैठा? ... नहीं, ग़लत हूँ, तुम्हें कभी खो नहीं सकता...
satish: ये साहिर लुधियानवी की आत्मा किधर गिरिजेश नखलवी के भीतर घुस गई म्याँ
कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है
जिंदगी नर्म छांव हो....न न धूप हो
और कोई पीछे पड़ गई हो
मय सैंडल सहित
कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है :)
girijeshrao: अमाँ लोग उर्मि पर लिखने की फरमाइशें करने लगे हैं... क्या करूँ?

जल बिन भर पिचकारी कैसे खेलें होली ........

clip_image025[4]

'जल की एक-एक बूँद कीमती है, 'जल बचाओ' , जंगल बचाओ' , जल ही जीवन है' बिन पानी सब सून' - ये उक्तियाँ अब मात्र नारे नहीं बल्कि जीवन की आवश्यकता बन गई हैं. जल संसाधनों के अत्यधिक दोहन से जल-आपूर्ति आज के युग की गंभीर समस्या बन गयी है. अब वातानुकूलित कमरों में बैठकर बैठक, सेमिनार में पानी की तरह पैसा बहाते हुए मिनरल वाटर और चाय-कॉफ़ी की चुस्कियों के साथ गंभीर मुद्रा में बड़ी-बड़ी बातें, घोषणाएं और वायदों करने वालों की खबर लेने के लिया सबको आगे आना ही होगा. बिना एकजुट होकर जागरूक न होने से इस समस्या से निजात नहीं मिल सकती है.


आज बस इतना ही। अगले हफ़्ते फिर मिलेंगे। तब तक के लिए

हैप्पी ब्लोगिंग!

हैप्पी होली।

clip_image001[6]

27 comments:

  1. होली मुबारक, बहुत
    सुन्दर कलेक्शन के लिए आभार।

    ReplyDelete
  2. मनोज कुमार जी!
    होली की चर्चा बहुत बढ़िया रही!
    बहुत सुन्दर रचना!
    आपको पूरे परिवार सहित होली की बहुत-बहुत शूभकामनाएँ!

    ReplyDelete
  3. होली की बहुत-बहुत शूभकामनाएँ!

    ReplyDelete
  4. होली की हार्दिक बधाई सभी को.

    ReplyDelete
  5. मनोज जी आज की रंगारंग चर्चा करने के लिए धन्यवाद...होली पर्व के अवसर पर आप और सभी चर्चा मंच के चर्चाकारों को शुभकामनाएं और बधाई साथ ही समयचक्र की पोस्ट को सम्मिलित करने के लिए आभारी हूँ . ...

    ReplyDelete
  6. बहुत सुन्दर होली की रंगारंग ज्ञानवर्धक और जागरूकता भरी प्रस्तुति और इस चर्चा में मुझे शामिल करने के लिए बहुत बहुत आभार .
    आपको और सभी को सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  7. मालामाल हो रहे हैं हिन्‍दी ब्‍लॉगर
    प्रिंट मीडिया और सरकार दे रही है माल
    अपना नाम लिखा लीजिए
    वरना ढूंढते रहेंगे रूमाल

    सरकार और प्रिंट मीडिया ने हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग की उपयोगिता को समझ लिया है : मालामाल होने वाले हैं हिन्‍दी ब्‍लॉगर


    ReplyDelete
  8. आपको और आपके परिवार में सब को होली की बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं !

    ReplyDelete
  9. आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  10. होली के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभ कामनाएं |
    आशा

    ReplyDelete
  11. Happy Holi
    May this festival brings many happiness in your life
    Reagards.

    ReplyDelete
  12. वाह आज की होलीमय चर्चा भी खूब रही.

    ReplyDelete
  13. बहुत अच्छी रही होलीमय चर्चा ...अच्छे लिंक्स ...आभार

    ReplyDelete
  14. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  15. आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएं और रंगारंग चर्चा करने के लिए धन्यवाद.सुन्दर कलेक्शन.

    ReplyDelete
  16. होली की हार्दिक शुभकामनायें
    manish jaiswal
    Bilaspur
    chhattisgarh

    ReplyDelete
  17. हैप्पी होली

    मेरी चीव चीव चिरैया ......My Friend Sparrow
    http://rimjhim2010.blogspot.com/2011/03/my-friend-sparrow.html

    ReplyDelete
  18. padhne ko utsahit karti holi ki charcha.

    sab bloggar mitron ko holi ki rang bhari badhayi.

    ReplyDelete
  19. सभी पाठकों का आभार!
    हैप्पी होली!

    ReplyDelete
  20. होली पर्व की घणी रामराम.

    रामराम.

    ReplyDelete
  21. होली पर्व की घणी रामराम.

    रामराम.

    ReplyDelete
  22. चर्चा मंच के सभी लेखकों और पाठको को होली की बहुत बहुत शुभकामनाये ।

    ReplyDelete
  23. बहुत सुन्दर चर्चा मनोज जी... होली कैसी रही..? शुभकामनाएँ

    ReplyDelete
  24. होली रंगोली सी चर्चा.

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

विदेशी आक्रमणकारी बड़े निष्ठुर बड़े बर्बर; चर्चामंच 2816

जिन्हें थी जिंदगी प्यारी, बदल पुरखे जिए रविकर-   रविकर     "कुछ कहना है"   (1) विदेशी आक्रमणकारी बड़े निष्ठुर बड़े बर्...