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Monday, March 28, 2011

हसरत ही रही दिल मे……………चर्चा मंच्…………468

नमस्कार दोस्तों
स्वागत है आज की चर्चा में
आइये सीधे चलते हैं 
चर्चा की ओर  




 बिलकुल सही बात 

 ये भी पता होने चाहिए  

 कब क्या हो जाता है

 और मैं तुझमे


 मेरी खुदा 


 
 क्या न कराये
 खुद ही पढ़िए 


लीजिये भाग इसमें 


 होता है कभी कभी ऐसा भी 


 जब तक भ्रष्टाचारी रहेंगे 
 इसी तरह कोई मिला करता है 


 अनमोल है 

 
जीवन के द्वन्द 



तो फिर क्या कह पाएंगी  


 मौला रे 
खुदा रे 
 जानो इन्हें भी
अपनी कहानी आप कहती है 
 जो खुद दूसरों को सहारा देती है
उसे कौन सहारा दे सकता है
 
 जरूर देखेंगे 

ये तो ठीक बात नहीं 
तब कौन सा हसरतों को मुकाम मिलता 
 तुमने किया कला का दुरूपयोग है 
एक अहसास 
एक वजूद 


चलिए दोस्तों आज
छोटी सी चर्चा से ही
काम चलाइए
फिर मिलेंगे 
 

16 comments:

  1. बढ़िया चर्चा

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  2. सभी लिंक्स ज्ञानवर्धक हैं ..आपका आभार

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  3. उम्दा चर्चा.
    सारे लिंक्स अभी पढ़ने बाकी है. मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए आभार.

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  4. आपके दिए लिंक पढ़ रहा हूँ !! शुभकामनायें!

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  5. आज की चर्चा में बहुत बढ़िया लिंकों का समावेश किया है आपने!

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  6. .

    वंदना जी ,

    इस बेहतरीन चर्चा के लिए आभार । दिए गए सभी लिंक्स पढ़ डाले , आनंद आ गया । और जब हम पढ़ते हैं तो टिपण्णी लिखने की गुस्ताखी ज़रूर करते हैं । यदि कोई लिंक छूट गया हो तो क्षमाप्रार्थी हूँ।

    .

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  7. मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए आभार.. vandanaji ... kafi dilchasp charcha bhari post padhne ko mili bahut sare acche links aur jankari bhari post.. umda

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  8. बढ़िया चर्चा, बेहतरीन लिनक्स !

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  9. बेहतरीन चर्चा ...सारे लिंक्स देख लिए ...मेरी रचना को लेने के लिए आभार

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  10. हमेशा की तरह बढ़िया चर्चा बेहतरीन लिंक्स.

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  11. पता नहीं क्यों आज मुझे बहुत खाली-खाली सा लगा। लगा वादियॉ तो हैं लेकिन कुछ फूल कम हैं, बादल भी उम्मीद सा आसमान में छाया है। चर्चाएं तो हमेशा बढ़िया होती हैं इसमें भला कहॉ कमी रहती है पर जब दिल मांगे मोर तो क्या करें। बस इतनी सी मेरी बात है।

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  12. बहुत सुन्दर चर्चा मंच सजाया है आज आपने ! पनी रचना को इसमें देख कर जिस सुखानुभूति का अनुभव हुआ है वह व्यक्त कर पाना असंभव है ! इसके लिये आपका बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार ! आपका चयन सदैव बेहतरीन होता है ! साभार

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  13. अच्छे लिंक्स के लिए शुक्रिया .
    एक नया शब्द 'चर्चाकारा' देखकर अच्छा लगा .
    http://pyarimaan.blogspot.com/2011/03/blog-post_28.html

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  14. वंदना जी ,
    बहुत बढ़िया चर्चा....मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए आभार

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  15. 'प्रोपर्टी' को शामिल किया.शुक्रगुजार हूँ. जन्मदिन की बधाई और शुभकामनायें ले लो भई जरा देर से आई.क्षमा चाहती हूँ.
    अच्छी रचनाओ और ब्लोग्स तक पहुँचने के लिए ये एक सार्थक प्रयास है आपका.प्यार

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