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Tuesday, August 09, 2022

"कान्हा इक उज्ज्वल प्रकाश सा" ( चर्चा अंक-4516)

 सादर अभिवादन 

आज की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है

(शीर्षक और भुमिका आदरणीया अनीता जी की रचना से)

कान्हा इक उज्ज्वल प्रकाश सा  

राह दिखाता मानवता को, 

चुरा लिया नवनीत हृदय का  

ओढ़ लिया उर सुंदरता को !

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कान्हा जी की कृपा से अब हमारे शास्त्री सर 

बिल्कुल स्वस्थ है ।

हमारी यही कामना है कि वह बहुत जल्द 

चर्चा मंच पर फिर से सक्रिय हो जायें।

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परमात्मा हमें सद्बुद्धि दे
इसी प्रार्थना के साथ चलते हैं आज की कुछ खास रचनाओं की ओर...
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"अब मेरी तबियत ठीक है"

 (जीवन के संग्राम में, होना नहीं निराश)

जब तक प्राण शरीर मेंसभी मनाते खैर।

धड़कन जब थम जाय तोहो जाते सब गैर।।

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बहते निर्झर ही करेंकल-कल शब्द निनाद।

कर्मों से ही व्यक्ति कोरक्खा जाता याद।।

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कान्हा इक उज्ज्वल प्रकाश सा

घन श्याम गगन में छाए जब 

घनश्याम हृदय में मुस्काए, 

वन प्रांतर में धेनु झुंड लख

बरबस याद वही आ जाए !

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हम जैसा कोई नहीं


 

यदि होती  दृढ़ता  मुझ में  तुम में 

कोई गला नहीं पकड़ता बिना बात 

सारी शिकायतें  दूर होती  चुटकी में |

जान गई हूँ डरने से कोई लाभ न होता 

हिम्मत से तार  जुड़ते जाते है 

कोई उंगली उठा नहीं सकता 


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सीखना क्या है

जैसे ही उन्हें लिंक भेजा उन्होंने तुरंत अपने टीम के जूनियर्स को ग्रुप काल किया | अभी एक लिंक भेजा हैं उसे जरा ध्यान से देखो और सीखो कैसे प्रजेंटेशन बनाते हैं , कैसे स्क्रीन को यूज करते है ,  कैसे उसे इंट्रेस्टिंग बनाते हैं |  तुम लोगों का प्रजेंटेशन देख कर मुझे शर्म आ जाती हैं |  मुंबई की नाक कटा देतें हो ,  बैंगलोर वालों को देखो कितना अच्छा करते हैं वो | अब तो सामने भी नहीं बोलना हैं फिर क्यों घबराते हो ब्ला ब्ला उनका आधे घंटे तक चलता रहा

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कई बार  बच्चे पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन पाठ्यक्रम की पुस्तकें खोलते ही उन्हें नींद आने लगती है।  पढ़ाई बोरिंग लगती है, वे ध्यान लगाकर पढ़ नहीँ पाते या जो भी पढ़ते हैं वह भूल जाते हैं। 

इस वीडियो में हम बात कर रहे हैं उन तरीकों की जिन्हें अपनाकर छात्र पढ़ाई को आसान बना सकते हैं।

आइए चर्चा करते हैं कुछ जरूरी बिन्दुओं  पर  जैसे पढ़ाई के नोट्स कैसे बनाएं,  खुद को विषय के साथ कैसे जोड़ें  और पढ़ाई उबाऊ लगने लगे तो क्या करें ? इत्यादि 

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कलात्मकता व अश्लीलता में फर्क पर क्या कहता है कानून?अश्लीलता के मामले में क्या है कानून
कानूनी जानकारों के मुताबिक आईपीसी में और आईटी एक्ट में अश्लीलता करने या फैलाने वालों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर केस चलाने का प्रावधान है। आईपीसी की धारा-292, 293, 294 के अलावा आईटी एक्ट -67 व 67ए के तहत केस दर्ज हो सकता है। एडवोकेट मनीष भदौरिया ने कहा कि आईपीसी की धारा-292 के तहत प्रावधान है कि अगर कोई शख्स किसी तरह की अश्लील सामग्री, किताब आदि बेचता है या बांटता है तो ऐसे मामले में दोषी पाए जाने पर पहली बार में 5 साल तक कैद हो सकती है। 
----------अथ श्री श्वान कथायह एक मौलिक और सरभौमिक विचारधारा है। असल में कुछ खास प्रजाति के लोगों में श्वान पालने की प्रवृत्ति होती है। यह आसान भी नहीं होता। श्वान को लाड़ प्यार, भोजन भात, विचारधारा और धर्म की खुराक नियमित देनी होती है। और हां, श्वान के गले में पट्टा भी बहुत जरूरी है। तभी तो मालिक होने का अहसास होता रहेगा। पट्टे का रंग सफेद, लाल, हरा, नीला, पीला, भगवा, कुछ भी हो सकता है। अब श्वान के गुणों की व्याख्या भी जरूरी है। वैचारिक और धार्मिक खुराक से श्वान को आदमी बना सकते है और आदमी को श्वान भी! तब फिर श्वान के लिए इशारा ही काफी होता है। 

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आज का सफर यहीं तक, अब आज्ञा दीजिए
आपका दिन मंगलमय हो
कामिनी सिन्हा 

9 comments:

  1. शुभकामनाओं के संग हार्दिक आभार आपका
    –प्रस्तुति में कृपया निरीक्षण कर लें जहाँ पर शाहरुख खान की तस्वीर लगी है

    सादर

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    Replies
    1. गलती को सुधार लिया, ध्यान दिलाने के लिए हृदयतल से धन्यवाद दी

      Delete
  2. सार्थक चर्चा प्रस्तुति।
    आपका आभार कामिनी सिन्हा जी।
    शनिवार की चर्चा मैं लगाऊँगा।

    ReplyDelete
  3. सुप्रभात! लघु किंतु सार्थक चर्चा, बहुत बहुत आभार एक बार फिर 'मन पाए विश्राम जहाँ' को स्थान देने हेतु !

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  4. उम्दा चर्चा।

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  5. बहुत बहुत धन्‍यवाद कामिनी जी, मेरी पोस्‍ट को साझा करने के लिए। वैसे चर्चामंच के एडमिन की मेहनत की दाद देनी होगी कि आप लोगों के प्रयासों ने हमें अच्‍छे पाठक, लेखक और तो और बेहद उम्‍दा रचनाओं से रूबरू कराया, इसके लिए आभार

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  6. बहुत सुंदर चर्चा प्रस्तुति

    ReplyDelete
  7. विविधता लिए सुंदर लिंक्स।
    सभी रचनाएं पठनीय सुंदर।
    सभी रचनाकारों को बधाई।
    सुंदर संकलन।
    सादर सस्नेह।

    ReplyDelete
  8. विविधता लिए सुंदर लिंक्स।
    सभी रचनाएं पठनीय सुंदर।
    सभी रचनाकारों को बधाई।
    सुंदर संकलन।
    सादर सस्नेह।

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